भारतीय घरों में रोटी और चावल ही मुख्य खाना हैं, जो जरूरी कार्बोहाइड्रेट, एनर्जी और जरूरी न्यूट्रिएंट्स देते हैं. दोनों ही पौष्टिक होते हैं, लेकिन वे पाचन, पेट भरने और नींद के पैटर्न पर अलग-अलग तरह से असर डालते हैं. गेहूं या मल्टीग्रेन आटे से बनी रोटी में फाइबर ज्यादा होता है, यह धीरे-धीरे पचती है और पेट ज्यादा देर तक भरा रहता है, जिससे लगातार एनर्जी मिलती है और ब्लड शुगर में अचानक बढ़ोतरी को रोका जा सकता है.
चावल, खासकर सफेद चावल में फाइबर कम होता है और यह जल्दी पच जाता है, जिससे यह पेट के लिए हल्का होता है और सोने से पहले इसे पचाना आसान होता है. रात के खाने का सही ऑप्शन चुनना जरूरी है, क्योंकि रात में पाचन तंत्र अपने आप धीमा हो जाता है. भारी, ऑयली या पचने में मुश्किल खाना मेटाबॉलिज्म और नींद में रुकावट डाल सकता है.
ऐसे में ये समझना जरूरी है कि डिनर में क्या खाना सही है चावल या रोटी. आइए जानते हैं.
रात में रोटी खाने से क्या होता है?
रोटी में चावल की तुलना में ज्यादा डाइटरी फाइबर होता है. फाइबर डाइजेशन प्रोसेस को धीमा कर देता है, जिससे धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज होती है और आपका पेट ज्यादा देर तक भरा रहता है. यह उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद हो सकता है जिनकी शाम को एक्टिविटी लेवल ज्यादा होता है या जो रात भर ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखना चाहते हैं. लेकिन, वही फाइबर जो आपको पेट भरा रखता है, कभी-कभी सेंसिटिव डाइजेशन वाले लोगों के लिए रोटी भारी लग सकती है. जिन्हें एसिडिटी होती है या जिनका डाइजेशन धीरे होता है, उन्हें सोने से पहले कई रोटियां खाने में दिक्कत हो सकती है, जिससे पेट फूल सकता है या भारीपन महसूस हो सकता है.
रात में चावल खाने से क्या होता है?
चावल, खासकर सफेद चावल में फाइबर कम होता है क्योंकि प्रोसेसिंग के दौरान चोकर और जर्म लेयर हटा दिए जाते हैं. इससे चावल पचाना आसान हो जाता है, क्योंकि यह पेट में तेजी से टूटता है. बहुत से लोग रात में चावल खाना पसंद करते हैं क्योंकि यह हल्का लगता है और पेट फूलने या परेशानी का खतरा कम करता है. चावल इनडायरेक्टली नींद में भी मदद कर सकता है. इसका तेज डाइजेशन और कार्बोहाइड्रेट कंटेंट सेरोटोनिन प्रोडक्शन को बढ़ा सकता है, जो रिलैक्सेशन और आरामदायक नींद से जुड़ा एक न्यूरोट्रांसमीटर है. जो लोग रात का खाना जल्दी खा लेते हैं या रात में कम फिजिकल एक्टिविटी करते हैं, उनके लिए चावल एक आरामदायक और हल्का ऑप्शन है.
रोटी Vs चावल: क्या कहता है साइंस
हालांकि रोटी और चावल में एक जैसी कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, लेकिन फाइबर कंटेंट में अंतर रोटी को भारी और धीरे पचने वाला बनाता है, जबकि चावल हल्का और जल्दी पचने वाला होता है. रोटी: ज्यादा फाइबर, धीरे डाइजेशन, देर तक पेट भरा रखती है. जबकि चावल कम फाइबर, जल्दी डाइजेशन, पेट के लिए हल्का होता है और इससे जल्दी भूख लग सकती है.
जानें क्या कहता है आयुर्वेद
चावल आयुर्वेद में पचने में सबसे आसान और वात-पित्त को शांत करने वाला माना गया है. यह आपको आरामदायक नींद देने में मदद करता है. वहीं रोटी में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो इसे चावल के मुकाबले पचने में भारी बनाता है.
डिनर के बैलेंस्ड ऑप्शन के लिए टिप्स
- न्यूट्रिएंट्स से भरपूर डिनर के लिए दो मीडियम साइज की रोटियों को सब्जियों और दाल के साथ खाएं.
- हल्के खाने के लिए प्रोटीन और हरी सब्जियों के साथ चावल की एक छोटी कटोरी डिनर में खा सकते हैं.
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