- दिवाली से पहले दिल्ली-यूपी में मुफ्त सिलेंडर का तोहफा.
- कई राज्यों में मिलते हैं त्योहार पर मुफ्त गैस सिलेंडर.
- गैस सिलेंडर की मुफ्त राशि कैसे आपके अकाउंट में आएगा.
देशभर में त्योहारों के सीजन की शुरुआत होते ही गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए गैस सिलेंडर से जुड़ी अच्छी खबर है. केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली 300 रुपये की नियमित सब्सिडी के अलावा, देश के कई राज्य में त्योहारों के अवसर पर पूरी तरह मुफ्त एलपीजी (LPG) सिलेंडर दे रहे हैं. हाल ही में दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड धारकों को 1 सिलेंडर की कीमत के बराबर आर्थिक मदद बैंक अकाउंट में भेजने का ऐलान किया है. जबकि यूपी में भी योगी सरकार त्योहार के मौके पर अकाउंट में सिलेंडर रिफिल कराने के पैसे भेजती है. इसके अलावा उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश और गोवा समेत कई राज्यों में मुफ्त सिलेंडर की यह सुविधा दी जा रही है.
दिल्ली और यूपी में त्योहार पर मिलती है मुफ्त सिलेंडर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुसार, राज्य के सभी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ मिलता है. दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार की योजना के अनुसार, दिल्ली के सभी राशन कार्ड धारक परिवारों को यह लाभ दिया जा रहा है.
दिल्ली सरकार घर पर सिलेंडर भेजने के बजाय सीधे लाभार्थी के Aadhaar-Linked बैंक खाते में सीधे 1 सिलेंडर की कीमत के बराबर की आर्थिक सहायता (DBT) त्योहार से ठीक पहले ट्रांसफर करती है. खास बात यह है कि जो लोग पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी यह पैसे मिलेंगे.
कब और कैसे मिलेगा दिवाली का मुफ्त सिलेंडर?
योजना के नियमों के अनुसार, जिन राज्यों में साल में दो मुफ्त सिलेंडर दिए जाते हैं, उनमें पहला मुफ्त सिलेंडर दिवाली त्योहार से ठीक पहले और दूसरा मुफ्त सिलेंडर होली के त्योहार (जनवरी से मार्च की तिमाही) के दौरान दिया जाता है. गैस कंपनियां आमतौर पर दिवाली से 10 से 15 दिन पहले ही लाभार्थियों के खातों और बुकिंग प्रक्रिया को सक्रिय कर देती हैं, ताकि त्योहार आने तक हर घर में सिलेंडर की डिलीवरी पूरी हो सके. इसके तहत उपभोक्ताओं को बुकिंग के समय सिलेंडर की पूरी कीमत चुकानी होती है, और डिलीवरी के 3 से 4 दिनों के भीतर सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सिलेंडर के पूरे पैसे लाभार्थी के बैंक खाते में रिफंड कर देती है.
किन-किन राज्यों में मिलता है मुफ्त सिलेंडर?
उत्तर प्रदेश (UP)- उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के करीब 1.86 करोड़ उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को साल में 2 मुफ्त सिलेंडर (पहला दीपावली और दूसरा होली पर) देती है.
दिल्ली (Delhi)- दिल्ली सरकार की योजना के तहत राजधानी के सभी राशन कार्ड धारक परिवारों को साल में 2 मुफ्त सिलेंडर (दीपावली और होली) दिए जाते हैं. यह लाभ पीएनजी (PNG) पाइपलाइन का उपयोग करने वाले परिवारों को भी नकद सहायता के रूप में मिलता है.
आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh)- आंध्र प्रदेश की 'दीपम 2.0 योजना' के तहत सफेद राशन कार्ड धारक महिलाओं को साल में 3 मुफ्त सिलेंडर दिए जाते हैं, जिन्हें हर 4 महीने के अंतराल पर बुक किया जा सकता है.
गोवा (Goa)- गोवा सरकार अपने अंत्योदय अन्न योजना और कम आय वाले परिवारों को साल में 3 मुफ्त सिलेंडर देती है, जिसके लिए सालाना 3000 रुपये की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है.
उत्तराखंड (Uttarakhand)- उत्तराखंड सरकार राज्य के सभी 'अंत्योदय राशन कार्ड' धारक गरीब परिवारों को साल में 3 मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराती है.
हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में भी अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के पात्र परिवारों को सालाना 6 मुफ्त सिलेंडर देने का प्रावधान लागू किया गया है.
इन कारणों से आप हो सकते हैं मुफ्त सिलेंडर से वंचित
अगर आपका नाम सरकार की लाभार्थी सूची में है, तो भी कुछ तकनीकी और प्रशासनिक कमियों के कारण आपको उज्ज्वला या राज्य सरकार के मुफ्त सिलेंडर से वंचित होना पड़ सकता है. गैस कंपनियों और सरकार ने अब सभी एलपीजी कनेक्शनों के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है. अगर आपने अपनी गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक या आधार के जरिए ई-केवाईसी नहीं करवाई है, तो आपकी सब्सिडी और मुफ्त सिलेंडर का पैसा रोक दिया जाएगा.
मुफ्त सिलेंडर का पैसा सीधे बैंक खाते में रिफंड (DBT) के रूप में आता है, इसलिए आपका बैंक खाता चालू होना चाहिए और वह आधार कार्ड से लिंक होना बेहद जरूरी है. अगर आपके राशन कार्ड, आधार कार्ड और गैस कनेक्शन के दस्तावेजों में नाम, पता या अन्य जानकारियों में मिसमैच (अंतर) है, तो भी आपकी बुकिंग या रिफंड की प्रक्रिया अटक सकती है.
पैसे रिफंड मिलने की प्रक्रिया
मुफ्त सिलेंडर प्राप्त करने की प्रक्रिया रिफंड डीबीटी मॉडल पर काम करती है. सबसे पहले आपको अपने सामान्य तरीके से गैस सिलेंडर बुक करना होगा और डिलीवरी के समय सिलेंडर की पूरी कीमतका नकद भुगतान करना होगा. वहीं सिलेंडर डिलीवर होने के बाद, केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली सामान्य सब्सिडी (उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली ₹300 की सब्सिडी) आपके खाते में आएगी. इसके बाद, बची हुई पूरी राशि (स्टेट शेयर) राज्य सरकार द्वारा सीधे आपके उसी बैंक खाते में भेज दी जाएगी जो गैस कनेक्शन से लिंक है.
यह भी पढ़ें | LPG Cylinder Prices: 5 किलो-10 किलो, घरेलू और कमर्शियल... किस गैस सिलेंडर की कितनी है कीमत? ये रही पूरी लिस्ट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं