- PM मोदी ने इजराइली संसद को संबोधित करते हुए 7 अक्टूबर को हुए हमास के आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की.
- मोदी ने कहा कि भारत भी आतंकवाद का शिकार रहा है और 26/11 मुंबई हमलों में मारे गए निर्दोषों को याद किया.
- PM ने आतंकवाद को समाजों को अस्थिर करने वाला खतरा बताया और वैश्विक समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया.
पीएम मोदी बुधवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर इजरायल पहुंचे. एयरपोर्ट पर पीएम नेतन्याहू ने गले लगाकर उनका भव्य स्वागत किया. इस मौके पर नेतन्याहू के साथ उनकी पत्नी भी थीं. इजरायल के दौरे के अपने पहले दिन पीएम मोदी ने इजरायली संसद को संबोधित किया. पीएम मोदी ने इस खास मौके पर भारत और इजरायल की मजबूत दोस्ती की भी याद दिलाई. उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल बीते दो हजार साल से दोस्त हैं.
इजराइली संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि इस प्रतिष्ठित सदन के समक्ष उपस्थित होना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है. मैं भारत के प्रधानमंत्री के रूप में और एक प्राचीन सभ्यता के प्रतिनिधि के रूप में दूसरी प्राचीन सभ्यता को संबोधित कर रहा हूं. मैं भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं और मित्रता, सम्मान और साझेदारी का संदेश लेकर आया हूं
इजराइल की संसद (नेसेट) को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इजराइल में किए गए 'बर्बर' आतंकी हमले की निंदा की और भारत की ओर से संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि भारत भी आतंकवाद का शिकार है और उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का जिक्र किया.
हम आपके दर्द को समझते हैं... इजराइली संसद को संबोधित करते हुए PM मोदी
इजराइली संसद को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि मेरा जन्म उसी दिन हुआ था जिस दिन भारत ने औपचारिक रूप से इजराइल को मान्यता दी थी, 17 सितंबर, 1950 को. मैं 7 अक्टूबर को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति और हर उस परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिनका जीवन तबाह हो गया. हम आपके दर्द को समझते हैं, हम आपके शोक में आपके साथ हैं. भारत इस समय और भविष्य में भी पूरे दृढ़ विश्वास के साथ इजराइल के साथ खड़ा है.
'भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नागरिकों की हत्या को कोई भी कारण जायज नहीं ठहरा सकता. आतंकवाद को कोई भी चीज जायज नहीं ठहरा सकती. भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है. हमें 26/11 मुंबई हमले और उनमें जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों की याद है, जिनमें इजराइली नागरिक भी शामिल थे. आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति है, जिसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है.
उन्होंने कहा कि आतंकवाद का उद्देश्य समाजों को अस्थिर करना, विकास को रोकना और विश्वास को नष्ट करना है. आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक कार्रवाई की आवश्यकता है क्योंकि कहीं भी आतंकवाद हर जगह शांति के लिए खतरा है. इसीलिए भारत स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है.
पीएम ने दिवंगत भारतीय सेना अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब, जो एक यहूदी थे, को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब के वीरतापूर्ण योगदान को व्यापक रूप से जाना जाता है. मुझे याद है कि चाय पर उनके साथ इजराइल के बारे में बातचीत हुई थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजा में शांति स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) द्वारा समर्थित पहल का पुरजोर समर्थन किया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह शांति पहल न केवल गाजा में तनाव कम करने का एक प्रभावी मार्ग है, बल्कि इसमें फिलिस्तीन मुद्दे के समाधान के साथ-साथ क्षेत्र के सभी लोगों के लिए एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की संभावना भी छिपी है.
PM मोदी ने कहा कि इस भूमि से भारत का जुड़ाव रक्त और बलिदान से भी जुड़ा है. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, इस क्षेत्र में 4,000 से अधिक भारतीय सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी.
PM मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था रहा है. जल्द ही हम वैश्विक स्तर पर शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होंगे. पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अन्य देशों के साथ कई महत्वपूर्ण व्यापार समझौते किए हैं. हमारी टीमें एक महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं.
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