एक नए शोध में पाया गया है कि मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए जिन्हें स्ट्रोक होता है, उनमें एक आइडियल ब्लड शुगर लेवल से स्ट्रोक या दिल के दौरे जैसे विभिन्न प्रकार के वैस्कुलर रोगों के जोखिम को कम करने किया जा सकता है.शोध के निष्कर्ष मेडिकल जर्नल 'न्यूरोलॉजी' में प्रकाशित हुए थे.कोरिया में सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिसिन के एमडी, पीएचडी, अध्ययन लेखक मून-कू हान ने कहा, "हम जानते हैं कि मधुमेह होने पर पहला स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है"
हान ने कहा, "लेकिन हमारे परिणाम बताते हैं कि एक ऑप्टिमल ब्लड शुगर लेवल है, रिपीट स्ट्रोक, दिल का दौरा या अन्य वैस्कुलर समस्याओं के जोखिम को कम करना शुरू कर सकता है, और यह 6.8 प्रतिशत से 7.0 प्रतिशत की सीमा में सही है,"
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अध्ययन में 70 वर्ष की औसत आयु के साथ मधुमेह वाले 18,567 लोग शामिल थे. सभी प्रतिभागियों को इस्केमिक स्ट्रोक के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो ब्लड क्लोट का कारण होता है. प्रवेश पर, शोधकर्ताओं ने पिछले दो से तीन महीनों में लोगों के औसत ब्लड शुगर लेवल को निर्धारित करने के लिए हीमोग्लोबिन A1C नामक एक परीक्षण का इस्तेमाल किया.

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यह परीक्षण चीनी से कोडेट ब्लड में हीमोग्लोबिन प्रोटीन के प्रतिशत को मापता है. 5.7 प्रतिशत से नीचे के स्तर को सामान्य माना जाता है; 6.5 प्रतिशत या इससे अधिक सामान्यतः मधुमेह का संकेत देते हैं. प्रतिभागियों का औसत A1C 7.5 प्रतिशत था
शोधकर्ताओं ने एक साल बाद यह पता लगाने के लिए फॉलो किया कि क्या A1C स्तरों के बीच एक और स्ट्रोक, दिल का दौरा, या इनसे मरने या वैस्कुलर के कारणों के जोखिम के बीच कोई संबंध था.
सभी प्रतिभागियों में से, 1,437, या लगभग 8 प्रतिशत, को अध्ययन शुरू करने के एक वर्ष के भीतर दिल का दौरा पड़ा या वैस्कुलर रोग से मृत्यु हो गई, और 954, या 5 प्रतिशत, को एक और स्ट्रोक आया.

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अध्ययन में पाया गया कि 6.8 प्रतिशत से 7.0 प्रतिशत के ऊपर A1C स्तर के साथ अस्पताल में भर्ती लोगों को वैस्कुलर इवेंट के साथ-साथ दिल का दौरा पड़ने, एक और स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ गया था.
उम्र और लिंग जैसे कारकों को समायोजित करने के बाद, शोधकर्ताओं ने पाया कि लोगों को दिल का दौरा पड़ने या इसी तरह के वैस्कुलर रोगों का जोखिम 27 प्रतिशत अधिक था, जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें A1Cका स्तर 7.0 प्रतिशत से ऊपर था, उनकी तुलना में जिनका A1C का स्तर 6.5 प्रतिशत से नीचे था.
एक और स्ट्रोक होने का जोखिम 6.5 प्रतिशत से नीचे वाले लोगों की तुलना में 7.0 प्रतिशत से ऊपर A1C के स्तर के साथ अस्पताल में भर्ती होने पर 28 प्रतिशत अधिक था.
हान ने कहा, हमारे निष्कर्ष आपके ब्लड शुगर पर कड़ी नज़र रखने के महत्व को उजागर करते हैं अगर आप मधुमेह से पीड़ित हैं और स्ट्रोक हुआ है"
अध्ययन की एक सीमा यह है कि लोगों के ब्लड शुगर के स्तर को अध्ययन की शुरुआत में ही मापा गया था; कोई फॉलो अप उपलब्ध नहीं थे
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