आजादी के करीब 80 साल बीत जाने के बाद भी भारत और पाकिस्तान के बीच कड़वाहट खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. लेकिन इस कड़वाहट के बीच एक ऐसी बात सामने आई है जो पाकिस्तान के दोहरे चरित्र और उसकी मजबूरी को बेनकाब करती है. हाल ही में आई अमेरिका के मशहूर 'प्यू रिसर्च सेंटर' की एक ताजा रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तानियों की नजर में उनका सबसे बड़ा दुश्मन भारत ही है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इस दुश्मनी की लिस्ट में दूसरे और तीसरे पायदान पर अमेरिका और इजरायल खड़े हैं.
यह वही अमेरिका है, जिसके आगे पाकिस्तान आजकल कटोरा लेकर खड़ा रहता है. पाकिस्तान के सेना जनरल आसिम मुनीर बार-बार वाशिंगटन के चक्कर काट रहे हैं, अमेरिकी अधिकारियों के सामने मिन्नतें कर रहे हैं.
लेकिन जमीन पर हकीकत यह है कि पाकिस्तान की जनता अमेरिका को अपना बहुत बड़ा खतरा और दुश्मन मानती है. अपने निजी हितों और पैसे के लिए अमेरिका का पिछलग्गू बनना और अंदर ही अंदर उसी से नफरत करना पाकिस्तान का यही दोहरा चरित्र इस सर्वे में पूरी तरह से बेनकाब हो गया है.
कौन किसको मानता है सबसे बड़ा दुश्मन?
प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में जब भारत और पाकिस्तान के लोगों से उनके सबसे बड़े कूटनीतिक और सुरक्षा खतरों के बारे में पूछा गया, तो आंकड़े बेहद दिलचस्प निकले.
भारत के 54% लोग पाकिस्तान को देश का सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा मानते हैं. इसके अलावा 21% भारतीयों की नजर में चीन भारत का सबसे बड़ा खतरा है.
पाकिस्तान में 43% जनता भारत को अपना नंबर-1 दुश्मन मानती है. लेकिन इसके ठीक बाद 24% पाकिस्तानी अमेरिका को और 24% इजरायल को अपना सबसे बड़ा खतरा मानते हैं.
यानी पाकिस्तान भले ही वाशिंगटन के साथ रक्षा और आर्थिक सौदों कर रहा हो, लेकिन वहां की आवाम के दिल में अमेरिका के प्रति भयंकर नफरत भरी है.
भारत और पाकिस्तान किस पर करते हैं भरोसा?
वैश्विक महाशक्तियों पर भरोसे के मामले में भारत और पाकिस्तान के रास्ते बिल्कुल अलग-अलग दिशाओं में जाते हैं. सर्वे के मुताबिक, 36% भारतीय रूस को अपना सबसे भरोसेमंद सहयोगी मानते हैं. इसके बाद 16% भारतीय अमेरिका को अपना मुख्य साझेदार मानते हैं.
भारत में 58% लोग रूस को और 51% लोग रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बहुत पसंद करते हैं.
वहीं पाकिस्तान की 75% जनता चीन को अपना सबसे बड़ा और सच्चा दोस्त मानती है. 90% पाकिस्तानी चीन के प्रति सकारात्मक सोच रखते हैं और 83% को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर पूरा भरोसा है. चीन के बाद पाकिस्तानियों को सऊदी अरब (12%) पर थोड़ा भरोसा है.
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