Weather Change Affect Health : सितंबर शुरू हो चुका है, इस महीने में मौसम में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव देता जाता है. अचानक मौसम में होने वाले बदलावों की वजह से लोग काफी ज्यादा बीमार पड़ते हैं. दरअसल, मौसम में बार-बार उतार चढ़ाव की वजह से हमारी इम्यून पावर कम होने लगती है, जिसकी वजह से वायरस, बैक्टीरिया या एलर्जी से जुड़ी परेशानियां काफी ज्यादा बढ़ने लगती है.
बदलते मौसम की वजह से होने वाली समस्याओं को अक्सर लोग इग्नोर कर देते हैं, यही लापरवाही बाद में लंबे समय तक बीमारी का कारण बन सकती है. ऐसे में बदलते मौसम में होने वाली परेशानियों को इग्नोर करने से बचें. अगर मौसम बदलने के दौरान शरीर कुछ संकेत दे रहा है, तो उन्हें समय रहते पहचानना और जरूरी सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है. यहां जानते हैं इन लक्षणों के बारे में-
लगातार जुकाम और नाक बंद रहना
मौसम बदलने के साथ सर्दी-जुकाम की परेशानी काफी ज्यादा आम है, लेकिन अगर आप लगातार नाक बंद की परेशानी के साथ-साथ बार-बार छीकें और गले में खराश की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो ये वायरल इंफेक्शन का संकेत हो सकता है. ऐसे में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.
लगातार खांसी को न करें इग्नोर
अगर आपको लगातार 2 से 3 दिनों तक खांसी हो रही है, तो इसे इग्नोर न करें. अक्सर लोग ऐसे लक्षण को मौसमी परेशानी समझकर इग्नोर कर देते हैं, जो गंभीर हो सकती है. खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अगर बार-बार खांसी हो रही है, तो फौरन डॉक्टर की मदद लें.
बार-बार बुखार आना
मौसम बदलने के दौरान वायरल फीवर के मामले बढ़ जाते हैं. अगर हल्का बुखार बार-बार आ रहा है या शरीर में कमजोरी और दर्द महसूस हो रहा है, तो येकिसी संक्रमण का शुरुआती संकेत हो सकता है. कई लोग बुखार की दवा लेकर इसे दबा देते हैं, लेकिन बार-बार बुखार आना शरीर के लिए चेतावनी हो सकता है. ऐसे में सही जांच और इलाज जरूरी है.
थकान और कमजोरी बने रहना
अगर पर्याप्त नींद और आराम के बावजूद शरीर में थकान और कमजोरी जैसा महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर की मदद लें. दरअसल, मौसम में बदलाव की वजह से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, लेकिन लगातार कमजोरी इंफेक्शन, डिहाइड्रेशन या पोषण की कमी का भी संकेत हो सकती है. ऐसे में संतुलित आहार लें और पर्याप्त नींद भी लेना जरूरी है.
स्किन और आंखों की एलर्जी
मौसम बदलने पर हवा में मौजूद धूल, पराग कण और अन्य एलर्जेंस बढ़ सकते हैं. इसके कारण आंखों में खुजली, लालपन, पानी आना या त्वचा पर रैशेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर इस तरह की परेशानी बार0बार हो रही है, तो इसे इग्नोर करने से बचें.
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