प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी जिनकी आय कम है, उनके लिए केंद्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा हेल्थ स्कीम चलाई जाती है. इस योजना का नाम कर्मचारी राज्य बीमा योजना यानी ESIC है. इससे कर्मचारियों और उनके परिवार के इलाज के खर्च का बोझ कम किया जाता है. ESIC योजना का फायदा प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों, फैक्ट्रियों और कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों को दिया जाता है. इसके लिए ESIC कार्ड जारी किया जाता है. अब इसमें नया नियम लागू किया गया है. जिसके तहत अब सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 142 के तहत ESIC पहचान पत्र में आधार सीडिंग करना अब जरूरी कर दिया गया है. यानी ESIC कार्ड को Aadhaar Card से लिंक करना होगा.
ESIC योजना में कर्मचारियों को मुफ्त इलाज और दवा का लाभ मिलता है. इसके लिए उन्हें ESIC डिस्पेंसरी या ESIC अस्पताल जाना होता है. कर्मचारी अपने ESIC कार्ड और कंपनी से लाए गए डॉक्यूमेंट के आधार पर रजिस्ट्रेशन करवा कर इलाज करवा सकते हैं और मुफ्त दवा भी ले सकते हैं.
ESIC क्या है और कैसे मिलता है फायदा?
ESIC केंद्र सरकार की हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है. यह योजना केवल प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए बनाई गई है. अगर कर्मचारियों की आकस्मिक दुर्घटना हो जाए तो इलाज के लिए ESIC के जरिए फायदा मिलता है. इसमें केवल कर्मचारियों का ही नहीं उनके परिवार को भी मेडिकल केयर का फायदा दिया जाता है. इस योजना का उद्देश्य मजदूरों और अस्थाई कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी इमरजेंसी में मदद करना है.
हालांकि यह सभी प्राइवेट कर्मचारियों के लिए नहीं है. नियम के तहत जिन कर्मचारियों का मासिक मूल वेतन 21000 रुपये तक है वह इस योजना के लिए पात्र होते हैं. हालांकि दिव्यांग कर्मचारियों को इसमें छूट दी जाती है और उनके लिए मूल वेतन सीमा 25,000 रुपये तय की गई है.
ESIC योजना के तहत बीमारी लाभ, मातृत्व लाभ, पेंशन लाभ, आश्रितजन लाभ, और अपंगता हित लाभ मिल सकता है. ESI के अस्पतालों में या उससे संबद्ध या रेफर किए गए बड़े अस्पतालों में भी इस योजना के तहत नि:शुल्क इलाज मिलता है.
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