जब भी मेरे हसबैंड को लूज मोशन यानि दस्त की शिकायत होती है, तो वो सूखी चायपत्ती गर्म पानी के साथ फांक लेते हैं. उनका कहना है कि इससे दस्त की परेशानी दूर हो जाती है. उन्होंने कई बार इस नुस्खे को ट्राई किया है. वे ठीक भी हो जाते हैं. लेकिन क्या सच में ऐसा करना सही है और क्या चायपत्ती दस्द की परेशानी को दूर कर सकता है? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए हमने यशोदा हॉस्पिटल्स, सिकंदराबाद के कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. एम. शीतल कुमार से बातचीत की. डॉक्टर कहते हैं कि लूज मोशन के दौरान सबसे जरूरी चीज दस्त रोकना नहीं, बल्कि शरीर में पानी और नमक की कमी को पूरा करना होता है. आइए जानते हैं कि चायपत्ती को लेकर डॉक्टर की क्या राय है और दस्त होने पर सही कदम क्या उठाने चाहिए?
सूखी चाय पत्ती फांकने से दस्त बंद हो जाता है?
डॉ. शीतल कुमार का कहना है कि चायपत्ती को लूज मोशन का प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता. चाय में टैनिन नामक कुछ तत्व पाए जाते हैं, जिनमें कसाव पैदा करने वाले गुण होते हैं. ऐसे में कुछ लोगों को इसके सेवन से दस्त की परेशानी बंद हो जाती है. हालांकि, अभी तक ऐसा कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जो ये साबित करे कि सूखी चायपत्ती खाने या सिर्फ चाय पीने से दस्त ठीक हो जाते हैं. कुछ छोटे अध्ययनों में ब्लैक टी से जुड़े सीमित फायदे देखे गए हैं, लेकिन उनसे ये रिजल्ट नहीं निकाला जा सकता कि चायपत्ती को घरेलू उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जाए.
लूज मोशन में सबसे जरूरी क्या है?
डॉक्टर का कहना है कि दस्त के दौरान सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन का होता है. इसलिए प्राथमिकता शरीर में खोए हुए पानी और नमक की पूर्ति करना होनी चाहिए. इसके लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन का इस्तेमाल सबसे अच्छा विकल्प है. ORS को पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार तैयार करें और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार पीते रहें. साथ ही भूखे रहने के बजाय हल्का और सुपाच्य भोजन लेते रहना भी जरूरी है.
चाय उल्टा नुकसान भी पहुंचा सकती है
डॉ. शीतल कुमार बताते हैं कि कैफीन वाली चाय कुछ लोगों में दस्त की समस्या को और बढ़ा सकती है. इसलिए इसे ORS का ऑप्शन समझने की गलती नहीं करनी चाहिए. अगर लूज मोशन हो रहा है, तो शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है.
अगर दस्त के साथ मल में खून आए, तेज बुखार हो, पेट में बहुत ज्यादा दर्द हो, चक्कर आने लगें या पेशाब कम होने लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. वहीं, अगर किसी वयस्क में लूज मोशन दो दिन से ज्यादा समय तक बना रहता है, तो मेडिकल सलाह लेना जरूरी है. बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है. ऐसे लोगों में लक्षण दिखते ही डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए.
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