घर के टेबल या सेफ में कई बार छोटे-मोटे दस्तावेज पड़े रहते हैं. जब आप उसकी सफाई करते हैं तो आप उन दस्तावेजों को कचरा समझ कर डस्टबिन में फेंक देते हैं. आप उन्हें अकसर पुराने या छोटे-मोटे दस्तावेज या बेकार समझकर फेंक देते हैं. लेकिन कई बार यह छोटे-मोटे दस्तावेज भविष्य में बड़े काम आते हैं. क्योंकि ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती है. जब जरूरत पड़ती है तो याद आता है कि उसे तो फेक दिया और आप अफसोस करते हैं. चलिए आपको ऐसे ही छोटे लेकिन बड़े काम के दस्तावेज के बारे में बताते हैं, जिसे आप फेंक देते हैं.
काम आने वाले छोटे दस्तावेज जिसे बेकार समझकर फेंक देते हैं
बिजली और पानी का बिल
बिजली और पानी जैसे यूटिलिटी बिल को लोग बेकार समझ कर तुरंत फेंक देते हैं. लेकिन आपको बता दें यह एड्रेस का एक प्रमाण होता है. इसके अलावा पिछले भुगतान के विवाद को सुलझाने के लिए भी यह काम आते हैं. ऐसे में पानी-बिजली जैसे यूटिलिटी बिल को कम से कम 1 साल तक संभाल कर रखने चाहिए.
पर्चेज बिल और वारंटी कार्ड
जब लोग छोटे-मोटे समान खरीदते हैं तो इसकी रसीद यानी बिल को कूड़े में फेंक देते हैं. इसके साथ वारंटी कार्ड भी लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं. जबकि कई बार सामान का बिल ही वारंटी कार्ड के तौर पर काम आते हैं. जब आपको किसी कारण से वारंटी क्लेम करने या सामान एक्सचेंज या रिटर्न करने की जरूरत आती है तो आप परेशानी में फंस जाते हैं. आप बिल के बिना किसी तरह का क्लेम नहीं कर पाते हैं.
बैंक स्टेटमेंट और ATM की पर्ची
आप किसी से लेन-देन करते हैं या कोई बड़ा पेमेंट करते हैं तो लेन-देन के बाद ATM स्लिप या मंथली स्टेटमेंट लोग आसानी से फेंक देते हैं. जबकि यह टैक्स फाइलिंग या फिर किसी वित्तीय विवाद की जांच के समय यह काफी मददगार होते हैं. ऐसे में कोई बड़ी लेन-देन या पेमेंट से जुड़े स्टेटमेंट को संभाल कर रखना चाहिए.
वेतन पर्ची
सैलरी मिलने के बाद पुरानी वेतन पर्ची (Salary Slip) को लोग महत्व नहीं देते हैं और उसे फाड़ कर कूड़े में फेंक देते हैं. लेकिन कई बार नई नौकरी में लोन लेने या पिछली कंपनी के एक्सपिरियंस को प्रूफ करने के लिए यह काम आती है.
मेडिकल पर्ची और बिल
जब आप बीमार पड़ते हैं और डॉक्टर से इलाज करवाते हैं. वहीं इलाज खत्म होने के बाद डॉक्टर की पुरानी पर्चियां या दवाइयों के बिल लोग फेंक देते हैं. जबकि डॉक्टर की पुरानी पर्ची पुरानी बीमारी के इतिहास के रूप में जरूरी होता है. इतना ही नहीं डॉक्टर की पर्ची और दवाईयों के बिल बीमा क्लेम के समय सख्त जरूरत पड़ती है. वरना आप क्लेम को प्रूफ नहीं कर पाएंगे.
यह भी पढ़ेंः
क्या है भू-आधार? हर प्लॉट का होगा अपना 14 अंकों का यूनिक नंबर, बदल गया रजिस्ट्री का सिस्टम
क्या है ESIC? कौन करवा सकता है हेल्थ स्कीम में इलाज... आ गया नया नियम
EPF एडवांस निकालने का नियम बदला, EPFO ने बताया कब-कैसे और कितनी बार निकाल सकते हैं पैसे
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं