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तेल का संकट होगा दूर, 32 देशों ने खोला इमरजेंसी खजाना, 400 मिलियन बैरल तेल करेंगे रिलीज

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के 32 सदस्य देशों ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ऐलान किया कि वो अपने इमरजेंसी भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में रिलीज करेंगे.

तेल का संकट होगा दूर, 32 देशों ने खोला इमरजेंसी खजाना, 400 मिलियन बैरल तेल करेंगे रिलीज
  • इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के 32 सदस्य देशों ने 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में जारी करने का फैसला किया है
  • मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण गहराए तेल संकट को देखते हुए इमरजेंसी स्टॉक से ये तेल उपलब्ध कराया जाएगा
  • IEA के 32 सदस्यों के पास 1.2 अरब बैरल से अधिक तेल पब्लिक इमरजेंसी भंडार के रूप में सुरक्षित है
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पश्चिम एशिया में भीषण जंग से गहराए तेल संकट के बीच राहत भरी खबर है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के 32 सदस्य देशों ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए ऐलान किया कि वो अपने इमरजेंसी भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में रिलीज करेंगे. इसका मकसद मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से वैश्विक तेल बाजार में गहराए संकट को कम करना है.

IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने एक बयान में बताया कि 32 सदस्य देशों ने एक इमरजेंसी बैठक के दौरान सर्वसम्मति से इस फैसले पर मुहर लगाई. बयान में बताया गया कि यह 400 मिलियन बैरल तेल मिडिल ईस्ट युद्ध की वजह से बाजार में आई अस्थिरता को दूर करने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. यह तेल हर सदस्य देश अपनी राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए उचित समय सीमा के अंदर बाजार में जारी करेगा. 

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फातिह बिरोल ने कहा कि तेल बाजार इस वक्त अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना कर रहा है. इस संकट के बीच हमें खुशी है कि सदस्य देशों ने एकजुट होकर इतना बड़ा फैसला लिया है. बिरोल का कहना था कि तेल बाजार वैश्विक हैं, ऐसे में किसी भी बड़े संकट के समय मिलकर समाधान निकाला जाना जरूरी है.

अंतरराष्ट्रीय एनर्जी एजेंसी ने इससे पहले भी तेल का इमरजेंसी कोटा जारी किया है, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में तेल पहली बार रिलीज किया जा रहा है. 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान 182 मिलियन बैरल तेल जारी किया गया था. अब ईरान युद्ध के दौरान इससे दोगुने से भी अधिक तेल बाजार में जारी करने का फैसला किया गया है. 

IEA के 32 सदस्यों के पास 1.2 अरब बैरल से अधिक तेल पब्लिक इमरजेंसी भंडार के रूप में है. इसके अलावा सरकारी आदेश के तहत करीब 600 मिलियन बैरल का इंडस्ट्री स्टॉक भी रखते हैं.

गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद कर दिया है. दुनिया में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई का यह सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है. दुनिया की कुल तेल सप्लाई का 20 फीसदी से अधिक यहीं से होकर गुजरता है. ईरान के हमलों की धमकी के कारण इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही ठप पड़ी हुई है. 

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) एक अंतर-सरकारी स्वायत्त संगठन है, जिसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में है. इसकी स्थापना 1974 में आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) ढांचे के भीतर की गई थी. इसका गठन 1973 के तेल संकट को देखते हुए किया गया था ताकि भविष्य में तेल की आपूर्ति में होने वाली बाधाओं को रोका जा सके.

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