दिल्ली में रहने वालों के लिए बुरी खबर है. अब अगले महीने यानी सितंबर महीने से ज्यादा बिजली बिल आने वाला है. इसका कारण यह है कि दिल्ली के बिजली रेगुलेटर DERC ने तीन बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को जून के लिए 7-8 प्रतिशत से ज़्यादा का अतिरिक्त 'फ्यूल एंड पावर परचेज़ एडजस्टमेंट सरचार्ज' (FPPAS) वसूलने की मंज़ूरी दी है, जिससे शहर में बिजली उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा. सबसे बड़ी बात यह है कि अतिरिक्त सरचार्ज पहले से तय 10 प्रतिशत FPPAS के अलावा होगा.
DERC की ओर से बताया गया है कि बिजली उपभोक्ताओं से अतिरिक्त सरचार्ज अगले बिलिंग साइकल में ही शामिल किया जाएगा. यानी सितंबर में मिलने वाली बिजली बिल में अतिरिक्त सरचार्ज को जोड़ा जाएगा. दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) अब हर महीने इस सरचार्ज में बदलाव करेगा.
क्यों लिया जा रहा अतिरिक्त सरचार्ज
बिजली वितरण कंपनियों - BRPL (BSES राजधानी पावर लिमिटेड), BYPL (BSES यमुना पावर लिमिटेड) और TPDDL (टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड) - ने अलग-अलग अर्जियों के ज़रिए राहत की मांग की थी. उनका तर्क था कि मंजूर की गई बेस पावर परचेज़ कॉस्ट (बिजली खरीद की मूल लागत) की तुलना में जून में बिजली खरीद की असल लागत काफी बढ़ गई थी.
राहत की मांग करते हुए, डिस्कॉम ने जून के लिए क्रमशः 31.64 प्रतिशत, 24.02 प्रतिशत और 23.71 प्रतिशत की दर से FPPAS का दावा किया था.
कितना बढ़ा सरचार्ज
कमीशन ने 10 अगस्त के अपने आदेश में कहा कि डिस्कॉम को जून के लिए क्रमशः 7.94 प्रतिशत (BRPL), 7.43 प्रतिशत (BYPL) और 8.50 प्रतिशत (TPDDL) का अतिरिक्त सरचार्ज वसूलने की मंज़ूरी दी जाएगी.
आदेश के अनुसार, कुल मिलाकर वसूलने की मंज़ूरी वाला FPPAS इस प्रकार है: BRPL के मामले में 17.94 प्रतिशत, BYPL के मामले में 17.43 प्रतिशत और TPDDL के मामले में 18.50 प्रतिशत.
DERC ने बताया क्यों अतिरिक्त चार्ज की दी गई मंजूरी
DERC के आदेश में आगे कहा गया है कि अतिरिक्त FPPAS की मंजूरी इसलिए दी गई है ताकि बिजली वितरण कंपनियां बिजली खरीद की लागत में हुई बढ़ोतरी का कम से कम उचित हिस्सा वसूल सकें. रेगुलेटरी कमीशन द्वारा तय किया जाने वाला FPPAS, ईंधन और बिजली खरीद की लागत में हुए बदलावों का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह सरचार्ज बिजली बिल के फिक्स्ड चार्ज और एनर्जी चार्ज (खपत की गई यूनिट) वाले हिस्सों का एक प्रतिशत होता है.
सब्सिडी लेने वालों को राहत
बताया जा रहा है कि अतिरिक्त सरचार्ज का बोझ उन लोगों पर नहीं पड़ेगा जो बिजली सब्सिडी योजना का फायदा लेते हैं. यानी ऐसे उपभोक्ता जो 200 यूनिट फ्री बिजली का लाभ लेते हैं उन्हें अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा. यानी जो लोग दिल्ली में 200 यूनिट बिजली तक इस्तेमाल करते हैं उन पर अतिरिक्त सरचार्ज का बोझ नहीं पड़ेगा उनका बिजली बिल शून्य ही रहेगा.
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