त्योहारों का मौसम आते ही हमारे घरों में खुशियों के साथ-साथ तरह-तरह के पकवान बनने लगते हैं. कहीं गरम-गरम पूरियां और तली हुई नमकीन छन रही होती है, तो कहीं मेवे से भरी मिठाइयां सज रही होती हैं. त्योहारों पर अपनों के साथ बैठकर भरपेट खाना किसे पसंद नहीं होता. लेकिन कई बार खुशी-खुशी में हम जरूरत से बहुत ज्यादा खा लेते हैं.
अक्सर आपने सुना होगा कि त्योहारों के दिनों में अचानक किसी की तबीयत बिगड़ गई या रात को भारी खाना खाने के बाद सीने में दर्द उठ गया. तब लोग कहते हैं कि अरे बस ज्यादा खा लिया था, इसलिए गैस बन गई होगी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेट की यह गैस या भारीपन कभी-कभी दिल का दौरा भी हो सकता है? चलिए समझते हैं कि बहुत ज्यादा खाना खाने के बाद हमारे शरीर के अंदर क्या-क्या बदलता है, और क्या सच में त्योहारों का भारी खाना दिल की इमरजेंसी की वजह बन सकता है.
भारी खाना खाने के बाद शरीर में क्या होता है?
जब हम बहुत सारा तला-भुना या मीठा खाना एक साथ खा लेते हैं, तो हमारे पेट को उसे पचाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. खाना पचाने के लिए आंतों को ज्यादा खून की जरूरत होती है.
अब होता यह है कि शरीर का बहुत सारा खून पेट की तरफ दौड़ने लगता है. इस वजह से दिल को ज्यादा तेजी से और जोर से पंप करना पड़ता है ताकि पूरे शरीर को खून मिलता रहे. अगर कोई इंसान एकदम सेहतमंद है, तो उसका दिल यह काम आसानी से संभाल लेता है, लेकिन जिन लोगों की दिल की नसें पहले से थोड़ी पतली या बंद हैं, उनके दिल तक जरूरत के हिसाब से पूरा खून नहीं पहुंच पाता. ऐसे में अगर भारी भोजन के साथ शराब, सिगरेट, पानी की कमी या बहुत ज्यादा थकावट जुड़ जाए, तो दिल पर दबाव और ज्यादा बढ़ जाता है.
त्योहारों की खास आदतें जो बढ़ाती हैं खतरा
- जरूरत से ज्यादा नमक: त्योहारों के नमकीन और तली हुई चीजों में नमक बहुत ज्यादा होता है. जिन लोगों को हाई बीपी या हार्ट की पुरानी बीमारी है, उनके शरीर में ज्यादा नमक जाने से पानी जमने लगता है और बीपी अचानक बढ़ जाता है.
- शराब और देर रात तक जगना: त्योहारों में देर रात तक जागना और ज्यादा शराब पीना दिल की धड़कन को अनियंत्रित कर सकता है.
- दिनभर व्रत और रात में भारी खाना: कई लोग दिनभर कुछ नहीं खाते और रात होते ही एक साथ बहुत सारा भारी खाना खा लेते हैं. इससे पेट और दिल दोनों पर अचानक से बहुत बड़ा बोझ पड़ जाता है.
गैस का दर्द या हार्ट अटैक?
सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब लोग दिल के दौरे के शुरुआती लक्षणों को पेट की गैस, एसिडिटी या बदहजमी समझकर अनदेखा कर देते हैं. अक्सर भारी खाने के बाद पेट का फूलना, खट्टी डकारें आना या सीने के ऊपरी हिस्से में भारीपन महसूस होना आम बात है, लेकिन यही लक्षण हार्ट अटैक के भी हो सकते हैं.
- सीने में तेज दबाव, जकड़न या भारीपन महसूस होना.
- दर्द का सीने से निकलकर बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैलना.
- बिना किसी मेहनत के अचानक बहुत तेज पसीना आना या ठंडे पसीने से भीग जाना.
- बहुत ज्यादा घबराहट होना, चक्कर आना या सांस फूलना.
- ध्यान रखें कि उम्रदराज लोगों, महिलाओं और शुगर यानी डायबिटीज के मरीजों में हार्ट अटैक के लक्षण बहुत अलग और हल्के भी हो सकते हैं. उन्हें शायद तेज दर्द न हो, बस बहुत ज्यादा कमजोरी या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.
लक्षण दिखने पर तुरंत क्या करें?
अगर किसी को भारी भोजन के बाद ऐसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो गैस की गोली या चूर्ण के असर का इंतजार न करें. कई लोग सोचते हैं कि थोड़ा टहलने से सब ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसे में पैदल चलना या खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाना खतरनाक हो सकता है.
तुरंत मरीज को आराम से बैठाएं और डॉक्टर को फोन करें. ईसीजी (और खून की सही जांच से तुरंत पता चल जाता है कि मामला गैस का है या दिल का. सही समय पर इलाज मिलना ही जान बचा सकता है.
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