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महंगे किराए से मिलेगी राहत, सरकार दे रही सस्ते रेंट पर घर, जानें कौन उठा सकता है फायदा और कैसे मिलता है मकान

अपना घर छोड़कर बड़े शहरों में काम की तलाश में आने वाले लाखों लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या सस्ते और अच्छे किराए के घर की होती है. इस स्थिति में केंद्र सरकार की अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (ARHC) योजना आपके बड़े काम की साबित हो सकती है. आइए जानते हैं इसके बारे में-

महंगे किराए से मिलेगी राहत, सरकार दे रही सस्ते रेंट पर घर, जानें कौन उठा सकता है फायदा और कैसे मिलता है मकान
कम बजट में मिलेगा अच्छा किराए पर घर, जानें ARHC योजना की पूरी डिटेल
(P.C- NDTV)

बड़े शहरों में किराए पर अच्छा घर ढूंढना आज भी लाखों लोगों के लिए बड़ी चुनौती है. नौकरी या काम की तलाश में दूसरे शहर आने वाले लोगों को अक्सर अपने बजट के हिसाब से घर नहीं मिल पाता है. ऐसे में मजबूरी में कई लोग छोटे कमरों में ज्यादा किराया देकर रहते हैं, जबकि कुछ लोगों को खराब सुविधाओं वाले मकानों में गुजारा करना पड़ता है. अगर आप भी इन्हीं लोगों में से एक हैं. यानी आप काम, पढ़ाई या रोजगार के लिए अपने शहर से दूर रह रहे हैं और महंगे किराए से परेशान हैं, तो केंद्र सरकार की अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स (ARHC) योजना आपके लिए मददगार साबित हो सकती है. इस योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को सस्ते किराए पर घर उपलब्ध कराए जाते हैं.

क्या है ARHC योजना?

ARHC यानी Affordable Rental Housing Complexes केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसका मकसद शहरों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों और प्रवासी मजदूरों को कम किराए पर बेहतर आवास उपलब्ध कराना है. यह योजना जुलाई 2020 में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) के तहत शुरू की गई थी. कोविड-19 महामारी के दौरान बड़ी संख्या में मजदूरों के अपने गांव लौटने के बाद सरकार ने महसूस किया कि शहरों में सस्ते किराए के घरों की जरूरत है. इसी के बाद यह योजना शुरू की गई.

कौन उठा सकता है योजना का फायदा?

यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के लोगों के लिए है. इसके तहत दिहाड़ी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर, रिक्शा चालक, फैक्ट्री और इंडस्ट्रियल वर्कर्स, छात्र और काम की तलाश में शहरों में आने वाले अन्य लोग लाभ उठा सकते हैं.

इसके अलावा, PMAY-U के ऐसे लाभार्थी भी आवेदन कर सकते हैं जो दूसरे शहर में रहकर काम कर रहे हैं और उस शहर में उनके नाम पर PMAY का घर नहीं है.

कैसे काम करती है योजना?
  • यह योजना दो मॉडल पर काम करती है. पहले मॉडल में सरकार द्वारा पहले से बने लेकिन खाली पड़े घरों को किराए के मकानों में बदला जाता है. निजी एजेंसियां इन घरों की मरम्मत कर पात्र लोगों को किराए पर देती हैं.
  • दूसरे मॉडल में सरकारी या निजी संस्थाएं अपनी खाली जमीन पर नए किराए के घर बनाती हैं.
किराया और आवंटन कैसे होगा?

पहले मॉडल में किराया स्थानीय निकाय बाजार सर्वे के आधार पर तय करता है, जबकि दूसरे मॉडल में निर्माण करने वाली संस्था किराया तय करती है. किराए में हर दो साल में अधिकतम 8 फीसदी की बढ़ोतरी की जा सकती है, लेकिन पांच साल में कुल बढ़ोतरी 20 फीसदी से ज्यादा नहीं होगी. आवेदन के लिए आधार कार्ड या कोई अन्य सरकारी पहचान पत्र जरूरी है.

घरों के आवंटन में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), विधवा महिलाओं, कामकाजी महिलाओं, दिव्यांगजन, अल्पसंख्यकों और ट्रांसजेंडर समुदाय को प्राथमिकता दी जाती है, बशर्ते वे EWS या LIG श्रेणी में आते हों.

कहां और कैसे करें आवेदन?

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो ARHC की आधिकारिक वेबसाइट https://arhc.mohua.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. यहां आपको योजना से जुड़ी पूरी जानकारी मिल जाएगी.

ऐसे में अगर आप शहर में रहकर काम करते हैं और हर महीने बढ़ते किराए से परेशान हैं, तो ARHC योजना आपके लिए राहत का बड़ा जरिया बन सकती है. 

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