विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि दशकों से भारत के खिलाफ सीमा पार से आतंकवाद को अंजाम दे रही ताकतें अब जान गई हैं कि यह एक ‘नया भारत' है जो उन्हें जवाब देगा. साथ ही, उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश पाकिस्तान और चीन द्वारा इसकी (भारत की) राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पैदा की गई चुनौतियों से निपट सकता है.
युगांडा में बुधवार को भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए जयशंकर ने देश के एक नये भारत में तब्दील होने का उल्लेख किया.
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अपनी सीमाओं पर भारत द्वारा सामना की जा रही चुनौतियों के बारे में जयशंकर ने कहा, ‘‘आज, लोग एक नया भारत देख रहे हैं जो सामना करने को इच्छुक है और चाहे यह उरी हो या बालाकोट, भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से निपटेगा.
उन्होंने 2016 में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के आतंकवादियों द्वारा जम्मू कश्मीर के उरी में थलसेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर किये गये हमले, और पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों द्वारा किये गये हवाई हमले का हवाला देते हुए यह कहा.
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘भारत के खिलाफ दशकों से सीमा पार से आतंकवाद में संलिप्त ताकतें, जिन्हें भारत ने सहन किया है, अब जान चुकी हैं कि यह एक नया भारत है और यह भारत उन्हें जवाब देगा.''
उन्होंने चीन से लगी सीमा पर मौजूद चुनौतियों के बारे में भी बात की.
जयशंकर ने कहा, ‘‘पिछले तीन वर्षों से, समझौतों का उल्लंघन करते हुए, चीनियों ने बड़ी संख्या में सैनिक जमा किये हैं.''
उन्होंने कहा कि आज भारतीय सैनिक बहुत ही विषम परिस्थितियों वाले अत्यधिक ऊंचे स्थानों पर तैनात हैं.
उन्होंने कहा कि स्थिति अतीत से बिल्कुल अलग है क्योंकि भारतीय सैनिकों को अब ‘पूरा समर्थन' प्राप्त है और उनके पास सही उपकरण तथा बुनियादी ढांचा है.
जयशंकर ने कहा कि भारत पर अन्य देशों द्वारा यह दबाव नहीं बनाया जा सकता कि ‘‘हमें कहां से अपना तेल खरीदना है और कहां से तेल नहीं खरीदना है.''
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐसा भारत है जो अपने नागरिकों और उपभोक्ताओं के हित में कार्य करेगा.''
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