- इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 11 लोगों की मौत और 212 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं.
- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मृतकों के परिवारों को दो लाख रुपये मुआवजा और मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया.
- मंत्री ने कहा कि गंदे पानी का स्रोत पता चल गया है और सरकार ने पानी उबालकर पीने का आग्रह किया है.
Indore Contaminated Water Case: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से हड़कंप मच गया है. अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 212 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं. पीड़ित परिवारों का कहना है कि मौतें गंदा पानी पीने से हुई हैं, लेकिन सरकार इस कारण को मानने से बच रही है. इस बीच, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान सामने आया है कि कुछ मौतें नेचुरल हुई हैं.
मंत्री का बयान और राहत की घोषणा
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वह मौतों की संख्या पर टिप्पणी नहीं कर सकते. उन्होंने आश्वासन दिया कि मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये दिए जाएंगे और सभी मरीजों का मुफ्त इलाज होगा. उन्होंने बताया कि पांच एम्बुलेंस तैनात की गई हैं और अरविंद हॉस्पिटल व एमवाई हॉस्पिटल में 100-100 बेड का इंतजाम किया गया है. बच्चों को चाचा नेहरू हॉस्पिटल भेजा गया है.
गंदे पानी का स्रोत मिला, स्थिति सामान्य करने की कोशिश
मंत्री ने कहा कि गंदे पानी का स्रोत पता चल गया है और उसे ठीक किया जा रहा है. उन्होंने लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी. सरकार ने 50 टैंकर लगाए हैं और नर्मदा का पानी सप्लाई किया जा रहा है. हर घर में क्लोरीन भी बांटी गई है.
#WATCH | Indore, Madhya Pradesh | Four people died in Indore due to contaminated water, and more than 149 people have been hospitalised.
— ANI (@ANI) January 1, 2026
Madhya Pradesh minister Kailash Vijayvargiya says, "I cannot comment on the number of deaths at this time... However, we will provide Rs 2… pic.twitter.com/Xr27OI2IYB
मौतों की आधिकारिक और अनौपचारिक सूची
अब तक प्रशासन ने केवल 4 मौतों की पुष्टि की है, जबकि पीड़ितों के परिजनों के अनुसार 11 लोगों की जान गई है.
- नंदलाल पाल 75 वर्ष
- उर्मिला यादव 60 वर्ष
- उमा कोरी 31 वर्ष
- मंजुला 74 वर्ष
- ताराबाई कोरी 70 वर्ष
- गोमती रावत 50 वर्ष
- सीमा प्रजापत 50 वर्ष
- संतोष बिगोलिया
- जीवन लाल बरेडे 80 वर्ष
- अव्यान साहू 5 माह
- शंकर भाया 70 वर्ष
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मीडिया के सवाल पर मंत्री का गुस्सा
दूषित पेयजल कांड को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान विजयवर्गीय ने कुछ देर तक संयत होकर सवालों के जवाब दिए. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि भागीरथपुरा क्षेत्र के कई मरीजों को निजी अस्पतालों को चुकाए गए बिल का भुगतान नहीं मिला है और इस इलाके के नागरिकों के लिए पीने के पानी की ठीक व्यवस्था नहीं की गई है, तो वह अचानक बिफर गए.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता ने मीडिया के कैमरों के सामने इस सवाल पर आपा खोते हुए कहा, ‘‘छोड़ो यार, तुम फोकट (फालतू) प्रश्न मत पूछो.'' इस बात पर NDTV के संवाददाता और विजयवर्गीय के बीच बहस हो गई जिसके बाद काबीना मंत्री ने आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया.
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