- पंजाब सरकार ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है
- सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रतिमाह हजार रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को पंद्रह सौ रुपये मिलेंगे
- यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी, योजना बैसाखी से लागू होने की संभावना है
पंजाब की भगवंत मान सरकार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को बड़ा तोहफा देने जा रही है. राज्य की महिलाओं को अब हर महीने 1000 रुपये दिए जाएंगे. वहीं SC वर्ग की महिलाओं को सरकार 1500 रुपये देगी. ये राशि मुख्यमंत्री मावा-धीआ सत्कार योजना' के तहत दी जाएगी. मान सरकार इस योजना को बैसाखी से लागू करने की प्लानिंग कर रही है. बता दें कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने चुनाव से पहले महिलाओं को ये गारंटी दी थी.
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महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 1 हजार रुपये
आम आदमी पार्टी का कहना है कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने चुनाव में दी गई सारी गारंटी पूरी की हैं. अब इस गारंटी को भी पूरा करने जा रही है. इस योजना को लेकर बाकी डिटेल्स पर पंजाब सरकार अभी काम कर रही है, कुछ दिनों में इसे जारी किया जाएगा. पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 2,36,080 करोड़ का बजट विधानसभा में पेश किया. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट पेश करते हुए कहा कि यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है. यह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर प्रस्तुत किया जा रहा है, जो महिलाओं की शक्ति, उपलब्धियों और आकांक्षाओं का जश्न मनाने के लिए समर्पित दिन है. उन्होंने कहा, सरकार का लक्ष्य “बदलता पंजाब” के विजन को आगे बढ़ाना है. बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, उद्योग, कृषि, खेल और सामाजिक कल्याण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है.
SC वर्ग की महिलओं को मिलेंगे 1500 रुपये
पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब की महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे. यह राशि ‘मुख्यमंत्री माताएं-बेटियां सत्कार योजना' के तहत सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी. वित्त मंत्री ने बताया कि लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में हमने बुनियादी और उन्नत दोनों मानकों को सुनिश्चित किया है। आज, 99 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी है. 10,095 शौचालयों का निर्माण किया गया है. एक लाख से अधिक नए डेस्क की खरीद से यह सुनिश्चित हुआ है कि कोई भी बच्चा फर्श पर न बैठे. 8.286 सफाई कर्मचारी स्कूलों में दैनिक सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं. 3,000 से अधिक सुरक्षा कर्मी स्कूल परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं. 1,798 कैंपस मैनेजर स्कूल प्रशासन में सहायता कर रहे हैं.
जरूरतों को पूरा करने के लिए लगभग 6.200 कक्षाओं का नवनिर्माण किया गया है और 4.700 का जीर्णोद्धार किया गया है। इस वर्ष स्कूल के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए 690 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस वर्ष का फोक्स बड़े पैमाने पर सफेदी और सौंदर्यीकरण अभियान होगा, ताकि हर सरकारी स्कूल गर्व, स्वच्छता और आकांक्षा को प्रतिबिंबित करे.
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