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ट्रेन में साइकिल लेकर चढ़ने से पहले जान लें ये नियम, वरना भरना पड़ सकता है भारी जुर्माना

ट्रेन में सफर के दौरान साइकिल साथ ले जाना चाहते हैं, तो जानिए भारतीय रेलवे के लगेज बुकिंग नियम, चार्जेस और यात्री बोगियों की शर्त, ताकि आपकी यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके. 

ट्रेन में साइकिल लेकर चढ़ने से पहले जान लें ये नियम, वरना भरना पड़ सकता है भारी जुर्माना
ट्रेन में साइकिल ले जाने के जरूरी नियम,
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Bicycle train parcel charges: भारतीय रेल (Indian Railway) में लंबी दूरी के सफर के दौरान अपने साथ साइकिल ले जा सकते हैं. हालांकि, इसके लिए भारतीय रेलवे के कुछ तय नियमों का पालन करना जरूरी होता है. अक्सर यात्री जल्दबाजी या सही जानकारी न होने की वजह से सीधे प्लेटफॉर्म पर साइकिल लेकर पहुंच जाते हैं, जिससे उन्हें ऐन मौके पर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. दरअसल, रेलवे यात्रियों (Train Passengers) को ट्रेन में अपने साथ सामान ले जाने की इजाजत तो है, लेकिन उसके लिए सही प्रक्रिया का पालन करना होता है. 

सामान्य बैग और सूटकेस की तरह साइकिल को फ्री लगेज अलाउंस के तहत ले जाने की इजाजत नहीं होती है. रेलवे के नियमों के मुताबिक, आप जो भी मुफ्त सामान का वजन अपने साथ कोच के अंदर ले जाते हैं, उसमें साइकिल शामिल नहीं है.

सामान्य बैग और सूटकेस की तरह साइकिल को फ्री लगेज अलाउंस के तहत ले जाने की अनुमति नहीं होती है. रेलवे के नियमों के मुताबिक, आप जो भी मुफ्त सामान का वजन अपने साथ कोच के अंदर ले जाते हैं, उसमें साइकिल शामिल नहीं है. चाहे आप स्लीपर क्लास में यात्रा कर रहे हों या एसी क्लास में, साइकिल को हमेशा एक अलग पार्सल या लगेज के रूप में गिना जाता है. इसलिए इसे साथ रखने के लिए अलग से शुल्क देना अनिवार्य है.

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साइकिल को लगेज के रूप में ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन

  • अपनी यात्रा की तारीख पर ट्रेन छूटने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले रेलवे स्टेशन के लगेज और पार्सल ऑफिस पहुंचे. 
  • वहां अपनी कंफर्म ट्रेन टिकट और एक वैलिड पहचान पत्र दिखाकर साइकिल की लगेज बुकिंग कराएं. 
  • इस दौरान निर्धारित पीस की पेमेंट करने के बाद आपको एक बुकिंग रसीद मिलेगी. 
  • इस रसीद को यात्रा खत्म होने तक संभालकर रखें, क्योंकि गंतव्य स्टेशन पर साइकिल छुड़ाने के लिए इसकी जरूरत होती है. 

बोगी नहीं, गार्ड के डिब्बे में जाती है साइकिल

  • क्या साइकिल को अपने साथ पैसेंजर डिब्बे में रखा जा सकता है? तो इसका जवाब है बिल्कुल नहीं.
  • बड़ी और पूरी साइकिल को ट्रेन के यात्री बोगी में ले जाना सख्त मना है.
  • बुकिंग के बाद आपकी साइकिल को ट्रेन के सबसे पिछले या अगले हिस्से में मौजूद ब्रेक-वैन में लोड किया जाता है.
  • अगर आपके पास फोल्डिंग साइकिल है, जो छोटे बैग में समा जाती है, तो उसे कुछ शर्तों के साथ केबिन में ले जाने की छूट मिल सकती है. 

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 बिना बुकिंग साइकिल ले जाने पर लग सकता है जुर्माना 

अगर आप बिना लगेज बुकिंग कराए साइकिल को सीधे ट्रेन के कोच में ले जाते हैं और इस दौरान प्लेटफॉर्म पर पकड़े जाते हैं, तो रेलवे चेकिंग स्टाफ आप पर भारी जुर्माना लगा सकता है. ऐसी स्थिति में लगेज चार्ज का कई गुना जुर्माना देना पड़ सकता है और आपकी साइकिल को जब्त भी किया जा सकता है. इसलिए बिना पर्ची कटवाए साइकिल के साथ सफर करने का जोखिम कभी न उठाएं. 

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