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आतंकियों को बचाने की कोशिश साख दांव पर लगाने जैसा, ऑपरेशन सिंदूर में पाक को चीन की मदद पर भारत का कड़ा संदेश

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन के समर्थन की खबरों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उन्हें विचार करना चाहिए कि ऐसे कदमों से उनकी साख पर क्या असर पड़ता है.

आतंकियों को बचाने की कोशिश साख दांव पर लगाने जैसा, ऑपरेशन सिंदूर में पाक को चीन की मदद पर भारत का कड़ा संदेश
  • भारत ने चीन द्वारा पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तकनीकी सहायता देने पर कड़ा विरोध जताया
  • विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आतंकवादी ढांचे की रक्षा का समर्थन करने पर चिंता व्यक्त की
  • चीन ने पहली बार स्वीकार किया कि उसने भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान को युद्ध क्षेत्र में तकनीकी सहायता दी
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन द्वारा पाकिस्तान को सहयोग देने पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि जो देश खुद को जिम्मेदार मानते हैं, उन्हें इस बात पर विचार करना चाहिए कि आतंकवादी ढांचे की रक्षा के प्रयासों का समर्थन करना उनकी प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है या नहीं . यह प्रतिक्रिया तब आई जब एक चीनी अधिकारी ने यह माना था कि भारत के साथ युद्ध के दौरान बीजिंग ने पाकिस्तान को मौके पर ही तकनीकी सहायता दी थी. पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था.

विदेश मंत्रालय ने दी तीखी प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने खबरें देखी हैं, जो पहले से पता बातों की पुष्टि करती हैं. 'ऑपरेशन सिंदूर' पहलगाम में हुए आतंकी हमलों का एक सटीक, लक्षित और नपा-तुला जवाब था. इसका मकसद पाकिस्तान से चलने वाले और उसके इशारे पर काम करने वाले आतंकी ढांचे को तबाह करना था. उन्होंने आगे कहा कि यह उन देशों को सोचना है जो खुद को जिम्मेदार मानते हैं कि क्या आतंकी ढांचे को बचाने की कोशिशों का समर्थन करने से उनकी साख और प्रतिष्ठा पर कोई असर पड़ता है या नहीं.

चीन ने की थी पाकिस्तान की मदद

बता दें कि हाल ही में चीन ने पहली बार इस बात की पुष्टि की है कि उसने पिछले साल भारत-पाक संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को युद्ध क्षेत्र में तकनीकी सहायता मुहैया कराई थी. चीन के सरकारी प्रसारणकर्ता ‘सीसीटीवी' ने देश के एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना' (AVIC) से जुड़े इंजीनियर झांग हेंग का इंटरव्यू जारी किया था. एवीआईसी चीन के एडवांस लड़ाकू विमानों और यूएवी का एक प्रमुख विकासकर्ता है. हांगकांग से प्रकाशित होने वाले ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' ने ‘सीसीटीवी' के हवाले से बताया कि झांग ने पिछले साल मई में चार दिवसीय संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता प्रदान की थी.

झांग ने कहा, ‘‘हम अक्सर लड़ाकू विमानों के उड़ान भरने की गर्जना और हवाई हमले के सायरन की लगातार आवाज सुना करते थे. मई में, सुबह होते-होते तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच जाता था. यह हमारे लिए मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से एक कठिन परीक्षा थी.'' झांग ने ‘सीसीटीवी' को बताया कि उनकी टीम को ‘‘युद्ध क्षेत्र में सहायता प्रदान करने में और भी बेहतर काम करने की इच्छा'' और यह सुनिश्चित करने की लगन ने प्रेरित किया कि उनके उपकरण ‘‘अपनी पूरी युद्ध क्षमता के साथ प्रदर्शन कर सकें.''

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद कई भारतीय अधिकारियों ने यह आरोप लगाया था कि चीन, भारत के सैन्य ठिकानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी देकर पाकिस्तान की मदद कर रहा है.  अमेरिकी रक्षा विभाग की हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि चीन ने सूचना युद्ध, साइबर गतिविधियों, खुफिया सहायता और कूटनीतिक दांव-पेच के जरिए पाकिस्तान के ऑपरेशन का समर्थन किया.

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