- कैरोलिन लेविट ने अपनी दूसरी संतान के जन्म के बाद परिवार के लिए समय देने की वजह से इस्तीफा दिया
- लेविट ट्रंप के भाषण और शैली को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती थीं और उनके समर्थकों में लोकप्रिय थीं
- ट्रंप ने लेविट की प्रशंसा की है और कहा है कि वह बाहरी सलाहकार के रूप में काम करती रहेंगी
डोनाल्ड ट्रंप को अपनी बात कहने के लिए शायद ही किसी और की जरूरत हो. इसलिए, उनकी प्रेस सेक्रेटरी का जाना शायद कोई मामूली बात लगे. लेकिन बुधवार को कैरोलिन लेविट के जाने की घोषणा ट्रंप के लिए एक बड़ा व्यक्तिगत और राजनीतिक नुकसान है. लेविट एक प्रवक्ता से कहीं ज्यादा ट्रंप के लिए रही हैं.
क्यों दिया इस्तीफा
बुधवार को लेविट ने सोशल मीडिया पर कहा कि 1 मई को अपनी दूसरी संतान बेटी के जन्म के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह अपने बच्चों के लिए वैसी मां नहीं बन पाएंगी, जैसी उन्हें मिलनी चाहिए, अगर वह अपनी नौकरी के लिए जरूरी लगातार समय, ऊर्जा और ध्यान देती रहीं. ट्रंप ने लेविट की तारीफ की और बताया कि लेविट बाहरी सलाहकार के तौर पर काम करती रहेंगी.
क्यों दूसरी मिलनी मुश्किल
ट्रंप का प्रेस सेक्रेटरी होना कोई आसान काम नहीं है. इस प्रशासन में "मैसेज डिसिप्लिन" (अपनी बात पर टिके रहना) जैसी कोई चीज नहीं है. खुद राष्ट्रपति को भी नहीं पता होता कि वे अगले ही पल क्या कह देंगे. वे तुरंत अपनी पॉलिसी बदल लेते हैं और अपने ही बड़े अधिकारियों और अपनी पिछली बातों के उलट बात करते हैं.
ट्रंप मीडिया को अपने हिसाब से चलाने में माहिर हैं. दशकों से उन्होंने पत्रकारों को कभी बुरा-भला कहा, कभी उनकी तारीफ की, तो कभी उनका इस्तेमाल किया. 1980 के दशक में न्यूयॉर्क के टैब्लॉयड में 'विलेन' की भूमिका उन्हें खूब पसंद आई, जब वे एक रियल एस्टेट टाइकून और सेलिब्रिटी के तौर पर अपना ब्रांड बना रहे थे. वे समझते हैं कि मीडिया को हमेशा नई-नई हेडलाइंस की चाहत रहती है और वे इसका इस्तेमाल लोगों का ध्यान भटकाने के लिए करते हैं.
लेविट की खूबियां
लेविट MAGA की भाषा सबसे अच्छी तरह बोलती हैं. उनकी ब्रीफिंग में पॉलिसी समझाने या विदेशी नेताओं को इशारों में संदेश देने की कोशिश कम, बल्कि ट्रंप जैसी बेबाकी दिखाने की कोशिश ज्यादा होती है. राष्ट्रपति के समर्थक लेविट को बहुत पसंद करते हैं. मशहूर पत्रकारों पर उनके तीखे हमले, ट्रंप के पहले कैंपेन के दौरान उनके बागी तेवरों की याद दिलाते हैं. वह शायद ही कभी किसी सवाल का सीधा जवाब देती हैं. इसके बजाय, वह उन पत्रकारों की मंशा या सोच पर हमला करना पसंद करती हैं, जिन्हें ट्रंप के शो में 'एक्स्ट्रा' (मामूली किरदार) की भूमिका में धकेल दिया गया है.
जब तक राष्ट्रपति किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं चुनते जो पहले से ही उनके करीबी लोगों में शामिल हो, लेविट की जगह लेने वाले व्यक्ति में शायद वह विश्वसनीयता न हो जो उन्हें प्रशासन की एक मजबूत आवाज बनाती थी. ज्यादातर व्हाइट हाउस प्रशासन इस अहम पद के लिए एक या ज्यादा डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी को तैयार करते हैं, क्योंकि इस पद पर काम करने वाले लोग आमतौर पर कुछ ही सालों में थककर हट जाते हैं. लेविट के बाद कौन आएगा, इसके लिए कोई साफ योजना न होने से इस बात की अटकलें तेज हो सकती हैं कि ट्रंप शायद यह सारा काम खुद ही संभाल लें.
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