- ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिकी बयानों की तुलना वियतनाम युद्ध के अति आशावादी सैन्य ब्रीफिंग से की है
- अराघची ने बताया कि अमेरिकी सरकार युद्ध की वास्तविक स्थिति से परे सकारात्मक दावे बार-बार दोहरा रही है
- अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान की हवाई सुरक्षा और नौसैनिक ताकत को खत्म होने का दावा किया जबकि वास्तविकता अलग है
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने मौजूदा युद्ध पर अमेरिकी सरकार के बयानों के लहजे की तुलना वियतनाम युद्ध के दौरान दी गई अति आशावादी सैन्य ब्रीफिंग से की है. उनका कहना है कि वाशिंगटन उसी तरह के दावे दोहरा रहा है, जो बाद में जमीनी हकीकत से बेतुके साबित हुए. उन्होंने कई उदाहरण भी गिनाए.
अराघची ने क्या लिखा
सैयद अब्बास अराघची ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा कि अमेरिकी अधिकारियों ने एक समय वियतनाम युद्ध के विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास दिखाने की कोशिश की थी. अराघची ने X पर लिखा, "अमेरिकी यह नहीं भूले हैं कि कैसे, जब वियतनाम में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे जा रहे थे और परिणाम स्पष्ट था, तब जनरल विलियम वेस्टमोरेलंड को वापस घर बुलाया गया था, ताकि सभी को आश्वस्त किया जा सके कि युद्ध अच्छा चल रहा है - कि अमेरिका 'जीत रहा है'." उन्होंने आगे कहा, “मीडिया भी इसे भूला नहीं है; मोर्चे से आने वाली वे काल्पनिक प्रेस ब्रीफिंग 'फाइव ओ'क्लॉक फॉलीज' के नाम से कुख्यात हो गईं.”
Americans haven't forgotten how, even as hundreds of U.S. soldiers were dying in Vietnam, and the outcome was already clear, General William Westmoreland was flown home to reassure everyone that the war was going well — that the U.S. was “winning.”
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) March 20, 2026
'फाइव ओ'क्लॉक फॉलीज' 1950 के दशक के मध्य से 1970 के दशक के बीच साइगॉन में आयोजित होने वाली दैनिक शाम 5 बजे की प्रेस ब्रीफिंग को कहा जाता है. जिसमें अमेरिका युद्ध की अत्यधिक सकारात्मक तस्वीर पेश करता था.
ईरान युद्ध का भी दिया उदाहरण
इसके बाद अराघची ने इसे वर्तमान से जोड़ा. उन्होंने लिखा, “आज की बात करें तो: वही कहानी, अलग मंच; हेगसेथ मंच पर आते हैं, और संदेश अभी भी वास्तविकता से परे है. अमेरिकी सरकार कुछ और कहती है, वास्तविकता कुछ और है. जैसे ही अमेरिकी अधिकारी दावा करते हैं कि ईरान की हवाई सुरक्षा ध्वस्त हो गई है, एक एफ-35 विमान पर हमला होता है. जैसे ही वे ईरान की नौसेना को खत्म घोषित करते हैं, यूएसएस गेराल्ड फोर्ड वापस लौट जाता है, और यूएसएस अब्राहम लिंकन और दूर चला जाता है. अलग दशक, पर दावे वही 'हम जीत रहे हैं'.”

दावे तो खूब कर रहे अमेरिकी नेता
ये ट्वीट शुक्रवार को तब आया जब ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध को तीन सप्ताह पूरे होने वाले थे. हाल के दिनों में, संयुक्त राज्य अमेरिका ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष डैन केन के नेतृत्व में कई प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की हैं. इन ब्रीफिंगों के साथ-साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार दिए गए बयानों में इस अभियान को बेहद सकारात्मक रूप में बताया गया है. ट्रंप ने तो यहां तक दावा किया है कि ईरान को "पूरी तरह से नष्ट" कर दिया गया है. सबसे हालिया ब्रीफिंग के दौरान, हेगसेथ ने इस बात का सिरे से खंडन किया कि युद्ध लंबे समय तक चलने वाले युद्ध की ओर बढ़ रहा है.
हेसगेथ तो दो कदम आगे
हेसगेथ ने दावा किया था, "कुछ मीडिया लोगों को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि इस संघर्ष के मात्र 19 दिनों में हम किसी अंतहीन खाई या एक अंतहीन युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं. सच्चाई इससे कोसों दूर है. मुझसे सुनिए, मैं उन लाखों लोगों में से एक हूं जिन्होंने इराक और अफगानिस्तान में लड़ाई लड़ी है, जिन्होंने बुश, ओबामा और बाइडेन जैसे पूर्व मूर्ख राजनेताओं को अमेरिकी विश्वसनीयता को बर्बाद करते देखा है. यह उन युद्धों जैसा नहीं है. राष्ट्रपति ट्रंप बेहतर जानते हैं. एपिक फ्यूरी अलग है, यह पूरी तरह से फोकस्ड है."
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