Green Grapes vs Black Grapes: डायबिटीज (शुगर) आज दुनिया भर में एक आम बीमारी बन चुकी है. डायबिटीज वाले लोगों को अपने खाने-पीने में बहुत सावधानी रखनी पड़ती है, खासकर वह चीजें जिनमें शक्कर या कार्बोहाइड्रेट मौजूद होते हैं. अंगूर एक ऐसा फल है जिसे हम स्वाद और सेहत दोनों के लिए पसंद करते हैं, लेकिन सवाल यह है कि हरा अंगूर या काला अंगूर डायबिटीज वालों के लिए किस तरह बेहतर और सुरक्षित है? बहुत से लोग सोचते हैं कि फल तो फल ही होता है और उसमें शुगर होती है तो सभी एक जैसे बढ़िया या जोखिम भरे होंगे.
लेकिन, असल में अलग-अलग किस्म के अंगूरों में शुगर का प्रभाव, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और ब्लड शुगर पर पड़ने वाला असर अलग होता है, और यही फर्क डायबिटीज के मरीजों के लिए बड़ा बन जाता है. इस लेख में हम सरल भाषा में समझेंगे हरा और काला अंगूर डायबिटीज में कितने सुरक्षित हैं? रिसर्च क्या कहती है? और इन्हें खाने का सबसे स्मार्ट तरीका क्या है.
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डायबिटीज में अंगूर खाना कितना सुरक्षित?
सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि अंगूर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) आम तौर पर कम या मध्यम श्रेणी में आता है. इसका मतलब है कि अंगूर खाने से ब्लड शुगर अचानक ज्यादा नहीं बढ़ता जैसा कि कई मीठे फूड्स में होता है. अंगूर में फाइबर, विटामिन सी, के, पोटेशियम और पॉलीफेनॉल्स जैसे हेल्दी न्यूट्रिएंट्स होते हैं, जो डायबिटीज में मददगार हो सकते हैं.
हालांकि अंगूर में प्राकृतिक शुगर होती है, शोध बताते हैं कि धीरे-धीरे पचने वाले कम GI फलों को डायबिटीज की डाइट में शामिल किया जा सकता है, बशर्ते मात्रा पर ध्यान रखा जाए.
हरा अंगूर (Green Grapes): फायदे और ध्यान रखने वाली बातें:
ग्लाइसमिक इंडेक्स कम: हरे अंगूर का GI लगभग 45 के आस-पास है, जो कि ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता.
फाइबर अच्छा: फाइबर होने से शुगर की अवशोषण धीमी होती है, जिससे ब्लड शुगर में अचानक उछाल नहीं आता.
कम शुगर: तुलना में हरे अंगूर में थोड़ी कम शुगर होती है इसलिए यह डायबिटीज वाले लोगों के लिए थोड़ा बेहतर ऑप्शन हो सकता है, जब मात्रा सीमित रखी जाए.
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सलाह: डायबिटीज में हरे अंगूर हल्का नाश्ता या डेजर्ट विकल्प हो सकता है, लेकिन एक मुट्ठी (लगभग 100-120 ग्राम) से ज्यादा न खाएं.

काला अंगूर (Black Grapes): क्या है फायदा?
काले अंगूर भी डायबिटीज़ वालों के लिए सुरक्षित हो सकते हैं, लेकिन इनके फायदे कुछ अलग हैं:
एंटीऑक्सिडेंट्स ज्यादा: काले अंगूर में रेस्वेरेट्रोल और पॉलीफेनॉल्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स अच्छे लेवल पर पाए जाते हैं, जो इंसुलिन संवेदनशीलता और हार्ट की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं.
GI लो से मिड: काले अंगूर का GI लगभग 43-53 के बीच होता है, जो आमतौर पर डायबिटीज़ के लिए स्वीकार्य माना जाता है.
ब्लड शुगर कंट्रोल: कुछ शोध बताते हैं कि काले अंगूर का सेवन ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद कर सकता है, लेकिन मात्रा सीमित रखनी जरूरी है.
सलाह: काले अंगूर का सेवन भी संतुलित मात्रा में करें, खासकर अगर आप दूसरे मीठे फूड्स से बच रहे हैं.

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काला या हरा अंगूर कौन सा चुनें?
सामान्य सलाह यह है कि दोनों ही किस्म के अंगूर को सीमित मात्रा में डायबिटीज वाले लोग खा सकते हैं, लेकिन एक-एक समय में एक मुट्ठी से ज्यादा नहीं. साथ ही, इन्हें खाने के साथ प्रोटीन या फाइबर से भरपूर खाना लेने से ब्लड शुगर का कंट्रोल बेहतर रहता है.
- हरा और काला अंगूर दोनों ही डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित हो सकते हैं, अगर इन्हें मात्रा पर कंट्रोल के साथ खाया जाए.
- हरा अंगूर थोड़ा कम शुगर और आसान पचता है.
- जबकि काला अंगूर एंटीऑक्सिडेंट्स में ज्यादा और स्वास्थ्य के कई पहलुओं में मददगार होता है.
लेकिन, याद रखें फल भी कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है, इसलिए हमेशा डॉक्टर या डायटिशियन की सलाह के आधार पर अपनी डाइट प्लान बनाएं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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