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'काटना मत भाई', 16500 फीट ऊंचे ग्लेशियर की दरार में फंसा था भालू का बच्चा, रेस्क्यू के बाद मां ने कहा- थैंक्यू

दरार में फंसे भालू के बच्चे को बाहर निकालने के लिए रस्सी से बांधते रेस्क्यूअर को डर था कि कहीं भालू उसे काट ना ले. इसीलिए वो उससे दबी आवाज में कह रहा था कि 'काटना मत भाई'.

'काटना मत भाई', 16500 फीट ऊंचे ग्लेशियर की दरार में फंसा था भालू का बच्चा, रेस्क्यू के बाद मां ने कहा- थैंक्यू
भालू के बच्चे को दरार से निकालने के लिए बर्फ तोड़ते हुए ली गई रेस्क्यू टीम की तस्वीर.
Instagram@safar_he_manzil_hai

Viral Video: 'सफर ही मंजिल है' नाम से बने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 15 सितंबर को एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जो इस वक्त इंटरनेट पर चर्चाओं का विषय बना हुआ है. करीब 3 मिनट के इस वीडियो में हिमालयन ब्राउन बियर के बच्चे का रेस्क्यू होता दिख रहा है, जो 16500 फीट की ऊंचाई पर ग्लेशियर की दरार में फंस गया था. रेस्क्यूअर्स ने बताया, 'बच्चे को बाहर निकालना सबसे मुश्किल काम नहीं था. असली चुनौती बच्चे की मां से अपनी जान बचाना थी.'

'सब्र, हिम्मत और मेहनत से सफल रहा रेस्क्यू'

वीडियो के कैप्शन में पूरी कहानी बताते हुए उन्हें लिखा, 'समय बहुत कीमती था क्योंकि छोटे बच्चे की जान खतरे में थी. भालू की मां अपने बच्चे को लेकर बहुत सतर्क थी और किसी को भी उस जगह के पास नहीं आने दे रही थी. बहुत सब्र, हिम्मत और मेहनत के बाद, हम आखिरकार उसे शांत करने और बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने में कामयाब रहे.'

भालू की मां ने सिर झुकाकर कहा- थैंक्यू!

वीडियो में आप देख सकते हैं कि भालू की मां पहले किसी को पास नहीं आने दे रही थी. लेकिन जब उसे यकीन हो गया कि ये लोग उसकी मदद के लिए वहां आए हैं तो वो कुछ दूरी पर जाकर बैठ गई और इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को दूर से देखने लगी. इसके बाद रेस्क्यू टीम ने बर्फ तोड़ी, दरार में लटककर भालू के बच्चे के हाथ में रस्सी बांधी और फिर उसे ऊपर खींच लिया. बाहर निकलने के बाद रस्सी खोली, उसे सहलाया, चेक किया उसे चोट तो नहीं लगी. जब सब कुछ सही पाया गया तो उन्होंने एक फोटो खींचकर उसे उसकी मां के पास छोड़ दिया. बच्चे के पास आते ही भालू मां ने सिर झुकाकर रेस्क्यू टीम को थैंक्यू कहा.

भालू के बच्चे के पैर में लगी चोट? टीम ने दी सफाई

रेस्क्यू टीम ने बचाव के दौरान भालू के पैर में चोट लगने वाली अफवाह पर भी सफाई दी. उन्होंने कहा, 'मैं यह बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं कि बचाव अभियान के दौरान भालू के बच्चे को कोई चोट नहीं आई. बच्चा काफी समय से दरार में फंसा हुआ था, और इसी वजह से शुरू में वह ठीक से चल नहीं पा रहा था. हम वहीं रुके रहे और बच्चे पर नज़र रखते रहे, जब तक कि हमें पूरा यकीन नहीं हो गया कि वह अपनी मां के साथ सामान्य रूप से चलने-फिरने लायक हो गया है.'

'यह एक कीमती जान बचाने की लड़ाई थी'

रेस्क्यू टीम के मुताबिक, छोटे बच्चे को आखिरकार अपनी मां के साथ सुरक्षित चलते हुए देखना हम सभी के लिए सबसे भावुक और संतोषजनक पल था. आखिरकार, यह सिर्फ एक बचाव अभियान नहीं था. यह एक कीमती जान बचाने के लिए समय के खिलाफ एक लड़ाई थी. भगवान का शुक्र है कि हम बचाव कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर पाए.'

यहां देखें पूरा वीडियो:-

वीडियो ने सोशल मीडिया पर जीता लोगों का दिल

रेस्क्यू टीम ने कुल दो वीडियोज पोस्ट किए हैं, जिन पर अभी तक करीब 7 मिलियन व्यूज आ चुके हैं. इंस्टाग्राम पर लोग इन वीडियोज को खूब पसंद कर रहे हैं और जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं.

एक यूजर ने लिखा, 'इस बचाव कार्य को संभव बनाने में आपके साहस, समर्पण और अथक प्रयासों की जितनी भी तारीफ की जाए, कम है. इस भालू को बचाने के लिए अपनी सुरक्षा को दांव पर लगाकर आपने सच्ची वीरता और इंसानियत का परिचय दिया है.'

दूसरे यूजर ने लिखा, 'बचाव का काम तो बहुत बढ़िया था, लेकिन जहाज पर 10 कप्तानों की तरह लगातार चिल्लाने से इस जानवर को कोई फायदा नहीं होता.'

तीसरे यूजर ने लिखा, 'मेरा यकीन करो, भगवान तुम्हें ढेर सारी खुशियां देंगे.'

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