झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब एक अहम मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी आंदोलन के बीच अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलनकारियों के नाम भावुक संदेश जारी किया है. उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग आंदोलन को कमजोर करने और उसकी दिशा बदलने की कोशिश कर रहे हैं. महतो ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में आंदोलन को टूटने या बिखरने न दें. दूसरी ओर, आंदोलन को लेकर सरकार और छात्र नेताओं के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है.
देवेंद्र महतो बोले- आंदोलन की दिशा भटकाने की कोशिश
सदर अस्पताल में इलाज करा रहे देवेंद्र नाथ महतो ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि JPSC-JSSC आंदोलन ने ही पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनाया है. उन्होंने कहा, "आंदोलन की दिशा को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है. इस आंदोलन की वजह से आज जांच कमेटी गठित हुई और इतनी कार्रवाई हो रही है. सरकार सकारात्मक तौर पर हमारी बातों को सुन भी रही है, लेकिन संपूर्ण न्याय अभी बाकी है." महतो ने आरोप लगाया कि कुछ लोग आंदोलन शुरू होने के लगभग एक महीने बाद इसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. "कुछ लोग मेरे आंदोलन के शुरूआत के लगभग 29-30 दिन बाद इस आंदोलन को तोड़ना चाहते हैं, दिशा को भटकाना चाहते हैं. समय आने पर मैं सारे खुलासे करूंगा."
महत्वपूर्ण संदेश- मेरे द्वारा कही गई हर एक बात की अपनी कीमत है।
— Devendra Nath Mahto (@DevendraNathMa9) August 14, 2026
कृपया इस संदेश को पूरा सुनिए, समझिए और हमारे साथ खड़े होकर छात्रों की आवाज़ को आगे बढ़ाने में मदद कीजिए।#devendranathmahto #JharkhandProtest #JharkhandStudentProtest pic.twitter.com/7n8ICGGSh2
छात्रों से एकजुट रहने की अपील
देवेंद्र महतो ने आंदोलनकारी छात्रों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे एकजुट रहें और किसी भी अफवाह या भ्रम में न आएं. उन्होंने कहा, "भोले-भाले छात्रों से मेरा आग्रह है कि कृपया इस आंदोलन को न भटकाएं और न ही भटकने दें, न टूटने दें, न बिखरने दें. परिस्थिति कुछ भी हो, आंदोलन को बचाएं और एकजुट रहें." महतो ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य में सुधार होते ही वे फिर आंदोलनकारियों के बीच लौटेंगे.
अस्पताल से भी जारी है भूख हड़ताल
इससे पहले सोशल मीडिया पर लिखे एक संदेश में देवेंद्र महतो ने कहा था कि अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है. उन्होंने लिखा, "मेरा शरीर अस्पताल के बिस्तर में है, लेकिन मेरी आत्मा और संघर्ष का संकल्प सत्याग्रह आंदोलन स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में है."
रघुवर दास ने की मुलाकात
इसी बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी सदर अस्पताल पहुंचे और देवेंद्र महतो का हालचाल जाना. रघुवर दास ने आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए छात्रों की मांगों को सुने जाने की बात कही. उनकी मुलाकात के बाद इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं.
मंत्री के बयान पर रविंद्र पासवान का जवाब
दूसरी ओर आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड को बचाने और राज्य में पारदर्शी एवं बेहतर व्यवस्था बनाने की लड़ाई बन चुकी है. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दबाव में सरकार ने कई परीक्षाओं को रद्द करने जैसे फैसले लिए हैं और छात्रों की कुछ मांगों को माना भी गया है. हालांकि, जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा.
रविंद्र पासवान ने बताईं प्रमुख मांगें
आंदोलन अब सिर्फ नौकरी की लड़ाई नहीं: रविंद्र पासवान ने कहा कि यह आंदोलन झारखंड के बेहतर भविष्य और व्यवस्था में सुधार के लिए है. सरकार पर शिक्षा माफिया को संरक्षण देने का आरोप: उन्होंने कहा कि झारखंड में शिक्षा माफिया कथित तौर पर सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं. मुख्यमंत्री से सीधा सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना होगा कि वे शिक्षा माफिया के साथ हैं या छात्रों के साथ.
रविंद्र पासवान ने पुलिस प्रशासन से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी छात्र का नाम FIR में नहीं हो और किसी छात्र पर FIR दर्ज नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उन्हें CID की जांच पर भरोसा नहीं है और आरोप लगाया कि पिछली जांचों में मामलों को प्रभावित करने की कोशिश हुई है. रविंद्र ने दावा किया कि अगर CBI जांच करती है तो कई बड़े लोग जांच के दायरे में आ सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से सरकार CBI जांच से बच रही है. पासवान ने साफ कहा कि जब तक छात्रों की सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ यह आंदोलन जारी रहेगा
अब आगे के आंदोलन पर टिकी सबकी नजर
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन को 20 दिनों से अधिक समय हो चुका है. छात्र लगातार CBI जांच और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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