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साइबर फ्रॉड कर व्यापारी को पुणे से पटना बुलाया, एयरपोर्ट से अगवा किया-पुलिस ने बताई हत्याकांड की खौफनाक कहानी

गिरफ्तार साइबर अपराधी ने बताया कि वे लोग एपीके फाइल लोगों को भेजते हैं और जब लोग उस फाइल को इंस्टॉल करते हैं तो वैसे ही उनका मोबाइल का कंट्रोल उनके पास में आ जाता है और उनकी टीम पहले सिस्टम में घुसकर ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए रकम की जांच करते हैं. इसके बाद ही पैसे को ट्रांसफर कर लिया जाता था.

साइबर फ्रॉड कर व्यापारी को पुणे से पटना बुलाया, एयरपोर्ट से अगवा किया-पुलिस ने बताई हत्याकांड की खौफनाक कहानी
  • रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के बाद व्यापारी को बुलाकर अगवा करने का संगठित गिरोह पकड़ा गया है
  • गिरफ्तार आरोपी संटू कुमार ने बैंक कस्टमर केयर बनकर फर्जी APK फाइल इंस्टॉल कर लाखों रुपये की ठगी स्वीकार की है
  • पुणे के व्यापारी लक्ष्मण शिंदे को पटना बुलाकर अपहरण कर हिलसा में रखा गया
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झारखंड के रामगढ़ से साइबर ठगी के बाद व्यापारी को बुलाकर उसे अगवा करने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. रामगढ़ जिले के गोला थाना का यह मामला सिर्फ साइबर ठगी ही नहीं बल्कि एक संगठित अपराध गिरोह की खौफनाक सच्चाई को भी सबके सामने लता है. ये गिरोह ऑनलाइन ठगी के साथ-साथ अपहरण और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देता है. पुलिस ने इस मामले में 17 जनवरी को रामगढ़ साइबर थाना और गोला थाना की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े साइबर अपराधी को गिरफ्तार कर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है. पुलिस ने एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार भी किया है. बताया जा रहा है गिरफ्तार आरोपी महाराष्ट्र के एक व्यापारी जिसकी हत्या पटना में हुई थी उसका भी वांछित था.

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान सन्टू कुमार उर्फ सिन्टु उर्फ कुन्दन के रूप में हुई है, जो बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है. आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि वह और उसका गिरोह बैंक कस्टमर केयर बनकर लोगों को फर्जी APK फाइल इंस्टॉल करवाता था और खातों से लाखों रुपये की साइबर ठगी करता था.पुलिस ने आरोपी के पास से तीन i-Phone समेत कुल छह मोबाइल, सभी में फर्जी सिम,चार लाख तैतलिस हज़ार रुपये(443000) नकद और काले रंग का बिहार नम्बर बुलेट बरामद किया गया है. आरोपी ने स्वीकार किया कि ये सभी सामान साइबर ठगी के पैसों से खरीदे गए हैं.

क्या था लक्ष्मण शिंदे का पूरा मामला

एनएच 33 के किनारे लावारिस हालत में मिले अज्ञात शव की पहचान पुणे के रहने वाले लक्ष्मण शिंदे के रूप में की गई थी. शिंदे स्क्रैप व्यवसायी थे.  11 अप्रैल 2025 को फ्लाइट से पटना आये थे. इसके बाद उनकी हत्या कर शव को झुनकी के समीप लाकर फेंक दिया गया था. पुणे निवासी लक्ष्मण साधु शिंदे का पुणे में स्क्रैप का बड़ा कारोबार है. बड़े बिजनेस डील करने के नाम पर उन्हें पुणे से फ्लाइट से पटना बुलाया गया. इनके गिरोह के द्वारा लक्ष्मण सिंदे, रत्नदीप कास्टिंग के मालिक जो पुणे महाराष्ट्र के रहने वाले थे जिनको दिनांक- 11/04/2025 को फर्जी कम्पनी के मिटिंग के नाम से पटना (बिहार) बुलाया और पटना हवाई अड्डा से अपहरण कर हिलसा (बिहार) में रखा गया.

