विज्ञापन

नीचे चार रेलवे ट्रैक, ऊपर सिक्स लेन की रोड...वाराणसी में इस खास ब्रिज का आज शिलान्यास करेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वाराणसी में सिग्नेचर ब्रिज का शिलान्यास करेंगे. यह ऐसा ब्रिज होगा, जिसमें नीचे ट्रेन चलेगी और ऊपर रोड होगी.

नीचे चार रेलवे ट्रैक, ऊपर सिक्स लेन की रोड...वाराणसी में इस खास ब्रिज का आज शिलान्यास करेंगे पीएम मोदी
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में सिग्नेचर ब्रिज सहित कई परियोजनाओं का आज लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे
  • गंगा नदी पर बनने वाला यह डबल-डेकर स्टील रेल-कम-रोड ब्रिज काशी रेलवे स्टेशन के पास स्थित होगा
  • पुल की कुल लंबाई लगभग एक किलोमीटर होगी और इसकी अनुमानित लागत एक हजार तीन सौ करोड़ रुपये है
वाराणसी:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान पीएम मोदी कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इसमें सबसे अहम परियोजना है सिग्नेचर ब्रिज यानी रेल-कम-रोड ब्रिज, जिसका पीएम मोदी शिलान्यास करेंगे. क्या है इसमें खास और क्यों हो रही है इस सिग्नेचर ब्रिज की चर्चा? जानते हैं.

कहां बनेगा सिग्नेचर ब्रिज?

पुल का निर्माण गंगा नदी पर होगा, जो मौजूदा मालवीय ब्रिज से लगभग 50 मीटर डाउनस्ट्रीम पर, वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन के पास प्रस्तावित है. इसे उत्तर रेलवे बनाएगी. यह परियोजना आधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई है. ब्रिज की कुल लंबाई लगभग 1.074 किमी होगी, जिसकी अनुमानित लागत 1,380.87 करोड़ रुपये है.

डबल-डेकर स्टील रेल-कम-रोड ब्रिज

पुल की विशेषता यह है कि इसमें ट्रेन और गाड़ियों दोनों चलेंगी क्योंकि यह डबल-डेकर स्टील रेल-कम-रोड ब्रिज है. इसमें नीचे चार रेलवे ट्रैक होंगे जबकि ऊपर 6 लेन की सड़क होगी. यह उच्च भार क्षमता वाला आधुनिक स्टील ट्रैक डिजाइन पुल होगा. इसमें कुल 10 स्पैन- 8 स्पैन 108.5 मीटर और 2 स्पैन 103.3 मीटर के होंगें. पुल के नीचे का डेक रेल ट्रैक होगा जबकि ऊपर का डेक सड़क मार्ग रहेगा.

यह भी पढ़ेंः बनारस को मिलेगा सबसे चौड़ा डबल डेकर 'सिग्नेचर ब्रिज'! पीएम मोदी के आने से पहले सीएम योगी कल पहुंचेंगे काशी

Latest and Breaking News on NDTV

क्या-क्या होगा इसमें खास?

इंजीनियरिंग की दृष्टि से यह पुल वॉरेन-प्रकार का खुला वेब स्टील ट्रैक और आर्क गर्डर तकनीक पर आधारित होगा, जिसे भूकंप क्षेत्र (Seismic Zone III) के मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा. यह न केवल एक मजबूत संरचना होगी, बल्कि भविष्य की बढ़ती यातायात मांगों को भी ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी. पुल तैयार होने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच रेल संपर्क बेहतर स्थापित होगा.

परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह नया गंगा पुल वाराणसी को एक आधुनिक, स्मार्ट और सुगठित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को नई गति देगा.

इससे फायदा क्या होगा?

उत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आधुनिक तकनीकी से बनने वाले इस पुल के निर्माण से वाराणसी-दीन दयाल उपाध्याय रेल सेक्शन पर भीड़ का भार कम होगा. यह यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को तो आसान बनाएगा ही, साथ ही शहर में सड़क ट्रैफिक भार भी कम करेगा. 

रेलवे अधिकारी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिहाज से यह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और नमो घाट तक कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा. साथ ही रामनगर और एनएच-19 से कनेक्टिविटी को भी सशक्त बनाएगा. इसके अलावा राष्ट्रीय माल परिवहन नेटवर्क को मजबूती प्रदान करेगा.

यह भी पढ़ेंः 'मां गंगा मुझे बुला रही हैं' के बाद 'मां काली मुझे ऊर्जा दे रही हैं'... PM मोदी की चिट्ठी का मर्म समझिए

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
PM Modi In Varanasi, PM Modi Varanasi, Signature Bridge, Varanasi Double Decker Bridge, PM Narendra Modi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com