मिर्ज़ापुर के 19 साल के आशीष यादव अमेरिका के युजीन से दिल्ली पहुंचे तो एक साथ पहले हवाई अड्डे और फिर एथलेटिक्स संघ में प्रेस के स्वागत से हैरान तो हुए लेकिन आत्मविश्वास से लबालब दिखे. इन खेलों के इतिहास में पदक जीतने वाले आशीष, बसंत और शाहनवाज़ तक़रीबन दर्जन भर खिलाड़यों की एलीट लिस्ट में शामिल हो गए हैं. पिछले दो बार की तरह इस बार भी सबसे ज़्यादा 3 चैंपियन खिलाड़ी- आशीष यादव (जैवलिन), बसंत कुमार मेघवाल (हाई जंप) और शाहनवाज़ ख़ान (लॉन्ग जंप) में मेडल जीतने में कामयाब रहे. इन तीनों का संघर्ष दिल को छू लेनेवाला रहा है. लेकिन मुश्किलों ने इन्हें और निखार दिया है और इनकी कहानियां मिसाल बन गई हैं.
घर-घर दूध बेचा फिर जैवलिन थामकर बने चैंपियन
अमेरिका के युजीन अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप से सिल्वर मेडल जीतकर भारत लौटे आशीष यादव NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए बताते हैं, “मैंने पिताजी के साथ 10 से 17 साल तक घर-घर दूध सप्लाई का काम किया. 18 साल का हुआ तभी जैवलिन स्टार्ट किया. मेरे सिल्वर मेडल के बाद नीरज भैया ने मुझे बधाई दी. ये मेरा सिर्फ़ दूसरा इंटरनेशनल टूर्नामेंट है. यहां से जाकर उनसे बात करुंगा ताकि मेहनत करके आगे अच्छा कर सकूं.”
Always a great feeling to see Indian athletes competing and winning at the International level, this one is little more special for me as a javelin thrower. Super proud of you Ashish on your Silver at the U-20 Worlds, this is just the start! 🚀 🇮🇳 pic.twitter.com/pEWEEaB5FZ
— Neeraj Chopra (@Neeraj_chopra1) August 8, 2026
आशीष बताते हैं कि उनकी आंटी 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक विजेता वेटलिफ़्टर और चाचा सेना के डिस्कस थ्रोअर एथलीट हैं. वो कहते हैं कि उन्होंने खुले जगह की कमी की वजह से गांव के सूखे तालाब में लकड़ी के जैवलिन से प्रैक्टिस करना शुरू किया. लेकिन दो साल से कम वक्त में वो मिर्ज़ापुर से अमेरिका के वर्ल्ड चैंपियनशिप से तक पहुंच गए.
आशीष को मई, 2026 में ही अपने पहले इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हांगकांग में एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक से चूक जाने मलाल तो है. लेकिन वो बताते हैं कि उनका ग्राउंड बेस्ट 19 साल की उम्र में ही 79 मीटर से ज़्यादा है और वो बड़े होकर नीरज चोपड़ा जैसे कारनामे करने के लिए मेहनत ज़रूर करेंगे.
‘घर से गद्दी लेकर हाई जंप के लिए जाता था', भारत-पाक बॉर्डर से वर्ल्ड लेवल तक छलांग
राजस्थान के श्रीगंगानगर ज़िले के बॉर्डर अनूपगढ़ के गांव 12B से युजीन में हाई जंप में 2.21 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीतने की बसंत कुमार मेघवाल की कहानी कम दिलचस्प नहीं है. उनके पिता गंगाराम मेघवाल एक दिहाड़ी ड्राइवर और खेतिहर मज़दूर रहे हैं.
NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए बसंत कुमार मेघवाल कहते हैं, “राजस्थान में मेरे गांव में हाई जंप की सुविधाएं नहीं थीं, पिट की कमी थी. घर से गद्दी लेकर जाता था. जंप करता था तो इंजरी का डर रहता था. एक बार नगरपालिका टूर्नामेंट में मेडल आया तो पैसे की दिक्कत के बावजूद रास्ता बनता गया. और यहां तक आ गया.”
पिता की कैंसर से मौत, लंबी कूद के बड़े हुए शाहनवाज़ के ख़्वाब
18 साल के उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के शाहनवाज़ ख़ान ने अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता है. NDTV से EXCLUSIVE बात करते हुए कहते हैं, “मैं जब सिर्फ़ 10 साल का था तब 2018 में मेरे पिता की कैंसर से मृत्यु हो गई. उसका दर्द अबतक है. मेरे लिए ये अबतक का मेरा सबसे बड़ा मेडल है. लेकिन अब एशियन गेम्स में अच्छा करना है.”
शाहनवाज़ बताते हैं कि उनके अंकल नेशनल लेवल एथलीट रहे हैं. वो ये भी कहते हैं कि उन्होंने जैवलिन, शॉटपुट और डेकाथलन में भी हाथ आज़माया. वो भारत के स्टार लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर के भी शुक्रगुज़ार हैं जिनसे वो सलाह लेकर सीखते रहते हैं. उन्हें इस बात का भी फ़क्र है कि वो भारत के अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में (2002 से लेकर 2026 तक) भारत के 14 पदक विजेताओं में से एक बन गए हैं.
Under-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के भारतीय पदक विजेता- 2 गोल्ड, 7 सिल्वर, 5 ब्रॉन्ज़
1. सीमा एंटिल- 2002, जमैका में सिल्वर मेडल – डिस्कस (55.83 मी.)
2. नवजीत कौर ढिल्लन- 2014, अमेरिका में ब्रॉन्ज़- डिस्कस (56.36 मी.)
3. नीरज चोपड़ा- 2016, पोलैंड में गोल्ड- जैवलिन (86.48मी., अंडर 20 वर्ल्ड रिकॉर्ड)
4. हिमा दास- 2018, फ़िनलैंड में गोल्ड- 400 मीटर (51.46 सेकेंड)
5. अमित खत्री- 2021, केन्या में सिल्वर- 10,000 मी. रेस वॉक (42:17.94)
6. शैली सिंह- 2021, केन्या में सिल्वर, लॉन्ग जंप (6.59 मी.)
7. प्रिया मोहन, भरत श्रीधर, सम्मी, कपिल- केन्या में ब्रॉन्ज़- मिक्स 4X400 मी. रिले (3:20.60)
8. भरत श्रीधर, प्रिया मोहन, कपिल, रुपल चौधरी- 2022, कोलंबिया में सिल्वर- मिक्स 4X400 मी. रिले (3:17.76)
9. रुपल चौधरी- 2022, कोलंबिया में ब्रॉन्ज़- 400 मीटर (51.85 सेकेंड)
10. सेल्वा प्रभु थिरुमरन- 2022, कोलंबिया में सिल्वर- ट्रिपल जंप (16.15 मी.)
11. आरति- 2024, पेरू में ब्रॉन्ज़- 10,000 मी. (44:39.39)
12. आशीष यादव, 2026, युजीन में सिल्वर- जैवलिन (74.09 मी.)
13. बसंत कुमार मेघवाल- 2026, युजीन में सिल्वर- हाई जंप (2.21 मी.)
14. शाहनवाज़ ख़ान- 2026, युजीन में ब्रॉन्ज़- लॉन्ग जंप (7.84 मी.)
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