किराए के मकान में रहते समय कई बार मकान मालिक और किरायेदार के बीच रेंट और डॉक्यूमेंट को लेकर विवाद खड़ा हो जाता है. चाहे बात सिक्योरिटी डिपॉजिट की हो, एडवांस किराए की या फिर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की, ऐसे में किरायेदारों के पास क्या अधिकार है इसे जानना बेहद जरूरी है. साथ ही यह भी जानना आवश्यक है कि इस तरह की स्थितियों में कानून और नियम क्या कहते हैं. इस मामले में एक्सपर्ट ने भी बताया कि हमें क्या करना जरूरी होता है.
मकान मालिक सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस न दे तो क्या करें?
वरुण दीक्षित, दिल्ली हाईकोर्ट अधिवक्ता ने बताया कि मकान खाली करते समय मकान मालिक आपका सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने से मना कर देता है या उसमें से गलत कटौती करता है, तो आप क्या कदम उठा सकते हैं. उन्होंने बताया कि सबसे पहले आपको रेंट एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ना चाहिए. उसमें सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने की समय सीमा और कटौती से जुड़े नियम स्पष्ट रूप से लिखे होते हैं.
आपको मकान मालिक से शांतिपूर्वक बात करनी चाहिए. अगर वह फिर भी डिपॉजिट राशि न लौटाए, तो आप उसे लीगल नोटिस भेज सकते हैं. जिसमें तय समय सीमा के अंदर पैसे वापस करने की मांग की जाए.
अगर उस राज्य में मॉडल टीनेन्सी एक्ट या स्थानीय किराया नियंत्रण कानून लागू है, तो आप रेंट ट्रिब्यूनल या रेंट कंट्रोलर के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा, उपभोक्ता अदालत या सिविल कोर्ट में भी मामले की शिकायत कर सकते हैं.
मकान मालिक किरायेदार से कितने महीने का सिक्योरिटी डिपॉजिट मांग सकता है?
अधिवक्ता वरुण दीक्षित ने बताया कि मॉडल टीनेन्सी एक्ट, 2021 (Model Tenancy Act, 2021) के मुताबिक, आवासीय संपत्ति के लिए मकान मालिक अधिकतम 2 महीने का किराया ही सिक्योरिटी डिपॉजिट या एडवांस के रूप में मांग सकता है. जबकि कमर्शियल संपत्ति के लिए यह सीमा अधिकतम 6 महीने के किराए तक की गई है.
बता दें, मॉडल टीनेन्सी एक्ट एक आदर्श कानून है, जो तभी लागू होता है जब राज्य सरकार इसे अपने राज्य में लागू करती है. दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और पुणे जैसे बड़े शहरों में स्थानीय परंपराओं और मकान मालिक के मोलभाव के आधार पर 2 महीने से लेकर 6 महीने तक का सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगा जाता है.
क्या मकान मालिक आपसे सैलरी स्लिप मांग सकता है?
कानूनी रूप से मॉडल टीनेन्सी एक्ट के तहत किरायेदार के लिए सैलरी स्लिप, फॉर्म-16 या बैंक स्टेटमेंट देना अनिवार्य नहीं है. हालांकि, मकान मालिक अपनी संतुष्टि के लिए आपकी वित्तीय क्षमता जांचने के लिए इसकी मांग कर सकता है. हालांकि यह पूरी तरह से आपसी सहमति और कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भर करता है. अगर किरायेदार इन्हें देने से मना करता है, तो मकान मालिक भी मकान किराए पर देने से मना कर सकता है.
क्या मकान मालिक आपसे पहचान पत्र मांग सकता है?
मकान मालिक किरायेदार की पहचान और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के लिए पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, एम्प्लॉयमेंट आईडी, पुराने मकानमालिक के रेफरेंस या पुलिस वेरिफिकेशन डिटेल्स जैसी जानकारियां मांग सकता है.
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