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H1N1 के लक्षण कितने दिन रहते हैं? पूर्व WHO चीफ साइंटिस्ट ने बताया किन लोगों में बढ़ सकता है निमोनिया का खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने बताया है कि ज्यादातर लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर होकर निमोनिया तक पहुंच सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि किन लोगों को फ्लू के दौरान ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है.

H1N1 के लक्षण कितने दिन रहते हैं? पूर्व WHO चीफ साइंटिस्ट ने बताया किन लोगों में बढ़ सकता है निमोनिया का खतरा
बुखार, बदन दर्द और गले में खराश को न करें नजरअंदाज, जानें H1N1 के लक्षण और किसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत
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बुखार, बदन दर्द, गले में खराश और तेज थकान को लोग कई बार सामान्य वायरल संक्रमण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन यही लक्षण इन्फ्लूएंजा या एच1एन1 में भी दिखाई दे सकते हैं. सवाल यह है कि ऐसे लक्षण आमतौर पर कितने दिन रहते हैं और कब फ्लू गंभीर रूप ले सकता है? इस बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने बताया है कि ज्यादातर लोग कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर होकर निमोनिया तक पहुंच सकता है. उन्होंने यह भी बताया कि किन लोगों को फ्लू के दौरान ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है.

H1N1 के लक्षण कितने दिन रहते हैं?

डॉ. सौम्या स्वामीनाथन के अनुसार H1N1 या फ्लू के लक्षण आमतौर पर 4 से 5 दिन तक रहते हैं. कुछ मामलों में ये एक सप्ताह तक भी बने रह सकते हैं. ज्यादातर लोग आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेने से ठीक हो जाते हैं.

H1N1 में दिख सकते हैं ये लक्षण

डॉ. सौम्या स्वामीनाथन के मुताबिक, एच1एन1 या किसी भी तरह के इन्फ्लूएंजा में

  • बुखार
  • बदन दर्द
  • गले में खराश
  • सिरदर्द और थकान

जैसे लक्षण हो सकते हैं. आमतौर पर ये लक्षण करीब 4 से 5 दिन तक रह सकते हैं और कुछ मामलों में एक हफ्ते तक भी बने रह सकते हैं.

उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग आराम, पैरासिटामोल और पर्याप्त गर्म तरल पदार्थ लेने से ठीक हो जाते हैं. यानी हर फ्लू का मामला गंभीर नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों को संक्रमण के दौरान ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत पड़ सकती है.

किन लोगों में बढ़ सकता है निमोनिया का खतरा?

फ्लू से गंभीर जटिलताएं होने और निमोनिया का खतरा कुछ लोगों में ज्यादा हो सकता है. इनमें 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग, 5 साल से छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं शामिल हैं.

इसके अलावा जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर है, उन्हें भी ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. उदाहरण के तौर पर, कैंसर के लिए कीमोथेरेपी ले रहे लोग, ऑटोइम्यून बीमारी से जूझ रहे मरीज या लंबे समय से कॉर्टिकोस्टेरॉयड दवाएं लेने वाले लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है.

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हर फ्लू को हल्के में न लें

डॉ. स्वामीनाथन की बात का सीधा मतलब यही है कि ज्यादातर लोग फ्लू से कुछ दिनों में ठीक हो सकते हैं, लेकिन हाई रिस्क ग्रुप में आने वाले लोगों को लक्षणों पर खास नजर रखनी चाहिए. अगर हालत बिगड़ती महसूस हो या सांस से जुड़ी परेशानी होने लगे तो देरी करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.

FAQs-

H1N1 के लक्षण कितने दिन तक रहते हैं?
ज्यादातर मामलों में 4 5 दिन तक, जबकि कुछ लोगों में एक सप्ताह तक बने रह सकते हैं.

क्या हर फ्लू निमोनिया में बदल सकता है?
नहीं, लेकिन बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में जोखिम अधिक हो सकता है.

H1N1 और सामान्य वायरल में क्या अंतर है?
दोनों के लक्षण मिलते जुलते हो सकते हैं, लेकिन H1N1 में संक्रमण अधिक गंभीर हो सकता है.

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