Government Strict On Illegal Sale of GLP-1 Medicines: केंद्र सरकार अब जीएलपी-1 दवाओं की बिक्री, सप्लाई पर और सख्ती करने जा रही है. इसको लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ड्रग कंट्रोलर्स को निर्देश जारी किए गए हैं. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की तरफ से जारी निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि "ग्लूकागॉन-लाइक पेप्टाइड-1" आधारित दवाओं के प्रचार-प्रसार से लेकर सप्लाई और बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए.
अवैध बिक्री के खिलाफ एक्शन
आमतौर पर ये दवाएं मोटापा (Obesity) और मधुमेह (Diabetes)के उपचार में इस्तेमाल की जाती हैं, लेकिन हाल के महीनों में इनके गलत इस्तेमाल, बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन (Prescription) के बिक्री और अवैध सप्लाई चैन को लेकर चिंता बढ़ी है. अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में देशभर में कई जगहों पर ऑनलाइन फार्मेसी गोदामों, दवा थोक विक्रेताओं, मेडिकल स्टोर्स (Medical Stores) और वेलनेस/स्लिमिंग क्लीनिकों (Wellness Clinics) पर जांच अभियान चलाया गया. इसमें नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आने के बाद कई संस्थाओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं.

DCGI का सख्त आदेश
भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) डॉ राजीव सिंह रघुवंशी की तरफ से जारी आदेश में राज्यों को कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि इन दवाओं का निर्माण, आयात, वितरण और बिक्री केवल अधिकृत चैनलों के जरिए ही हो. साथ ही दवाओं का इस्तेमाल केवल मंजूर इलाज और लेबल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही किया जाए.
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विज्ञापन पर कड़ी निगरानी
निर्देश में सरकार ने सभी ड्रग कंट्रोलर्स को टीवी, अखबार, सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आउटडोर विज्ञापनों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा है, ताकि इन दवाओं के भ्रामक या गैरकानूनी विज्ञापन को रोका जा सके.
राज्यों को एडवाइजरी जारी करने का निर्देश
डॉ राजीव सिंह रघुवंशी के अनुसार, अगर कोई भी नियम तोड़ते हुए पाया गया तो उस पर औषधि एवं जादुई उपचार अधिनियम, 1954 (Drugs and Magic Remedies Act, 1954) और औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940) के तहत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने राज्यों से यह भी निर्देश दिया कि दवा कंपनियों, मार्केटिंग एजेंसियों और अन्य संबंधित पक्षों को नियमों के पालन के लिए एडवाइजरी भी जारी की जाए.
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