ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कन्फ्यूज हैं? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि ट्रंप रोज नए-नए बयान दे रहे हैं. कभी कह रहे कि ईरान युद्ध बस खत्म होने वाला है. कभी इशारा दे रहे कि ये जंग लंबी चल सकती है. ट्रंप ने अब फिर से कहा है कि जंग अब जल्दी, बहुत जल्दी खत्म होने वाली है. हालांकि ईरान ने इस पर जबाव दिया है कि युद्ध कब खत्म होगा, ये अमेरिका नहीं हम तय करेंगे.
11 दिन से जंग जारी, दुनिया में चिंता
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को 11 दिन हो चुके हैं. दोनों तरफ से भीषण हमले जारी है. ईरान अपने पड़ोसी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले करने से भी नहीं चूक रहा. स्ट्रेज ऑफ होर्मुज के जरिए खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई ठप होने की वजह से कई देशों में संकट गहराने लगा है. इसे लेकर चिंता दिनों दिन गहराती जा रही है.
ट्रंप - 20 गुना ज्यादा भीषण हमला करेंगे
जंग के जल्दी खत्म होने के बयान के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर नए बयान में कहा कि ईरान ने अगर होर्मुज स्ट्रेट में तेल का फ्लो रोकने की कोशिश की तो उसके ऊपर अब तक हुए हमलों से 20 गुना ज्यादा भीषण हमला किया जाएगा. ट्रंप ने 'मौत, आग और तबाही' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि हम ईरान को ऐसा पंगु कर देंगे, जिससे उसका फिर से खड़ा होना मुश्किल हो जाएगा. लेकिन ये भी कहा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि ऐसी नौबत न आए.
कुछ घंटे पहले कहा, जल्द खत्म होगी जंग
ट्रंप ने एक दिन पहले ही मियामी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान कुछ ही दिनों में खत्म हो सकता है. इस जंग में हमें निर्णायक बढ़त मिल रही है. हमने ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह कमजोर कर दिया है. उसकी नौसेना की कमर तोड़ दी है. ईरान के 50 से ज्यादा नौसैनिक जहाज नष्ट कर दिए हैं. ईरान की मिसाइल क्षमता 10 पर्सेंट या उससे भी कम रह गई है. हमें पता है कि वो अपने ड्रोन कहां बनाते हैं. उन ड्रोन फैक्ट्रियों पर भी एक-एक करके ड्रोन हमले किए जा रहे हैं. इस मिशन के दौरान अब तक 5 हजार से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए हैं, जिनमें कई बहुत बड़े सैन्य ठिकाने भी शामिल हैं.
ईरान पर जबर्दस्त हमले की दी थी चेतावनी
इससे पहले, शनिवार को ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि ईरान पर जबरदस्त प्रहार किया जाएगा. युद्ध में ईरान के और भी अधिकारियों को निशाना बनाया जाएगा. उन्होंने ये भी कहा था कि ईरान के खराब बर्ताव की वजह से अब ऐसे इलाकों और लोगों के समूहों को भी निशाना बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, जिन्हें अब तक निशाना बनाने के लिए नहीं सोचा गया था. उससे पहले भी ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि ईरान के बिना शर्त सरेंडर करने तक उसके साथ कोई समझौता नहीं होगा.
ईरान बोला, हम तय करेंगे जंग कब खत्म होगी
ट्रंप भले ही दावा कर रहे हों कि ईरान युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन ईरान अपने हमले रोकने के मूड में नहीं है. आईआरजीसी ने कहा है कि युद्ध का अंत हम ही तय करेंगे. इलाके के समीकरण और भविष्य हमारी सेना के हाथों में है, अमेरिकी सेना युद्ध खत्म नहीं करेगी. आईआरजीसी के जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा, ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी. दुनिया में तेल की कीमतों पर कंट्रोल अब ईरान के हाथ में है. ईरान तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक अमेरिका की ओर से हार का ऐलान नहीं हो जाता.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि जब तक जरूरी होगा, हम मिसाइल हमले जारी रखने को तैयार हैं. मौजूदा हालात में ईरान पीछे हटने वाला नहीं है. ईरान की सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उसे अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए जरूरी लगेगा. अराघची ने संकेत दिया कि जमीन पर हालात कहीं अधिक जटिल हैं और संघर्ष का अंत जल्द होने की उम्मीद फिलहाल नहीं दिखती.
अमेरिका से समझौते पर कोई बात नहीं
ईरानी विदेश मंत्री ने एक इंटरव्यू में ये भी कहा कि मौजूदा स्थिति में अमेरिका से वार्ता की संभावनाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं. उनका कहना था कि जब तक क्षेत्र में सैन्य तनाव और दबाव की नीति जारी रहेगी, तब तक किसी सार्थक बातचीत का माहौल बन पाना मुश्किल है. अराघची ने कहा कि अमेरिका ने हमसे वादा किया था कि हमला नहीं करेंगे, और बातचीत से परमाणु मसले को सुलझाएंगे, लेकिन फिर भी उन्होंने ईरान पर हमला कर दिया. अब समझौते पर कोई बात नहीं होगी.
अमेरिकी विदेश मंत्री ने दिखाए तेवर
उधर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कड़े तेवर दिखाते हुए संकेतों में कहा है कि सबसे बुरा दौर अभी आना बाकी है. उन्होंने कहा कि ईरान पूरी दुनिया को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है. ईरान की मौजूदा सरकार पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए खतरा बन गई है. वो पड़ोसी देशों पर हमला कर रहे हैं, नागरिक ठिकानों और ऊर्जा ढांचों को तबाह कर रहे हैं. हमारा मकसद है कि उन्हें ऐसा करने से रोका जाए और हम इस लक्ष्य को हासिल करने की तरफ बढ़ रहे हैं.
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