- रांची में पेपर लीक और परीक्षा धांधली के खिलाफ छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है.
- इस बीच NDTV को JSSC पेपर लीक से जुड़े कई अहम दस्तावेज मिले.
- इन दस्तावेजों से यह साफ होता है कि कैसे उत्तर वायरल किए गए?
JPSC-JSSC Paper Leak: रांची में सरकारी नौकरी भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन का आज 16वां दिन है. सरकार और छात्रों के प्रतिनिधि के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई निदान नहीं निकला है. इस बीच NDTV को इस पूरे विरोध-प्रदर्शन का कारण बने 2024 के JSSC पेपर लीक से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं. ये दस्तावेज CID रिपोर्ट के हैं. जिसमें पेपर लीक से जुड़े कई अहम खुलासे हुए थे. CID की जांच रिपोर्ट में यह दर्ज है कि सितंबर 2024 में आयोजित JSSC की परीक्षा कैसे लीक हुई? कैसे वॉट्सऐप पर इसके उत्तर बांटे गए? कैसे पैसे लेकर उम्मीदवारों को उत्तर दिए गए? इन सब सवालों का जानें NDTV के इस मेगा एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में.
सितंबर 2024 में हुई थी JSSC की परीक्षा, व्हाट्सएप और फोन के जरिए लीक हुए थे पेपर
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा सितंबर 2024 में हुई थी. इसके उत्तर वॉट्सऐप और लैंडलाइन फोन के जरिए लीक किए गए थे. जिन छात्रों ने पैसे दिए थे, उन्हें नेपाल, हजारीबाग, पटना, जमशेदपुर और पश्चिम बंगाल समेत कई जगहों पर जवाब दिए गए थे. छात्रों की ओर से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से शिकायत करने के बाद, मामले की CID जांच के आदेश दिए गए. जिसने अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया.
CID रिपोर्ट में 150 में से 120 जवाब लीक होने की जानकारी
NDTV के पास उन सभी दस्तावेजों और सबूतों की एक्सक्लूसिव जानकारी है, जिनकी जांच झारखंड सरकार की CID ने की थी, जिसमें वॉट्सऐप चैट भी शामिल हैं. CID ने अपनी पहली रिपोर्ट सौंपी, जिसमें माना गया कि प्रश्न-पत्र लीक हुए थे और छात्रों को 150 में से 120 सवाल के जवाब उपलब्ध कराए गए थे.

NDTV के पास JSSC पेपर लीक की CID रिपोर्ट, जिसमें पेपर लीक के पूरे रैकेट का भंडाफोड़ होता है.
Photo Credit: NDTV
पहली परीक्षा रद्द होने के बाद 21, 22 सितंबर को हुई थी दूसरी परीक्षा
परीक्षा देने वाले एक छात्र ने बताया कि पेपर लीक के आरोप के बाद पहली परीक्षा रद्द होने के बाद 21, 22 सितंबर को दोबारा परीक्षा हुई. इस दिन भी पेपर लीक की आशंका थी. ऐसे में अधिकारियों के इनपुट पर पूरे राज्य में इंटरनेट बंद कर दिया गया. लेकिन लैंडलाइन से उत्तर वायरल हुए. पेपर लीक करने वाले गिरोह ने फोन कर दूसरे साथियों को प्रश्नों के उत्तर लिखवाएं.
NDTV को मिले दस्तावेजों में एक अहम दस्तावेज वो पेपर है, जिसमें 22 सितंबर 2023 को सुबह 7 बज कर 23 मिनट पर वीवो के मोबाइल से लिया गया फोटो है. वीवो की कैमरा सेटिंग में टाइमिंग और लोकेशन दर्ज हो जाता है. इस पेपर पर भी आप टाइमिंग और लोकेशन देख सकते हैं. जिसमें लोकेशन जमशेदपुर लिखा नजर आ रहा है.

सवालों के उत्तर के जेरॉक्स पेपर, जिसे वीवो के किसी फोन से जमशेदपुर में 22 सितंबर की सुबह 7 बजकर 23 मिनट पर लिया गया था.
- NDTV को डॉ. यश यादव के नाम का वाट्सचैट भी मिला. इस चैट में लिखा है-
- फिलहाल सारे चैट डिलीट कर दो.
- आज जो PDF भेजा है, उसे भी डिलीट कर दो.
- अभी यह मामला थोड़ा गरम है. थोड़ा वेट करो... जैसे मैसेज भी इस चैट में नजर आते है.
दूसरी SIT ने पेपर लीक के आरोपों को खारिज कर दिया
इस रिपोर्ट के तुरंत बाद, सरकार ने दूसरी SIT बनाई और पहली रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया. दूसरी SIT ने पेपर लीक के आरोपों को लगभग खारिज कर दिया और इस तरह मामला आगे नहीं बढ़ा. NDTV के जरिए ये इन सभी दस्तावेजों की एक्सक्लूसिव जानकारी पहली बार सार्वजनिक हो रही है.
2025 में पूरी हुई थी जांच, जिसने पलट दी पहली रिपोर्ट
इसी घटना ने, झारखंड लोक सेवा आयोग के मुद्दे के साथ मिलकर, रांची में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को जन्म दिया था. मालूम हो कि 2024 में हुई JSSC की परीक्षा की पहली SIT जांच मार्च 2025 में पूरी हुई थी, लेकिन सरकार ने इस जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए परीक्षा को क्लीन चिट दे दी थी.
🔴#NDTVExclusive | JSSC पेपर लीक पर सबसे बड़ा खुलासा, कैसे लीक हुआ पेपर? पीड़ित छात्र ने दिखाई चैट, बताया- 'कौड़ियों के भाव पेपर बेचे गए थे'
— NDTV India (@ndtvindia) August 9, 2026
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तीन छात्रों ने कोर्ट में दायर की याचिका
इस मामले में जिन तीन छात्रों ने रांची कोर्ट में याचिका दायर की थी, उनके पास SIT (विशेष जांच दल) की पहली रिपोर्ट मौजूद थी. कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने वाले इन तीन छात्रों के नाम रिशु, जीत कुमार और निवास यादव हैं, इन्होंने NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत की. उल्लेखनीय हो कि JSSC लीक से शुरू हुआ मामला बाद में और बड़ा हो गया. जब JPSC प्री में लीक का मामला सामने आया और सभी छात्रों में मिलकर आंदोलन शुरू किया. जो छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अगुआई में बीते 16 दिनों से रांची के जयपाल मुंडा स्टेडियम में जारी है.
मंत्री दीपिका सिंह बोली- छात्रों की चिताएं जायज, बातचीत जारी, जल्द निकलेगा हल
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर झारखंड की मंत्री दीपिका पांडे सिंह का कहना है कि कल से ही कई दौर की बातचीत हो चुकी है... हमने मुख्यमंत्री को इस बारे में जानकारी दे दी है. मुझे यकीन है कि जल्द ही हम किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा, "छात्रों ने बहुत अच्छे सुझाव दिए हैं और अपनी जायज़ चिंताएं भी रखी हैं, और सरकार उन्हें हल करने के लिए तैयार है. हमें बस थोड़ा इंतज़ार करना चाहिए और देखना चाहिए कि आगे क्या होता है."
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