सुबह होते ही, पुरानी दिल्ली की संकरी गलियों और दुकानों से गरम-गरम तेल में पूरियां छनने की खुशबू हवा में तैरने लगे. चांदनी चौक की इन पुरानी और ऐतिहासिक गलियों में जब आप कदम रखेंगे, तो आपको हर नुक्कड़ पर कुछ न कुछ लजीज खाने को मिल जाएगा. लेकिन बात जब सुबह के नाश्ते की आती है, तो एक नाम ऐसा है जिसके बिना पुरानी दिल्ली की सुबह अधूरी है वह है नागौरी हलवा-पूरी.
अगर आपने कभी चांदनी चौक के इस स्पेशल नाश्ते को नहीं चखा, तो समझ लीजिए कि आपने दिल्ली के असली जायके का एक बड़ा हिस्सा मिस कर दिया है. आइए आपको ले चलते हैं पुरानी दिल्ली की सैर पर और बताते हैं कि आखिर इस नाश्ते में ऐसा क्या खास है जो लोग दूर-दूर से यहां खींचे चले आते हैं.
क्या होती है ये नागौरी और इसका हलवा?
आम पूरियों की तरह नागौरी पूरी वैसी नहीं होती. ये आकार में काफी छोटी, एकदम खस्ता और कुरकुरी होती हैं. जब आप इसे हाथ से तोड़ेंगे, तो यह एकदम चूरा-चूरा हो जाएगी. इसे सूजी और मैदे के साथ कुछ खास मोयन डालकर तैयार किया जाता है. इसके साथ मिलता है गरमा-गरम, सूजी का दानेदार और हल्का मीठा हलवा, और साथ में मसालेदार आलू की तीखी सब्जी.
जब आप इस खस्ता नागौरी पूरी पर थोड़ा सा हलवा और तीखे आलू रखकर एक साथ खाते हैं, तो मुंह में जो स्वाद घुल जाता है. मीठे हलवे के साथ तीखे आलू और खस्ता पूरी का यह कॉम्बिनेशन ऐसा है कि एक प्लेट खाने के बाद भी आपका दिल और मांगेगा
कैसे बनाएं नागौरी पूरी-
सामग्री-
- 2 कप मैदा
- 2 बड़े चम्मच सूजी
- 2 बड़े चम्मच घी
- 1/2 छोटा चम्मच अजवाइन
- नमक स्वादानुसार
- गुनगुना पानी
- तलने के लिए तेल
विधि-
एक बड़े बर्तन में मैदा, सूजी, अजवाइन, नमक और घी डालकर अच्छी तरह मिला लें. गुनगुने पानी की मदद से सख्त आटा गूंथ लें. आटे को 20 मिनट ढककर रख दें. छोटी-छोटी लोइयां बनाकर मोटी और छोटी पूरियां बेल लें. कढ़ाही में तेल गर्म करें और पूरियों को गोल्डन व खस्ता होने तक तल लें.
कैसे बनाएं दानेदार सूजी का हलवा-
सामग्री-
- 1 कप सूजी
- 3/4 कप देसी घी
- 1 कप चीनी
- 3 कप पानी
- 4-5 इलायची
- काजू, बादाम और किशमिश
विधि-
एक कढ़ाही में घी गर्म करके सूजी को धीमी आंच पर गोल्डन होने तक भूनें. दूसरे बर्तन में पानी, चीनी और इलायची डालकर उबाल लें. आप चाहे तो पानी की जगह दूध का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. भुनी हुई सूजी में धीरे-धीरे चाशनी डालें और लगातार चलाते रहें. हलवा गाढ़ा होने लगे तो ड्राई फ्रूट्स डाल दें. 3-4 मिनट पकाने के बाद गैस बंद कर दें.

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क्यों खास है यह फूड एक्सपीरियंस?
आज के समय में लोग फैंसी कैफे और कॉन्टिनेंटल ब्रेकफास्ट की तरफ भागते हैं, लेकिन पुरानी दिल्ली की इन गलियों में मिलने वाले नागौरी हलवा-पूरी का अपना ही स्वैग है. यह जेब पर भी भारी नहीं पड़ता और पेट के साथ-साथ दिल भी पूरी तरह भर देता है.
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