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पेशाब में जलन को 'पानी कम पिया' समझकर टाल रहे हैं? कहीं ये UTI तो नहीं

शरीर खराब होने से पहले देता है छोटे-छोटे संकेत, थकान से लेकर टॉयलेट रूटीन में बदलाव तक. बार-बार पेशाब आना या जलन UTI का लक्षण हो सकता है, जानें इसे नजरअंदाज क्यों नहीं करना चाहिए.

पेशाब में जलन को 'पानी कम पिया' समझकर टाल रहे हैं? कहीं ये UTI तो नहीं
कैसे पता चलेगा कि यूटीआई गंभीर है?
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क्या आपने कभी गौर किया है कि हमारी तबीयत खराब होने से ठीक पहले शरीर हमें चुपचाप कई इशारे देने लगता है? हम अक्सर इन छोटी-मोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जैसे अचानक से बहुत ज्यादा थकान महसूस होना, खाने की इच्छा खत्म हो जाना या पेट का अचानक गड़बड़ हो जाना, लेकिन सच तो यह है कि हमारा शरीर अंदर ही अंदर हमसे बात करने की कोशिश कर रहा होता है. इसी तरह, टॉयलेट जाने के रूटीन में आने वाला जरा सा बदलाव भी एक बहुत बड़ा इशारा हो सकता है, जिसे समझना बेहद जरूरी है.

 जानें क्या है यूटीआई?

अगर पिछले कुछ दिनों से आपको पेशाब करते वक्त तेज जलन महसूस हो रही है, बार-बार टॉयलेट भागना पड़ रहा है, या फिर ऐसा लगता है कि पेट अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है, तो इसे भूलकर भी मामूली बात न समझें. कई बार ऐसा कम पानी पीने की वजह से होता है, लेकिन हर बार कारण इतना साधारण नहीं होता. यह 'यूटीआई' यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का संकेत भी हो सकता है.

सीधी भाषा में कहें तो यह पेशाब से जुड़ी नली और उसके आसपास के अंगों का इंफेक्शन है. जब कुछ बाहरी बैक्टीरिया हमारे शरीर के अंदर घुस जाते हैं और वहां अपनी फौज बढ़ाने लगते हैं, तब यह परेशानी शुरू होती है. यह इंफेक्शन मूत्राशय यानी ब्लैडर या फिर सीधे किडनी तक भी पहुंच सकता है. हालांकि शुरुआत में इसका इलाज बहुत आसान होता है, पर लापरवाही बरतने पर यह गंभीर रूप भी ले सकता है.

देखिए वीडियो: 

कैसे पहचानें कि यह यूटीआई है?

  • जलन और चुभन: पेशाब करते वक्त तेज चुभन होना इसका सबसे आम लक्षण है.
  • बार-बार जाना: थोड़ी-थोड़ी देर पर पेशाब महसूस होना लेकिन खुलकर न आना.
  • दर्द और भारीपन: पेट के निचले हिस्से में हमेशा भारीपन या दर्द बना रहना.
  • बदलाव: पेशाब से अजीब सी तेज गंध आना या उसका रंग धुंधला होना.
  • खतरा: अगर पेशाब के साथ खून आने लगे, तो समझ लीजिए कि तुरंत डॉक्टर के पास जाने का वक्त आ गया है.

अगर इन परेशानियों के साथ-साथ तेज बुखार, ठंड लगना, कमर के निचले हिस्से में दर्द, या उल्टी जैसा मन होने लगे, तो बिल्कुल देर न करें. ये लक्षण बताते हैं कि इंफेक्शन अब सिर्फ ब्लैडर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किडनी पर भी असर डाल रहा है.

किसे होता है सबसे ज्यादा खतरा?

यह समस्या पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा परेशान करती है. इसकी मुख्य वजह शरीर की कुदरती बनावट है. महिलाओं में पेशाब की नली छोटी होती है, जिसकी वजह से बैक्टीरिया आसानी से ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं. इसके अलावा, जिन लोगों को डायबिटीज है या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, वे भी इसकी चपेट में जल्दी आ जाते हैं. लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने की बुरी आदत भी बैक्टीरिया को दावत देती है.

यूटीआई का घरेलू उपचार

इससे बचने के लिए कोई बहुत बड़ा रॉकेट साइंस नहीं चाहिए,

  1. बस दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेट रहे और हानिकारक तत्व बाहर निकलते रहें.
  2. पेशाब को कभी भी ज्यादा देर तक रोककर न रखें और अपनी साफ-सफाई का खास ख्याल रखें.
  3. छोटी-छोटी सावधानियां आपको बड़ी परेशानियों से सुरक्षित रख सकती हैं.

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