Viral Video: छत्तीसगढ़ कैडर के अंडर ट्रेनी आईपीएस अफसर राहुल बंसल (IPS Rahul Bansal) पर अपनी पहली फील्ड पोस्टिंग में 1 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप (Bribery Allegations) लगे हैं. यह मामला दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) तक पहुंच चुका है. हालांकि अभी इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है. फिर भी, उनका एक पुराना मॉक इंटरव्यू वीडियो (Mock Interview Video) अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
वीडियो में भ्रष्टाचार को बता रहे गलत
सिविल सर्विस की तैयारी के दिनों के इस क्लिप में बंसल भ्रष्टाचार, गवर्नेंस और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में सुधार की जरूरत के बारे में बात करते नजर आ रहे हैं. इस दौरान वे जन्म प्रमाण पत्र बनाने के अपने अनुभव के बारे में भी बताते हैं, जहां उन्हें रिश्वत देकर काम करवाना पड़ा था. जब इंटरव्यूअर उनसे पूछते हैं कि अपने ही गांव में रिश्वत देना आपको कैसा लगा? तो उस समय बंसल रिश्वतखोरी के प्रति कड़ा विरोध दर्ज कराते हैं और पुलिस में सुधार जैसी बातों पर सहमति जताते हैं.
'मुझे 500 रुपये रिश्वत देते हुए बुरा लगा'
1 मिनट 59 सेकंड के इस वीडियो में बंसल बताते हैं, 'जब मेरे भाई IIT कानपुर में पढ़ाई कर रहे थे. उस वक्त उन्हें अमेरिका जाकर एक रिसर्च पेपर पेश करना था. वीजा और पासपोर्ट के लिए उसे तुरंत बर्थ सर्टिफिकेट की जरूरत थी, जिसे जल्दी पाने के लिए पंचायत के एक अधिकारी ने मुझसे 500 रुपये की रिश्वत मांगी. मुझे 500 रुपये की रिश्वत देने में बहुत बुरा लगा. लेकिन पैसे लेते ही उसने हमारा काम तुरंत कर दिया बिना किसी आनाकानी के.'
This is a mock interview of Rahul Bansal, IPS trainee. Look at how he was concerned about corruption in the bureaucracy, how he himself had been a victim of it, and how he expressed anguish at it.
— THE SKIN DOCTOR (@theskindoctor13) August 12, 2026
He is now under scanner for allegedly demanding and receiving ₹1 crore to settle… pic.twitter.com/H7LIGYK3kS
'कुछ लोग भ्रष्ट, पूरा सिस्टम दोषी नहीं'
इस दौरान जब बंसल से इंटरव्यूअर ने सिविल सर्विस के भ्रष्ट होने पर राय मांगी तो उन्होंने कहा, 'सिस्टम में भ्रष्टाचार और अक्षमता तो है, लेकिन कुछ अधिकारियों के कामों के आधार पर सभी अधिकारियों को आंकना गलत होगा. उन्होंने पुलिस सुधार और बेहतर पब्लिक सर्विस डिलीवरी के महत्व के बारे में भी बात की.' हालांकि, सालों बाद राहुल बंसल के केस में उन बातों का संदर्भ बदल गया है. इस पुराने वीडियो के फिर से सामने आने से नैतिकता, जवाबदेही और सिविल सर्विस एस्पिरेंट्स के आदर्शों और पब्लिक ऑफिस की असलियत के बीच कभी-कभी पैदा होने वाले अंतर पर चर्चा फिर से शुरू हो गई है.
IPS Rahul Bansal रिश्वत केस क्या है?
मूल रूप से जयपुर के रहने वाले आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल पर आरोप है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान साइबर थाने के दो सब-इंस्पेक्टर्स के साथ मिलकर एक मामले में आरोपियों को बचाने के लिए उनके रिश्तेदारों से हवाला के जरिए 1 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी. यह रिश्वत 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में ली गई थी, जिसके लेन-देन को लेकर हुई बातचीत को शिकायतकर्ता ने वॉट्सऐप कॉल के जरिए रिकॉर्ड कर लिया और इसी सबूत के आधार पर सीबीआई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है. सीबीआई कोर्ट ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए छत्तीसगढ़ के डीजीपी से पूरे मामले की हकीकत और परिस्थितियों पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. इसके साथ ही, कोर्ट ने सीबीआई निदेशक को भी नोटिस जारी कर यह साफ करने को कहा है कि इस शिकायत पर उनके विभाग ने अब तक क्या कार्रवाई की है और इसकी एक्शन टेकन रिपोर्ट अदालत में पेश करने का आदेश दिया है.
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