भला ऐसा कौन है जो सुंदर नहीं दिखना चाहता है. लेकिन आज के समय में स्किन से जुड़ी समस्याएं काफी ज्यादा देखी जाती हैं. इन समस्याओं से राहत पाने के लिए अक्सर हममें से ज्यादातर लोग मार्केट में मिलने वाले महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं. लेकिन डर्मेटोलॉजिस्ट का मानना है कि अच्छा स्किनकेयर ज्यादा से ज्यादा प्रोडक्ट्स खरीदने के बारे में नहीं है, बल्कि यह समझने के बारे में है कि आपकी स्किन को असल में किस चीज की जरूरत है. कई बार गलत प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से आपकी समस्या ठीक होने के बजाय और ज्यादा बढ़ सकती है.
स्किन के मामले में हमेशा हमें एक्सपर्ट्स की सलाह ही लेनी चाहिए. हाल ही में डर्मेटोलॉजिस्ट garekarsmddermatologyclinic ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर स्किनकेयर से जुड़े 5 काम के और प्रैक्टिकल टिप्स शेयर किए हैं. उन्होंने बताया है कि लोग आमतौर पर कौन सी गलतियां करते हैं और उन्हें असल में क्या करना चाहिए.
डॉक्टर के वो 5 स्किनकेयर सीक्रेट्स जो आपके पैसे और समय दोनों बचाएंगे-
1. स्ट्रॉबेरी स्किन-
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, जो लोग स्ट्रॉबेरी स्किन या केराटोसिस पिलारिस (Keratosis Pilaris) की समस्या से परेशान हैं, उन्हें यूरिया-बेस्ड मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए. केराटोसिस पिलारिस की स्थिति में स्किन पर छोटे-छोटे, खुरदरे दाने या बम्प्स दिखने लगते हैं, जो ज्यादातर हाथों, जांघों या गालों पर होते हैं. यूरिया एक ऐसा तत्व है जो स्किन की डेड सेल्स को बहुत ही कोमलता से साफ करता है और स्किन को अंदर से हाइड्रेट रखकर उसे एकदम सॉफ्ट और स्मूथ बना देता है.
2. डार्क सर्कल्स-
आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स होना आज के समय में एक बहुत ही आम समस्या है. लेकिन अगर आपके डार्क सर्कल्स बहुत ज्यादा गहरे और गंभीर हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह है कि आपको महंगी अंडर-आई क्रीम्स पर पैसे बर्बाद करना बंद कर देना चाहिए. वह कहती हैं, अगर आपके डार्क सर्कल्स हैं, तो आई-क्रीम्स उन्हें ठीक नहीं कर पाएंगी. ऐसी स्थिति में आपको किसी स्किन डॉक्टर से मिलना चाहिए, क्योंकि इसके लिए डर्मल फिलर्स जैसे प्रोफेशनल ट्रीटमेंट्स की जरूरत होती है.

डॉर्क सर्कल को दूर करने के लिए क्या करें. (Image NDTV)
3. एक्जिमा-
अगर आप एक्जिमा यानी स्किन की खुजली, सूखापन और सूजन से परेशान हैं, तो मॉइस्चराइजर लगाना आपके लिए सबसे जरूरी काम है. डर्मेटोलॉजिस्ट इसके लिए सेरामाइड्स वाले मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं. सेरामाइड्स हमारी स्किन की बाहरी लेयर यानी स्किन बैरियर को रिपेयर करने का काम करते हैं. ये स्किन के अंदर नमी को लॉक कर देते हैं, जिससे जलन, लालिमा और खुजली में राहत मिल सकती है.
4. ज्वा लाइन-
डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया कि जो महिलाएं ज्वालाइन और गर्दन के आसपास बार-बार होने वाले दानों से परेशान हैं, उनका यह एक्ने अक्सर हार्मोनल बदलावों से जुड़ा होता है. डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, ज्यादा मीठा खाने से शरीर में सूजन और इंसुलिन बढ़ सकता है, जो इन दानों को ट्रिगर करता है. इसलिए अपनी डाइट में चीनी की मात्रा कम करके आप इन हार्मोनल दानों और सूजन को काफी हद तक कंट्रोल कर सकती हैं.
5. पिगमेंटेशन-
जब लोगों को फेस पर पिगमेंटेशन दिखती है, तो वे तुरंत तरह-तरह के स्क्रब, पील्स और एक्सफोलिएटिंग एसिड्स का इस्तेमाल करने लगते हैं. लेकिन डर्मेटोलॉजिस्ट का कहना है कि यह तरीका बिल्कुल गलत है. झाइयों के इलाज में सबसे पहले स्किन को हाइड्रेट करना जरूरी है. वह समझाती हैं, अगर आप स्किन को जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएट करेंगे, तो स्किन और ज्यादा मेलेनिन बनाने लगेगी. मेलेनिन बढ़ने से झाइयां कम होने के बजाय और ज्यादा गहरी और काली हो जाती हैं. इसलिए स्किन को रगड़ने के बजाय उसे शांत और हाइड्रेटेड रखें.
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