आज की इस चकाचौंध और तकनीक से भागती दुनिया के समानांतर एक ऐसी जगह भी हो सकती है, जो सदियों पुरानी रहस्यमयी परंपराओं को खुद में समेटे हुए है. एक ऐसा पूरा इलाका, जहां आज के दौर में भी महिलाओं के कदम रखने पर सख्त पाबंदी है.
हम बात कर रहे हैं ग्रीस के एक बेहद खूबसूरत लेकिन बिल्कुल अलग-थलग पहाड़ी हिस्से 'माउंट एथोस' की. लेकिन सवाल यह है कि आखिर इस पाबंदी के पीछे का सच क्या है. क्यों यह जगह दुनिया की नजरों से दूर अपने रहस्यों को छुपाए बैठी है. आज हम इसी अनकहे और अनसुने सफर पर चलेंगे, जहां वक्त जैसे थम सा गया है.
महिलाओं की पाबंदी की वजह क्या है?
माउंट एथोस में सिर्फ महिलाओं का आना ही मना नहीं है, बल्कि यहां किसी भी मादा पशु को लाने पर भी पूरी पाबंदी है. यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि करीब एक हजार साल से चला आ रहा बेहद सख्त कानून है.

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इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि ऑर्थोडॉक्स ईसाई संन्यासियों (मॉन्क) ने इस जगह को अपनी आध्यात्मिक साधना का केंद्र बनाया था. वे इसे 'वर्जिन मैरी का पवित्र बगीचा' मानते हैं. मान्यता है कि खुद ईसा मसीह की माता, वर्जिन मैरी इस जगह पर आई थीं और इसकी सुंदरता से खुश होकर उन्होंने इसे अपना बगीचा बना लिया. संन्यासियों का मानना है कि इस पूरे इलाके पर सिर्फ वर्जिन मैरी का अधिकार है और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए ही यहां किसी दूसरी महिला को आने की इजाजत नहीं दी जाती.
ऐसा लगता है कि 10वीं सदी में पहुंच गए
आज जहां हम बिना स्मार्टफोन और इंटरनेट के एक पल नहीं रह सकते, वहीं माउंट एथोस के संन्यासी आज भी 10वीं सदी जैसी सादगी भरी जिंदगी जी रहे हैं.

इनका शेड्यूल इतना कड़ा है कि सुनकर ही रूह कांप जाए. सुबह के ठीक 4 बजे उठना, रात-रात भर जागकर प्रार्थना करना और दिनभर खेतों या मठों में कड़ी मेहनत करना. भोजन के नाम पर सिर्फ सूखी रोटी और कुछ सब्जियां.
यहां ऐशो-आराम या मनोरंजन का कोई नामोनिशान नहीं है. इस जगह पर बाहरी लोगों का आना भी आसान नहीं है. कड़ी सुरक्षा जांच के बाद सिर्फ चुनिंदा पुरुषों को ही यहां आने का परमिट मिलता है.
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मठों की दीवारों के पीछे सीक्रेट्स दफ्न
कहा जाता है कि इन मठों की दीवारों के पीछे ऐसे प्राचीन ग्रंथ और सीक्रेट्स दफ्न हैं, जिन्हें सिर्फ यहां के संन्यासी ही देख सकते हैं. लगातार कई घंटों की ध्यान साधना के दौरान ये संन्यासी एक ऐसी ट्रांस (शून्य) की अवस्था में चले जाते हैं, जहां वे खुद को ईश्वर के सबसे करीब पाते हैं.
बड़ा सवाल यह है कि क्या आधुनिकता की इस आंधी में माउंट एथोस अपनी इस प्राचीन पहचान को बचा पाएगा. चारों तरफ से बदलते समय का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन यह रहस्यमयी पहाड़ी आज भी अपने नियमों पर अडिग खड़ी है. शायद यह रहस्य ही इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती है, जो हमें याद दिलाती है कि दुनिया से कटकर भी आस्था की एक अनोखी दुनिया बसाई जा सकती है.
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