विज्ञापन

Bird Flu: भारत के इस राज्य में बर्ड फ्लू का Alert, क्‍या होते हैं इसके लक्षण, कैसे करें बचाव

ये संक्रमण आमतौर पर पक्षियों और अन्य जानवरों में फैलता है. पर कई बार संक्रमित जानवरों से मनुष्यों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है.

Bird Flu: भारत के इस राज्य में बर्ड फ्लू का Alert, क्‍या होते हैं इसके लक्षण, कैसे करें बचाव

चेन्नई के कई इलाकों में 1500 से अधिक कौंवों की मौत की खबरें हैं. जिसे लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है. बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद केंद्र सरकार ने स्‍थानीय प्रशासन को निगरानी करने के निर्देश दिए हैं. बर्ड फ्लू की खबर त‍ब चिंता का विषय बन गई है, जब शहर के कई हिस्‍सों में लोगों ने पक्षियों को सार्वजनिक स्थानों व पेड़ों, आवासीय क्षेत्रों में गिरकर मरते हुए देखा. अब प्रशासन इसकी जांच कर रहा है और लोगों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी कर दी गई है. 

बर्ड फ्लू क्या है

बर्ड फ्लू  यानी एवियन इन्फ्लूएंजा, एक प्रकार के इन्फ्लूएंजा (फ्लू) वायरस से होने वाला संक्रमण है. ये संक्रमण आमतौर पर पक्षियों और अन्य जानवरों में फैलता है. पर कई बार संक्रमित जानवरों से मनुष्यों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है. मनुष्‍यों में यह वायरस रेस्पिरेटरी सिस्टम और फेफड़ों को संक्रमित कर सकता है. कभी-कभी यह शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकता है.

क्या आपको भी आए दिन होती हैं पेट से जुड़ी दिक्कतें? इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

कैसे फैला है बर्ड फ्लू 

बर्ड फ्लू का वायरस आमतौर पर बीमार पक्षी के पंखों, बीट (मल) और लार (म्यूकस) में मौजूद होता है. जब भी कोई व्यक्ति, विशेषकर बच्चे, इनके सीधे संपर्क में आते हैं तो संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में कच्‍चा या अधपका मांस खाने से भी बचना चाहिए. 

Latest and Breaking News on NDTV

बर्ड फ्लू के लक्षण

बर्ड फ्लू होने पर आमतौर पर इस तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत चिकित्‍सक से संपर्क करना चाहिए- 

  • बुखार
  • थकान
  • खांसी
  • गले में खराश
  • कंजंक्टिवाइटिस (आंखों का इन्फेक्शन)
  • दस्त
  • नाक बंद होना या बहना
  • मांसपेशियों में तेज दर्द
  • मतली और उल्टी
  • सांस लेने में तकलीफ 

आप गांव में बैठे हैं तो टेंशन न लें, दिल्ली के ये डॉक्टर्स आपकी बीमारी तुरंत पकड़ लेंगे, ऐसे करेंगे इलाज

कैसे करें बर्ड फ्लू से बचाव

बर्ड फ्लू की खबरें आते ही सरकारी की ओर से एडवाइजरी जारी की जाती है. जिनका पालन करने से इससे सुरक्षित रहा जा सकता है. बर्ड फ्लू से बचाव के लिए इन बातों का ध्‍यान रखें- 

  • पशुपालक और आम लोग बीमार मुर्गियों से दूरी बनाए रखें. 
  • अगर आप पक्षियों, जंगली जानवरों के बीच काम करते हैं तो दस्ताने, मास्क और चश्मे का प्रयोग करें. 
  • अगर आपके पास पशु या पक्षी हैं, तो बाड़े और उसके आसपास की नियमित साफ-सफाई अत्यंत आवश्यक है.
  • फ्लू अधिक फैलने पर पालतू जानवरों को छूते समय भी दस्‍तानों का प्रयोग करें. 
  • कहीं भी बीमार पक्षी दिखे या अचानक उसकी मृत्यु हो जाए, तो इसकी जानकारी स्थानीय पशु चिकित्सालय को देनी चाहिए. 
  • जानवरों को छूने के बाद बार-बार हाथ धोएं. 
  • बीमार जानवर को छूते हैं या उसके संपर्क में आते हैं तो चिकित्‍सक से तुरंत संपर्क करें. 
  • बिना पाश्चुरीकृत दूध को ना ही छुएं और ना ही इसका सेवन करें. 
  • सीजनल फ्लू की वैक्सीन लगवा लें. 

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com