Nostradamus Predictions 2026: जैसे ही साल 2026 की शुरुआत हुई, वैसे ही फ्रांस के प्रसिद्ध ज्योतिषी और भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां एक बार फिर चर्चा में आ गईं. माइकल डी नास्त्रेदमस के नाम से जन्मे नास्त्रेदमस ने 16वीं सदी में कई रहस्यमयी चौपाइयों के जरिए भविष्य की घटनाओं का संकेत दिया था. माना जाता है कि उनकी भविष्यवाणियों में हिटलर का उदय, वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला और महामारी जैसी घटनाओं के संकेत पहले ही मिल चुके थे.
942 चौपाइयों में छिपा भविष्य
नास्त्रेदमस की प्रसिद्ध किताब ले प्रोफेती में कुल 942 काव्यात्मक चौपाइयां हैं. इनमें किसी भी साल का सीधा जिक्र नहीं है, लेकिन षड्यंत्र सिद्धांतों को मानने वाले लोगों का दावा है कि उनकी 26वीं चौपाइयां सीधे तौर पर साल 2026 से जुड़ी हैं.
क्या किसी बड़े नेता की होगी मौत?
नास्त्रेदमस की एक पंक्ति में लिखा है कि 'एक महान व्यक्ति दिन के उजाले में बिजली की तरह गिर पड़ेगा. इसे लेकर माना जा रहा है कि 2026 में किसी बड़े और लोकप्रिय पुरुष नेता की हत्या या सत्ता परिवर्तन हो सकता है, जो पूरी दुनिया को हिला देगा.
स्विट्ज़रलैंड में खून-खराबे का संकेत
एक अन्य भविष्यवाणी में नास्त्रेदमस ने चेतावनी दी है कि स्विट्ज़रलैंड के टिचीनो क्षेत्र में खून की नदियां बह सकती हैं. यह इलाका अपनी शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. हाल ही में स्विट्ज़रलैंड के एक लग्ज़री स्की रिसॉर्ट में लगी भीषण आग को भी कुछ लोग इसी भविष्यवाणी से जोड़कर देख रहे हैं.
रहस्यमयी ‘मधुमक्खियां' क्या इशारा करती हैं?
नास्त्रेदमस ने 'मधुमक्खियों के झुंड' का भी जिक्र किया है, जिसने लोगों को उलझन में डाल दिया है. कुछ व्याख्याओं के अनुसार ये असली कीड़े नहीं, बल्कि सत्ता, राजनीति और सख्त शासनों का प्रतीक हो सकते हैं. माना जा रहा है कि 2026 में तानाशाही सोच को बढ़ावा मिल सकता है.
7 महीने का महायुद्ध!
नास्त्रेदमस की सबसे डरावनी भविष्यवाणी एक 'सात महीने के महान युद्ध' को लेकर है. उनकी पंक्तियों के अनुसार इस युद्ध में भारी जनहानि होगी और दो ताकतवर शासक अपनी जीत को लेकर अड़े रहेंगे. इसे वैश्विक संघर्ष का संकेत माना जा रहा है.
समुद्र में छिड़ सकता है युद्ध
एक और चौपाई में समुद्र में जहाजों के बीच घातक युद्ध की बात कही गई है. कुछ लोग इसे एशिया के समुद्री इलाकों में बढ़ते तनाव से जोड़ रहे हैं, जहां कई देश लंबे समय से टकराव की स्थिति में हैं.
नास्त्रेदमस का डर कहां से आया?
इतिहासकारों का मानना है कि नास्त्रेदमस की निराशाजनक सोच की वजह उनका निजी जीवन था. बीमारी से पत्नी और बच्चों को खोने के बाद उन्होंने मानवता के लिए विनाश और संकट की भविष्यवाणियां लिखनी शुरू कीं.
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