Viral Video: दुनियाभर में लोग अपनी नौकरियां जाने की चिंता में दुबले हो रहे हैं, लेकिन जरा ठहरिए. यहां तो खुद रोबोट्स की जिंदगी और 'जॉब' दोनों ही खतरे में हैं. अमेरिका की मशहूर ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने वाली कंपनी 'फिगर एआई' (Figure AI) ने हाल ही में कुछ ऐसा किया, जिसने सबको हैरान कर दिया. कंपनी ने अपने ही रोबोट्स की पूरी फ्लीट को खौलते हुए गर्म लोहे के लावा में कुदाकर खाक कर दिया.
आखिर क्यों आई रोबोट्स को मारने की नौबत?
कहानी फिगर एआई के दो साल पुराने 'F.02' रोबोटिक मॉडल की है, जिसने बीएमडब्ल्यू की फैक्ट्रियों में गाड़ियां बनाने का काम किया था. अब चूंकि नया मॉडल 'F.04' (या F.03) तैयार हो रहा था, तो पुराने मॉडल को रिटायर करना था. मुश्किल यह थी कि अगर इन रोबोट्स को ऐसे ही कबाड़ में फेंक दिया जाता, तो तकनीक और महंगे पार्ट्स चोरी होने का डर था. वहीं, एक-एक रोबोट को खोलकर डिस्मेंटल करने में स्किल्ड स्टाफ का काफी वक्त बर्बाद होता, जिससे नए मॉडल का काम लटक जाता.
'टर्मिनेटर' ने दिया अजीब आइडिया
परेशान होकर कंपनी CEO ब्रेट एडकॉक ने X पर लोगों से सलाह मांगी कि "इन रोबोट्स का खात्मा कैसे करें?" इस पर सबसे मजेदार और अजीब जवाब आया हॉलीवुड स्टार आर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर का, जिन्होंने अपनी कल्ट फिल्म 'टर्मिनेटर 2' में खुद को पिघलते लोहे में विलीन कर लिया था. आर्नोल्ड ने सीधे शब्दों में कहा- "इन्हें पिघला दो."
कंपनी को आइडिया पसंद आ गया. हालांकि, अमेरिका या मैक्सिको की किसी भी धातु भट्टी (फाउंड्री) ने लिथियम-आयन बैटरी वाले रोबोट्स को अपने महंगे उपकरणों में कुदाने की इजाजत नहीं दी. आखिरकार, फिगर AI को इन रोबोट्स को फिनलैंड की एक फाउंड्री में भेजना पड़ा.
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20 मिनट चला ड्रामा
रोबोट्स को बाकायदा ट्रेनिंग दी गई कि उन्हें खौलती भट्टी में कैसे कूदना है. फिनाले वाले दिन खुद आर्नोल्ड को न्योता दिया गया. 75 टन की धधकती इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस के ऊपर रोबोट्स ने ऑटो-मोड पर एक-एक कर छलांग लगानी शुरू की. इससे पहले कि लावा ठंडा होकर जम जाता, इस पूरे काम को सिर्फ 20 मिनट के अंदर अंजाम देना था. रोबोट्स पूरी सटीकता के साथ कूदते गए और खुद को राख में बदलते गए.
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खुद की जान लेने वाले रोबोट्स
यह पहली बार नहीं है जब रोबोट्स की मौत सुर्खियों में आई हो. इससे पहले 2017 में वॉशिंगटन डीसी में 'स्टीव' नाम का सिक्योरिटी रोबोट खुद एक फव्वारे में गिर गया था, जिसे लोगों ने खुद की जान लेने के तौर पर समझा था. वहीं, साल 2024 में दक्षिण कोरिया में एक सरकारी विभाग के एआई रोबोट को सीढ़ियों से नीचे गिरा हुआ पाया गया था. हालांकि, बाद में पता चला कि ये तकनीकी खामी थीं.
क्या इंसानों से बदला लेंगे रोबोट्स
रोबोट्स को दर्द का अहसास कराने के लिए वैज्ञानिक एआई पेन एक्सिस (Pain Axis) पर रिसर्च कर रहे हैं. हाल ही में एक इंजीनियर ने तो एआई टॉर्चर चैंबर तक बना डाला. डर इस बात का है कि आज हम इन्हें पिघला रहे हैं और टॉर्चर कर रहे हैं; कल को अगर इन मशीनों के पास सचमुच का इंसानी दिमाग आ गया, तो ये अपनी इस बेइज्जती और बर्बादी का बदला हमसे कैसे लेंगी?
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