- ईडी ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ 177.30 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं
- जांच में पाया गया कि King567 समेत अन्य वेबसाइट्स से देशभर में लोगों को ठगने की योजना थी
- आरोपियों ने नकली जीत दिखाकर भरोसा जीता और बाद में खातों को ब्लॉक कर बड़ी रकम जब्त की
ED ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है. ईडी के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 29 जनवरी 2026 को KC वीरेंद्र और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है. इस आदेश के तहत करीब 177.30 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है. अटैच की गई संपत्तियों में कृषि भूमि, रिहायशी प्लॉट, मकान जैसी अचल संपत्तियों के अलावा बैंक बैलेंस और अन्य चल संपत्तियां भी शामिल हैं.
अवैध सट्टेबाज़ी की कमाई से खरीदी गई संपत्तियां
ईडी के मुताबिक, ये सभी संपत्तियां अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से अर्जित अपराध की आय से खरीदी गई थीं. ईडी की यह जांच देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी. ये एफआईआर राज्य पुलिस द्वारा धोखाधड़ी, फर्जी पहचान, साइबर ठगी और जबरन वसूली जैसे मामलों में दर्ज की गई थीं. ये सभी अपराध PMLA के तहत शेड्यूल्ड ऑफेंस की श्रेणी में आते हैं.
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King567 समेत अवैध वेबसाइट्स से देशभर में ठगी
जांच के दौरान सामने आया कि King567 और इससे जुड़ी अन्य अवैध वेबसाइट्स के जरिए देशभर में आम लोगों को निशाना बनाया जा रहा था. ये वेबसाइट्स देखने में ऑनलाइन कैसीनो और गेमिंग प्लेटफॉर्म जैसी थीं, लेकिन वास्तव में ये पूरी तरह से गैरकानूनी थीं. ईडी की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत लोगों को ठगने का तरीका अपनाया. शुरुआत में खिलाड़ियों को छोटे दांव पर नकली जीत दिखाई जाती थी, ताकि उनका भरोसा जीता जा सके.
फर्जी जीत, अकाउंट ब्लॉक और मनी लॉन्ड्रिंग का खेल
इसके बाद जैसे ही लोग बड़ी रकम जमा करते, उनके अकाउंट ब्लॉक कर दिए जाते थे और जीत की रकम निकालने का कोई विकल्प नहीं दिया जाता था. लोगों से ली गई रकम को अलग-अलग पेमेंट गेटवे और सैकड़ों म्यूल अकाउंट्स के जरिए इकट्ठा किया जाता था. इसके बाद कई परतों में ट्रांजैक्शन कर मनी लॉन्ड्रिंग की जाती थी, ताकि पैसों के असली स्रोत को छिपाया जा सके. इस मामले में ईडी पहले ही PMLA की धारा 17 के तहत देश के कई राज्यों में 60 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है.
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छापेमारी, गिरफ्तारी, 2300 करोड़ की अपराध की आय की पहचान
इन छापों के दौरान भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, गोल्ड बुलियन, लग्ज़री गाड़ियां, डिजिटल डिवाइस और अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे. ईडी ने इस केस में KC वीरेंद्र को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था. इसके बाद मामले में विशेष PMLA कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है. ईडी के मुताबिक, इस मामले में अब तक 320 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं. वहीं जांच के दौरान 2300 करोड़ रुपये से ज्यादा की अपराध की आय की पहचान की गई है, जिसे अवैध ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और जुए के जरिए कमाया गया और फिर कई लेयर में ट्रांजैक्शन कर छिपाया गया. ईडी का कहना है कि इस पूरे अवैध ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और जुए के सिंडीकेट का मास्टरमाइंड KC वीरेंद्र है.
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