- अमेरिका और इजरायल तीन सप्ताह से ईरान से युद्ध लड़ रहे हैं और दोनों पक्ष अभी तक झुकने को तैयार नहीं हैं
- इजरायली रक्षा मंत्री ने ईरान के आतंकवादी शासन और उसके आधारभूत ढांचों पर हमलों की तीव्रता बढ़ाने की बात कही है
- अमेरिका और इजरायल का लक्ष्य ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना तथा सत्ता परिवर्तन लाना है
ईरान से युद्ध लड़ते-लड़ते अमेरिका और इजरायल को 3 सप्ताह हो चुके हैं. मगर अब तक कोई भी झुकने को तैयार नहीं है. ईरान सालों तक युद्ध लड़ने के दावे कर रहा है तो इजरायल अब सिर कलम करने का ऐलान कर रहा है. जाहिर है अभी इस युद्ध का और विनाशकारी रूप देखने को मिलेगा. इजरायल का ये ऐलान उन लोगों के लिए भी झटका है, जो उम्मीद लगा रहे थे, कि जल्द ईरान युद्ध समाप्त हो जाएगा.
इजरायल में किसने दिया बयान
इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने कहा, "इस सप्ताह, इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) और अमेरिकी सेना ने ईरानी आतंकवादी शासन और उसके आधारभूत ढांचों पर किए जाने वाले हमलों की तीव्रता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में चलाया जा रहा अभियान जारी रहेगा. हम ईरानी आतंकवादी शासन के विरुद्ध हमला जारी रखने, उसके कमांडरों का सिर कलम करने और उसकी रणनीतिक क्षमताओं को विफल करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं, जब तक कि इस क्षेत्र में इजरायल और अमेरिकी हितों के लिए सभी सुरक्षा खतरों को समाप्त नहीं कर दिया जाता."
बयान के मायने
इजरायली रक्षा मंत्री के इस बयान से साफ है कि अमेरिका और इजरायल तब तक नहीं रुकेंगे, जब तक कि वो ईरान के रणनीतिक क्षमताओं मतलब मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को समाप्त नहीं कर देते. साथ ही उनका लक्ष्य ईरान में सत्ता परिवर्तन भी है. ये इतनी जल्दी होना तो संभव नहीं दिख रहा, ऐसे में अब आशंका बढ़ गई है कि ये युद्ध काफी लंबा चलेगा और पूरा मिडिल ईस्ट बम के धमाकों से गूंजता रहेगा.
ईरान खाड़ी देशों को समझा रहा
श्रीलंका में ईरानी दूतावास द्वारा जारी एक बयान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि उनका देश अन्य मुस्लिम देशों के साथ संघर्ष नहीं चाहता, और इस बात पर जोर दिया कि "शत्रु" मुसलमानों के बीच फूट डालने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा, "सबसे पहले, मैं अपने देश के सर्वोच्च नेता और इस राष्ट्र के समर्पित सेवकों की शहादत पर अपने देश के नेक लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करना आवश्यक समझता हूं. हम मुस्लिम देशों के साथ संघर्ष नहीं चाहते. हम इस्लामी राष्ट्रों के साथ युद्ध नहीं कर रहे हैं; वे हमारे भाई हैं. जो विभाजन पैदा हुए हैं, वे एक धूर्त शत्रु का काम है, जो मुसलमानों के बीच फूट डालना चाहता है."
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