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प्रॉपर्टी खरीदने से पहले ऐसे जानें डिजिटल रेटिंग, वरना धीमा इंटरनेट धंधा कर देगा चौपट

संपत्ति खरीदने या किराए पर लेने से पहले अब सिर्फ सार्वजनिक परिवहन, पार्क या स्कूल जैसी सुविधाएं ही नहीं, बल्कि मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की गुणवत्ता भी चेक की जा सकेगी. दरअसल, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. जानिए कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम, ग्राहकों को क्या होगा फायदा और भविष्य में कैसे तय होंगी प्रॉपर्टी की कीमतें.

प्रॉपर्टी खरीदने से पहले ऐसे जानें डिजिटल रेटिंग, वरना धीमा इंटरनेट धंधा कर देगा चौपट
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले पता चलेगी इंटरनेट और नेटवर्क की स्पीड.
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TRAI Digital Connectivity Rating Portal:  मकान या दुकान खरीदते और किराए पर लेते समय अक्सर यह समस्या सामने आती है कि इमारत के अंदर मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलता या इंटरनेट की स्पीड बेहद धीमी होती है. इस समस्या से निजात दिलाने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. इस पोर्टल पर रजिस्टर्ड एजेंसियों के जरिए मकान मालिक अपनी प्रॉपर्टी की डिजिटल रेटिंग करा सकेंगे. 

इस नई व्यवस्था के तहत किसी भी बिल्डिंग, सोसाइटी, मॉल, ऑफिस या दुकान की डिजिटल रेटिंग चेक की जा सकेगी. इससे ग्राहक संपत्ति खरीदने या किराए पर लेने से पहले यह जान सकेंगे कि वहां अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों का नेटवर्क कैसा काम करता है.

ऐसे काम करेगी डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग व्यवस्था

प्लेटफॉर्म पर डिजिटल कनेक्टिविटी की जांच और रेटिंग करने के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां (DCRAs) रजिस्टर्ड हैं. जहां मकान, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स या रेजिडेंशियल सोसाइटी के मालिक इस आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर रेटिंग के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके बाद प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर्ड एजेंसी बिल्डिंग में इन-बिल्डिंग कवरेज, वाई-फाई और फाइबर कनेक्टिविटी जैसे मापदंडों का परीक्षण कर रेटिंग सर्टिफिकेट जारी करेगी. ग्राहक और आम नागरिक इस प्लेटफॉर्म पर जाकर किसी भी रेटेड प्रॉपर्टी की डिजिटल रेटिंग रिपोर्ट और QR कोड वाला सर्टिफिकेट देख सकेंगे.

डिजिटल रेटिंग में इन बातों का रखा जाएगा ध्यान

TRAI के चेयरमैन अनिल कुमार लोहाटी के मुताबिक डिजिटल रेटिंग मुख्य रूप से कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर आधारित होगी.  इनमें इमारत के अंदर अलग-अलग टेलीकॉम ऑपरेटरों का नेटवर्क कवरेज और वॉयस कॉलिंग क्वालिटी कैसी है. बिल्डिंग में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और फाइबर कनेक्टिविटी की क्या व्यवस्था है. इसके अलावा, यह भी देखा जाएगा कि किसी परिसर में अलग-अलग कंपनियों के कनेक्शन एक समान काम करते हैं या नहीं, ताकि ऑफिस या घर में काम करने वाले सभी लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके. उन्होंने बताया कि रेटिंग की पूरी प्रक्रिया TRAI की सीधी देखरेख में होगी. अगर कोई एजेंसी गलत रेटिंग जारी करती है, या नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा.

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प्रॉपर्टी मार्केट और ग्राहकों पर क्या पड़ेगा प्रभाव

इन नई व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद ग्राहकों को बिना विजिट किए यह पता चल जाएगा कि किस बिल्डिंग में कॉल ड्रॉप की समस्या है या नहीं. TRAI के मुताबिक जिन मकानों या कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की डिजिटल रेटिंग अच्छी होगी, भविष्य में उनकी रीसेल और रेंटल वैल्यू में वृद्धि देखने को मिलेगी, लिहाजा अ बिल्डर्स और डेवलपर्स कंस्ट्रक्शन के दौरान ही बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देंगे.

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