विज्ञापन
This Article is From Sep 05, 2025

हाई रिटर्न स्टॉक मार्केट स्कीम का लालच, फिर साइबर ठगी का 'खेल'.... शेयर मार्केट फ्रॉड केस में 2 आरोपी गिरफ्तार

ठगों ने लोगों को IPO फंडिंग और 'हाई रिटर्न स्टॉक मार्केट स्कीम' के नाम पर फंसाया. उन्हें फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स जैसे CBCX डाउनलोड कराए गए और व्हाट्सऐप ग्रुप्स में जोड़कर निवेश के लिए उकसाया गया. जब पीड़ित लोग पैसे वापस मांगते तो ठग धमकी, बहानेबाज़ी और दबाव डालते.

हाई रिटर्न स्टॉक मार्केट स्कीम का लालच, फिर साइबर ठगी का 'खेल'.... शेयर मार्केट फ्रॉड केस में 2 आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए दो अहम आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ये दोनों आरोपी एक इंटर-स्टेट साइबर गिरोह को अपने बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे, जिनके जरिए लोगों से ठगी के करोड़ों रुपये घुमाए और हड़पे जाते थे.

ठगों ने लोगों को IPO फंडिंग और 'हाई रिटर्न स्टॉक मार्केट स्कीम' के नाम पर फंसाया. उन्हें फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स जैसे CBCX डाउनलोड कराए गए और व्हाट्सऐप ग्रुप्स में जोड़कर निवेश के लिए उकसाया गया. जब पीड़ित लोग पैसे वापस मांगते तो ठग धमकी, बहानेबाज़ी और दबाव डालते.

इस साइबर फ्रॉड में करीब ₹6.40 करोड़ की ठगी सामने आई है. आरोपी मो. असीम अली खान के खाते से लगभग ₹66 लाख का ट्रांजैक्शन जुड़ा मिला है और उनके खाते से जुड़े 8 शिकायतें (NCRP पर) मिली हैं. वहीं, आरोपी रुशिकेश कम्बले के खातों से ₹6.71 लाख का लेन-देन हुआ और उसके खातों से जुड़ी 78 शिकायतें सामने आई हैं.

दोनों आरोपी पहले भी हरियाणा और हैदराबाद में साइबर क्राइम के मामलों में पकड़े जा चुके हैं. जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक अकाउंट खोलकर, चेकबुक, एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल सिम तक गिरोह के हाथों में सौंप देते थे. इसके बदले इन्हें कमीशन मिलता था. इनके खाते देशभर में लोगों से ठगे गए पैसों को घुमाने और सफेद दिखाने (लेयरिंग) का बड़ा जरिया थे.

डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि इन गिरफ्तारियों से देशभर में चल रहे बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. फिलहाल पुलिस बाकी खातों को फ्रीज करने और इस रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com