विज्ञापन

ईरान-अमेरिका शांति वार्ता से ठीक पहले पाकिस्तान PM शहबाज शरीफ ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया, जानिए क्या बोले

पाकिस्तान को पता है कि उसने ईरान-अमेरिका में समझौता कराने के लिए मध्यस्थ बनकर बहुत बड़ा रिस्क लिया है. मगर पाकिस्तान मध्यस्थ बनकर बहुत ज्यादा खुश भी है. शहबाज शरीफ का वार्ता से पहले राष्ट्र को संबोधित करना इसका उदाहरण है.

ईरान-अमेरिका शांति वार्ता से ठीक पहले पाकिस्तान PM शहबाज शरीफ ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया, जानिए क्या बोले
शहबाज शरीफ ने वार्ता को ऐतिहासिक बताया.
  • शहबाज शरीफ ने ईरान-अमेरिका शांति वार्ता की मेजबानी को पूरे इस्लामी जगत के लिए गर्व बताया
  • प्रधानमंत्री ने जनता से अल्लाह से दुआ करने की अपील की ताकि वार्ता सफल हो और अनगिनत मासूम जिंदगियां बच सकें
  • वार्ता के बाद उलझे हुए मुद्दों को सुलझाना सबसे कठिन चरण होगा, जिसे मेक ऑर ब्रेक चरण बताया गया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

ईरान-अमेरिका के बीच शांति वार्ता को लेकर पाकिस्तान बहुत उत्साहित है. इतना उत्साहित है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वार्ता से पहले राष्ट्र के नाम संबोधन दिया. उन्होंने असीम मुनीर और उप प्रधानमंत्री इशाक डार की भी जमकर सराहना की. साथ ही पाकिस्तान की जनता को बताया कि वो अल्लाह से स्थायी युद्ध विराम सफल होने की दुआ करें.

शहबाज शरीफ का राष्ट्र के नाम संदेश

शहबाज शरीफ ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, 'मैं इस अत्यंत महत्वपूर्ण प्रगति पर अपने भाई देश ईरान और अमेरिका की लीडरशिप का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने मेरा प्रस्ताव स्वीकार करते हुए न केवल अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई, बल्कि मेरे सच्चे आमंत्रण पर दोनों देशों की लीडरशिप इस्लामाबाद तशरीफ ला रही है, जहां शांति स्थापना के लिए वार्ता होगी. पाकिस्तान को अल्लाह तआला ने मेजबानी का जो यह सम्मान प्रदान किया है, यह केवल पाकिस्तान के लिए नहीं बल्कि पूरे इस्लामी जगत के लिए गर्व की बात है.

मैं उप प्रधानमंत्री डार साहब और उनकी टीम को दिन-रात की मेहनत और सच्चे दिल से सराहना करता हूं. साथ ही मैं विशेष रूप से फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर और उनकी टीम को दिल की गहराइयों से बधाई देता हूं, जिन्होंने अथक परिश्रम के जरिए युद्ध की लपटों को बुझाने और दोनों पक्षों को वार्ता पर राजी करने के लिए एक अहम और ऐतिहासिक भूमिका निभाई.

युद्धविराम का इतना बड़ा ऐलान हो चुका है, मगर अब इससे भी अधिक कठिन चरण वह है जो वार्ता के जरिए उलझे हुए मसलों को सुलझाने का है. और यह चरण — अंग्रेजी में जिसे "मेक ऑर ब्रेक" कहते हैं — उसके बराबर है. मैं आप सभी अत्यंत सम्मानीय बुज़ुर्गों, माताओं, बहनों और भाइयों से गुजारिश करूंगा कि आप अल्लाह से दुआ करें कि इस वार्ता को अपनी असीम कृपा से सफल करें. इस तरह अनगिनत मासूम जिंदगियां बच जाएंगी और दुनिया में अमन कायम हो जाएगा.

मेरे बुज़ुर्गों, भाइयों और बहनों, जब से यह भयंकर महंगाई का तूफान आया है, मैंने आपसे यह वादा किया था कि जैसे ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें गिरेंगी, मैं इंशाअल्लाह वह फायदा तुरंत आप तक पहुंचाऊंगा. आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में कुछ कमी हुई है और मुझे यह सलाह दी गई कि पिछले कुछ हफ्तों में इस भयंकर महंगाई को रोकने के लिए पाकिस्तान सरकार ने अपनी मुश्किलों के बावजूद जो 19 अरब रुपये खर्च किए थे, उन खर्चों को कम करने के लिए अब तेल की कीमतों में जो कुछ कमी आई है, उसका कुछ हिस्सा आप तक पहुंचाया जाए और कुछ हिस्सा रोककर 19 अरब रुपये के खर्चों में कटौती के लिए इस्तेमाल किया जाए.'

ये भी पढ़ें-

'ईरान सिर्फ वार्ता के लिए जिंदा vs ट्रंप 40 दिनों की हार याद करें': शांति वार्ता से पहले ये बयान क्या कहते हैं

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में कितने बजे होगी बात और कौन-कौन होगा शामिल? हर जानकारी जानिए

दुनिया का सबसे शक्तिशाली बदलाव... ईरान से होने वाली वार्ता से पहले ट्रंप के इस मैसेज से फिर बढ़ी धड़कनें

रूस-यूक्रेन शांति समझौते के करीब, फिलहाल दोनों ने की 32 घंटे युद्धविराम की घोषणा-रिपोर्ट

शी जिनपिंग से इस महिला की मुलाकात से दुनिया क्यों हैरान, ताइवान में किस खेल की तैयारी में चीन?

ख्वाजा आसिफ ने करा दी पाकिस्तान की फजीहत, अब अपने ही कर रहे डिमांड-बैन करो

लेबनान लहूलुहान, क्योंकि बीच में था पाकिस्तान? शरीफ के रोल पर क्यों सवाल उठा रहे अमेरिका-इजरायल और ईरान

अमेरिका से होने वाली फाइनल वार्ता से पहले ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने डील की शर्त बता दी

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com