सितंबर का महीना खत्म होने वाला है और अब अक्टूबर का महीना शुरू होने वाला है. वहीं अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही बैंक से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होने वाले हैं, जो आम से खास सभी लोगों के पॉकेट पर असर डालने वाला है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और सरकार की ओर से कुछ नियम लागू किये जा रहे हैं, जिससे बैंकिंग सिस्टम में बदलाव होंगे. 1 अक्टूबर से RBI और प्रमुख बैंकों के नियमों में कई अहम बदलाव होने जा रहे हैं.
बैंक अकाउंट होल्डर हो या निवेश करने वाले इंवेस्टर सभी को बैंक से जुड़े बदलने वाले नियम जान लेने चाहिए. जिससे आपको नियम लागू होने के बाद होने वाली किसी भी तरह की परेशानी के बारे में पता होगा. चलिए आपको इसके बारे में बताते हैं.
बैंकों का FD दर अब एक समान होगा
RBI ने FD को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बैकों को लिक्वडिटी रिस्क के आधार पर ब्याज दरें तय करने की छूट देने के नियमों में बदलाव किया है. इसमें ब्लक एफडी की नई सीमा अब 2 करोड़ रुपये के बजाए 3 करोड़ और उससे अधिक की FD को बल्क डिपॉजिट माना जाएगा. आम ग्राहकों के लिए बैंक अपनी सभी शाखाओं में एकसमान ब्याज दरें लागू रखेगी. बैंक एक ही दिन में समान राशि और अवधि वाली FD पर ग्राहकों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं कर सकेगी.
वहीं सभी कमर्शियल और छोटे फाइनेंस बैकों को हर बिजनेस डे की सुबह 10 बजे अपनी बल्क FD दरों को बैंक की वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपडेट करना होगा.
SBI के BSBD अकाउंट पर शुल्क
SBI के BSBD अकाउंट होल्डर 1 अक्टूबर से महीने में केवल 4 बार मुफ्त नकद निकासी कर सकेंगे. 5वीं या उससे अधिक बार पैसे निकालने पर हर ट्रांजैक्शन पर 15 रुपये + GST का चार्ज देना होगा. यह नियम एटीएम, बैंक शाखा (Branch), और आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) जैसी सभी नकद निकासियों पर लागू होगा
SBI के सैलरी अकाउंट से वसूला जाएगा शुल्क
SBI ने सैलरी अकाउंट होल्डर से 1 अक्टूबर से ATM निकासी पर शुल्क लेगा. दूसरे बैकों के ATM से मिलने वाली मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा को 10 से घटाकर 5 कर दिया जाएगा. इस 5 ट्रांजैक्शन में वित्तीय और गैर वित्तीय लेने देन यानी पैसे निकालना और बैलेंस चेक करना दोनों तरह के लेन देन शामिल होंगे. हालांकि SBI ने अपनी ATM पर सैलरी अकाउंट होल्डर से ट्रांजैक्शन करने की सीमा को असीमित और पूरी तरह से मुफ्त रखा है.
बैंक में सब्सिडी आने का नियम बदलेगा
LPG गैसे उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से बैंक अकाउंट में सब्सिडी आने का नियम बदलेगा. क्योंकि अब गैस की सब्सिडी पाने के लिए 1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (BAA) अनिवार्य कर दिया गया है. अगर उपभोक्ता BAA की प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं तो बैंक में सब्सिडी का पैसा नहीं भेजा जाएगा. वहीं वेरिफिकेशन होने के बाद गैस के सब्सिडी का पैसा अकाउंट में आएगा.
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