- पाकिस्तान पर बयान देकर घिरे राजस्थान BJP प्रदेश अध्यक्ष, कहा- युद्ध नहीं क्रिकेट की बात थी
- मदन राठौड़ के बयान पर विपक्ष का हमला, BJP ने किया बचाव
- 'मैंने युद्ध की नहीं, क्रिकेट की बात की थी', बोले मदन राठौड़
पाकिस्तान को लेकर दिए गए एक बयान पर राजनीतिक विवादों में घिरे राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने शुक्रवार को अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को संदर्भ से काटकर पेश किया गया है. राठौड़ का कहना है कि उन्होंने यह बात एक कार्यक्रम में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता के संदर्भ में कही थी, लेकिन कुछ लोगों ने उनके बयान का छोटा हिस्सा वायरल कर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने के लिए सुनियोजित तरीके से बयान को तोड़-मरोड़कर प्रचारित किया गया है.
एपीजे अब्दुल कलाम जयंती कार्यक्रम में दिया था बयान
मदन राठौड़ ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने देशभक्ति के महत्व पर बात की थी. कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के लोग भी मौजूद थे.
मैंने जो बात कही थी, वह भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच के संदर्भ में कही थी, लेकिन मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, जो बिल्कुल भी उचित नहीं है। -श्री @madanrrathore प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा राजस्थान https://t.co/aQlexxLd2o
— BJP Rajasthan (@BJP4Rajasthan) October 15, 2026
उन्होंने कहा कि उनके पूरे बयान को सुना जाए तो बात स्पष्ट हो जाएगी कि उन्होंने युद्ध या किसी राजनीतिक समर्थन की बात नहीं कही थी, बल्कि क्रिकेट मैच और देशभक्ति के उदाहरण दे रहे थे.
'दो से दस सेकंड की क्लिप काटकर फैलाया गया'
राठौड़ ने पूरे विवाद को साजिश बताते हुए कहा कि किसी ने उनके लंबे भाषण में से केवल दो से दस सेकंड की क्लिप निकालकर प्रसारित कर दी. उन्होंने कहा कि किसी भी वक्तव्य को समझने के लिए उसका संदर्भ देखना आवश्यक है. उनका आरोप है कि राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया.
पाकिस्तान पर भाजपा नेता का रुख
विवाद के बीच मदन राठौड़ ने पाकिस्तान को लेकर भाजपा और अपनी सोच भी दोहराई. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध मैत्रीपूर्ण नहीं हैं क्योंकि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है, आतंकियों को प्रशिक्षण देता है और भारत के खिलाफ साजिशें रचता है. राठौड़ ने कहा कि ऐसे देश के साथ भारत के संबंध सामान्य नहीं हो सकते और उनके बयान को पाकिस्तान समर्थक बताना पूरी तरह गलत है.
किस बयान से शुरू हुआ विवाद?
विवाद उस समय शुरू हुआ जब जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मदन राठौड़ का एक वीडियो सामने आया. वीडियो में वह कहते सुनाई दिए कि यदि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कुछ होता है तो भारत पाकिस्तान के साथ होगा क्योंकि वह पड़ोसी देश है, लेकिन यदि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई स्थिति बनती है तो सभी भारतीयों को भारत के साथ खड़ा होना चाहिए.
The BJP's love for the terrorist nation Pakistan, which kills our soldiers and our people, has come on display once again. Rajasthan BJP President Madan Rathore says he is with Pakistan if the US and Pakistan go to war. Are @narendramodi and @AmitShah also with Pakistan? If not, let us know what action is being taken against this anti-national.
— Dr. Shama Mohamed (@drshamamohd) October 15, 2026
इसी बयान को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया.
कांग्रेस ने साधा निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर भाजपा से सवाल पूछा. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पाकिस्तान को लेकर भाजपा लगातार आक्रामक रुख अपनाने का दावा करती है, उसी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पाकिस्तान के समर्थन की बात कर रहे हैं. कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी इस पर प्रतिक्रिया देने की मांग की.
आम आदमी पार्टी का भी हमला
आम आदमी पार्टी ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमला बोला. पार्टी ने कहा कि जब आम नागरिक सवाल पूछते हैं तो उन्हें राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन भाजपा नेता के बयान पर पार्टी चुप क्यों है. आप ने अपने बयान में भाजपा के राष्ट्रवाद पर सवाल उठाते हुए इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा.
भाजपा ने किया बचाव
विवाद बढ़ने के बाद राजस्थान भाजपा इकाई ने भी मदन राठौड़ का बचाव किया. पार्टी की ओर से कहा गया कि प्रदेश अध्यक्ष का बयान भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के संदर्भ में था, लेकिन उसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया. भाजपा ने दावा किया कि वायरल क्लिप पूरे भाषण का सही प्रतिनिधित्व नहीं करती.
राष्ट्रीय एकता पर भी दिया था जोर
उसी कार्यक्रम में मदन राठौड़ ने नागरिकों से मजबूत, समृद्ध और देशभक्त बनने का आह्वान किया था. उन्होंने कहा था कि देश को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय भावना का मजबूत होना जरूरी है. उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के धार्मिक सद्भाव संबंधी विचारों का भी उल्लेख किया और कहा कि देशभक्ति रखने वाले सभी लोग भाई हैं तथा उन्हें मिलकर रहना चाहिए.
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