वजन घटाने वाली GLP-1 दवाएं पिछले कुछ सालों में दुनिया भर में चर्चा का बड़ा विषय बन गई हैं. GLP-1 (Glucagon-Like Peptide-1) शरीर में बनने वाले एक हार्मोन का नाम है, जो भूख और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है. इसी के आधार पर बनाई गई दवाओं का इस्तेमाल डायबिटीज और वजन घटाने के लिए किया जाता है.
सोशल मीडिया पर भी इन दवाओं को लेकर खूब चर्चा होती रहती है. लेकिन क्या ये दवाएं हर किसी पर एक जैसा असर करती हैं? क्या इनके साथ कुछ ऐसी बातें भी जुड़ी हैं, जिनके बारे में लोग कम बात करते हैं? यह सवाल हाल ही में तब चर्चा में आया, जब फेमस एक्ट्रेस मेयिम बायलिक (Mayim Bialik) ने GLP-1 दवा के साथ अपने एक्सपीरियंस को "नाइटमेयर" यानी बुरा सपना बताया. इसी बीच हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से ट्रेंड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने भी उन बातों पर रोशनी डाली है, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं.
GLP-1 दवा क्या है और लोग इसे क्यों लेते हैं? (What Is GLP-1 And Why Do People Use It?)

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GLP-1 ऐसी दवाओं का एक समूह है, जिसे शुरुआत में टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए विकसित किया गया था. बाद में पता चला कि ये दवाएं भूख कम करने और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में भी मदद करती हैं. यही वजह है कि अब कई लोग वजन घटाने के लिए भी इनका इस्तेमाल करते हैं. ये दवाएं शरीर में ऐसे हार्मोन की तरह काम करती हैं, जो भूख और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भूमिका निभाता है.
मेयिम बायलिक ने यह दवा क्यों ली थी? (Why Did Mayim Bialik Try A GLP-1 Drug?)
टीवी शो द बिग बैंग थ्योरी से मशहूर हुईं मेयिम बायलिक ने बताया कि उन्होंने यह दवा सिर्फ वजन कम करने के लिए नहीं ली थी. उनके मुताबिक उन्हें लंबे समय से ऑटोइम्यून समस्याएं थीं और कुछ डॉक्टरों ने सुझाव दिया था कि GLP-1 दवा शरीर में सूजन कम करने में मदद कर सकती है. इसी उम्मीद के साथ उन्होंने यह इलाज शुरू किया.
फिर ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने इसे 'नाइटमेयर' कह दिया? (Why Did She Call It A 'Nightmare'?)
मेयिम बायलिक के मुताबिक दवा शुरू करने के बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी. उन्होंने बताया कि कई बार हालत ऐसी हो गई कि खड़ा होना मुश्किल लगने लगा. पानी पीना भी कठिन हो गया और रोजमर्रा के सामान्य काम प्रभावित होने लगे. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि दवा से फायदा मिलेगा, लेकिन उनका अनुभव बेहद मुश्किल रहा. बाद में उन्होंने इसे "नाइटमेयर" बताया.
एक्सपर्ट के मुताबिक लोग कौन सी बातें इग्नोर कर देते हैं? (What Do People Often Overlook About GLP-1 Drugs?)
डॉ. सौरभ सेठी का कहना है कि GLP-1 दवाओं को लेकर लोगों के बीच कई गलतफहमियां हैं. सबसे पहली बात यह कि मतली या जी मिचलाना सिर्फ एक साइड इफेक्ट नहीं है. दरअसल ये दवाएं पेट को धीरे-धीरे खाली होने देती हैं, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती. यही वजह है कि कई लोगों को मतली और पेट भारी लगने जैसी परेशानी होती है.
दूसरी बात कब्ज से जुड़ी है. डॉक्टर के मुताबिक जब खाना कम हो जाता है और पाचन की गति धीमी पड़ जाती है, तो कब्ज की शिकायत बढ़ सकती है. इसलिए ऐसे लोगों के लिए पर्याप्त पानी और फाइबर लेना बहुत जरूरी हो जाता है.
सिर्फ फैट नहीं घटता, मसल्स को भी हो सकता है नुकसान (Weight Loss May Include Muscle Loss Too)
एक्सपर्ट्स का कहना है कि GLP-1 दवाओं से सिर्फ फैट ही नहीं घटता. अगर खानपान और एक्सरसाइज पर ध्यान न दिया जाए, तो मसल्स पर भी असर पड़ सकता है. डॉक्टर का कहना है कि बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि दवा लेने के बाद वजन हमेशा के लिए कम हो जाएगा. लेकिन कई स्टडीज में देखा गया है कि दवा बंद करने के बाद वजन फिर बढ़ सकता है. यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड में पब्लिश रिसर्च में भी इस बात की पुष्टि की गई है. इसलिए GLP-1 को किसी जादुई शॉर्टकट की तरह नहीं देखना चाहिए.
कुल मिलाकर किसी भी एक इंसान के अनुभव से ये नहीं कहा जा सकता कि GLP-1 दवाएं खराब हैं. दुनिया भर में लाखों लोग डॉक्टरों की निगरानी में इनका इस्तेमाल कर रहे हैं और उन्हें फायदा भी मिल रहा है. लेकिन उनकी कहानी यह जरूर याद दिलाती है कि किसी भी दवा की तरह इसके भी फायदे और जोखिम दोनों हो सकते हैं. शायद यही वजह है कि एक्सपर्ट बार-बार कहते हैं कि GLP-1 को ट्रेंड की तरह नहीं, बल्कि एक मेडिकल ट्रीटमेंट की तरह समझना चाहिए.
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