मारपीट कर ट्रांसफर कराए पैसे

इसके बाद शिंदे के परिवार से बारह लाख रुपये शिंदे के खाते में मंगाया और लक्ष्मण शिंदे से एटीएम का पिन कोड पूछने पर एटीएम का पिन कोड बार-बार गलत बताने पर शिंदे के साथ इन लोगों के द्वारा मारपीट किया गया जिससे उसकी मौत हो गई. शव को ठिकाने लगाने के लिए ये सभी लोग हिलसा थाना से आगे जहानाबाद में घोसी थाना अन्तर्गत रोड के किनारे लक्ष्मण साधु शिंदे के शव को फेक कर भाग गए. इसके बाद लक्ष्मण साधु शिंदे हत्या काण्ड में इनका साथी शिवराज सागी उर्फ रंजीत पटेल उर्फ मुन्ना महतो , संगीता कुमारी उर्फ छोटी, विकाश कुमार उर्फ मोहित यादव, कुन्दन कुमार, लाल बिहारी, विपत्र कुमार, सचिन रंजन, सुमित कुमार उर्फ जीतु, संतोष कुमार को इस कांड में पटना एयरपोर्ट थाना द्वारा जेल भेजा गया है. इस घटना के बाद से ही संदु कुमार एवं इनके बचे हुये सहयोगी फरार चल रहे थे.

जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वह यह कि यह गिरोह केवल साइबर ठगी तक सीमित नहीं था. आरोपी ने बताया कि वे बिहार में रहकर एल्यूमिनियम, कॉपर और मेटल कारोबारियों को गूगल से नंबर निकालकर पटना बुलाते थे और फिर उनका अपहरण कर मोटी फिरौती वसूलते थे. अब तक देश के अलग-अलग राज्यों -गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान, के व्यापारियों से करीब एक करोड़ रुपये की ऑनलाइन वसूली की गई है.सबसे सनसनीखेज मामला लक्ष्मण साधु शिंदे जो पुणे (महाराष्ट्र) का रहने वाले थे, जिन्हें 11 अप्रैल 2025 में फर्जी मीटिंग के बहाने पटना बुलाया गया.

 

पटना हवाई अड्डा से ही अपहरण के बाद उन्हें हिलसा (बिहार) में बंधक बनाकर रखा गया, इसके बाद शिंदे के परिवार से 12 लख रुपए शिंदे के खाते में मंगाया गया लक्ष्मण शिंदे से एटीएम का पिन कोड पूछने पर एटीएम का पिन कोड बार-बार गलत बताने पर शिंदे के साथ इनके अन्य नौ(9) साथियों ने मिलकर बेरहमी के साथ मारपीट किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई. शव को ठिकाने लगाने के लिए जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र में सड़क किनारे फेंक दिया गया. इस हत्या कांड में आरोपी के नौ (9) साथी पहले ही पटना एयरपोर्ट थाना द्वारा जेल भेजे जा चुके हैं. जबकि मुख्य आरोपी सन्टु कुमार फरार होकर रामगढ़ में छिपा था.

गिरफ्तार साइबर अपराधी ने बताया कि वे लोग एपीके फाइल लोगों को भेजते हैं और जब लोग उस फाइल को इंस्टॉल करते हैं तो वैसे ही उनका मोबाइल का कंट्रोल उनके पास में आ जाता है और उनकी टीम पहले सिस्टम में घुसकर ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए रकम की जांच करते हैं. इसके बाद रकम मिलने पर पैसे को ट्रांसफर कर लेते हैं अब तक वे लोग करोड़ों रुपए की ठगी कर चुके हैं 9 महीने से वह गोला के हरम दरगाह में रह रहा था. इससे पहले वह पटना में रहता था जहां महाराष्ट्र के एक व्यापारी की मौत के बाद वह रामगढ़ जाकर छुप गया.

रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने बताया कि यह कुख्यात साइबर अपराधी काफी सक्रिय था प्रतिबिंब अप के जरिए इसकी जानकारी मिली थी लगातार नंबर भी बदलता रहता था. जिसके जरिए इसकी पहचान नहीं हो पा रही थी पुलिस की टीम आखिरकार इस तक पहुंची और इसके पास से साइबर ठगी के चार लाख 43 हजार रुपए नगद 6 मोबाइल एक बुलेट बरामद किया है. इसने कई वारदात में अपनी संलिप्त बताई है जिसमें मुख्य तौर पर पटना में पुणे महाराष्ट्र के एक व्यापारी शिंदे की हत्या को एटीएम पिन नहीं बताने पर पीट-पीट कर बेरहमी से करने की बात कबूली थी. इस मामले में इससे पहले 8 लोगों की गिरफ्तारी पटना एयरपोर्ट पुलिस कर चुकी है. यह पिछले 6 महीना से फरार चल रहा था. इसकी गिरफ्तारी आज रामगढ़ के गोला से कर ली गई है. (इनपुट राजेश) 

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