बड़ों की तरह बच्चों के लिए भी प्रोटीन जरूरी है. ये उनकी ग्रोथ के लिए अच्छा होता है. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या बच्चों को मार्केट में मिलने वाला प्रोटीन पाउडर या फिर हेल्थ ड्रिंक्स दिया जा सकता है? कई प्रोटीन पाउडर एडवरटाइजमेंट में ये दावा किया जाता है कि ये बच्चों को लंबा, मजबूत और ज्यादा एक्टिव बनाए रखने में मददगार होते हैं. इस विषय को लेकर हमने मधुकर रेनबो चिल्ड्रन हॉस्पिटल की डायटीशियन और लैक्टेशन कंसल्टेंट डॉ. समीक्षा कालरा से बातचीत की. उनका कहना है,
अधिकतर स्वस्थ बच्चों को प्रोटीन पाउडर की जरूरत नहीं होती. अगस बच्चा संतुलित और सही डाइट ले रहा है, तो उसे आवश्यक प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व खाने से ही मिल जाता है.
क्या है विज्ञापनों के दावे और सच्चाई?
डॉ. कालरा का कहना है कि आकर्षक पैकेजिंग और बड़े-बड़े दावों की वजह से पेरेंट्स अक्सर बच्चों को देने के लिए प्रोटीन पाउडर खरीद लेते हैं. हालांकि, अगर आप वैज्ञानिक रूप से देखें, तो बच्चों की लंबाई, वजन और डेवलेपमेंट सिर्फ प्रोटीन पर निर्भर नहीं करता. इसके लिए जेनेटिक, पर्याप्त नींद, फिजिकल एक्टिविटी, हार्मोन और संपूर्ण पोषण भी उतने ही जरूरी हैं.
बच्चों को कितनी प्रोटीन चाहिए?
डायटीशियन बताती हैं कि 4 से 8 उम्र के बच्चे को रोजाना लगभग 19 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है. प्रोटीन की ये मात्रा दाल, दूध, दही, पनीर, अंडे, सोया, ड्राईफ्रूट्स और बीज जैसे खाद्य पदार्थों से आसानी से पूरी की जा सकती है.
डॉ. कालरा कहती हैं कि माता-पिता को सिर्फ प्रोटीन की मात्रा पर ध्यान देने के बजाय बच्चे की संपूर्ण डाइट की गुणवत्ता और उसकी वैरायटी पर फोकस करने की जरूरत होती है.
क्या ज्यादा प्रोटीन से बढ़ती है लंबाई?
डॉक्टर बताती हैं कि लोगों में ये आम धारणा है कि अतिरिक्त प्रोटीन देने से बच्चे की लंबाई तेजी से बढ़ती है और बच्चा मजबूत होता है. लेकिन असल में ऐसा जरूरी नहीं है. जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से बच्चों का पेट जल्दी भर सकता है, जिससे वे पौष्टिक खाना कम खाते हैं. ऐसे में फ्लेवरयुक्त प्रोटीन शेक को कभी भी संतुलित आहार का ऑप्शन नहीं बनना चाहिए.
कब जरूरी हो सकता है सप्लीमेंट?
कुछ विशेष परिस्थितियों में प्रोटीन या न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट फायदेमंद हो सकते हैं. जैसे - अगर बच्चा कुपोषित हो, लंबे समय से बीमारी से उबर रहा हो, पर्याप्त खाना नहीं खा रहा हो या किसी खास मेडिकल कंडीशन से जूझ रहा हो. लेकिन ऐसे मामलों में सप्लीमेंट सिर्फ पीडियाट्रिक्स या फिर डायटीशियन की सलाह लेनी चाहिए.
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