Delhi News: दिल्ली सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 1511 अनधिकृत (कच्ची) कॉलोनियों को 'जैसा है, जहां है' (as-is where-is) आधार पर नियमित करने की घोषणा की है. इस फैसले से लगभग 45 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा. सालों से अपने घरों में रहने के बावजूद जिन लोगों के पास कानूनी मालिकाना हक नहीं था, अब उन्हें अधिकार और सम्मान दोनों मिलेगा. साथ ही यह कदम शहर के विकास को भी नई दिशा देगा.
नियमितीकरण का मतलब क्या है?
अब तक इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के पास अपने घरों का पूरा कानूनी अधिकार नहीं था. लेकिन इस फैसले के बाद लोग अपनी प्रॉपर्टी रजिस्टर करा सकेंगे. इससे वे अपने घर में निर्माण, सुधार या पुनर्निर्माण (Redevelopment) आसानी से कर पाएंगे और बैंक से लोन लेने में भी सहूलियत होगी.
क्या होता है 'जैसा है, जहां है' आधार?इसका मतलब है कि कॉलोनियों में जो निर्माण पहले से मौजूद है, उसे बिना किसी बड़े बदलाव के स्वीकार कर लिया जाएगा. यानी लोगों को अपने घर तोड़ने या नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी. मौजूदा स्थिति में ही कॉलोनियों को कानूनी मान्यता मिल जाएगी.
आवेदन प्रक्रिया (Application Process)सरकार ने आवेदन की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है.
- 24 अप्रैल 2026 से आवेदन शुरू होंगे. इसके लिए लोगों को MCD के SWAGAM पोर्टल पर लॉगिन करना होगा.
- अपनी कॉलोनी चुनकर PM-UDAY Case ID डालनी होगी.
- इसके बाद आवेदन फॉर्म भरना होगा.
सरकार ने प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए तय समयसीमा भी रखी है.
- आवेदन के बाद 7 दिन में GIS सर्वे होगा.
- 15 दिन के अंदर गलतियों को ठीक करने का मौका मिलेगा.
- इसके बाद 45 दिन के अंदर Conveyance Deed / Authorisation Slip जारी कर दी जाएगी.
45 lakh+ Delhi residents are now rightful owners.
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 7, 2026
1511 colonies stand regularised.
This is how, under the leadership of Hon'ble Prime Minister Shri @narendramodi Ji, we are turning long-pending realities into rightful ownership and dignity for every family.#ViksitDelhi pic.twitter.com/51TeyNs0Ap
1511 कॉलोनियों को नियमित करने की पूरी प्रक्रिया के लिए समय-सीमा भी निर्धारित कर दी गई है।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) April 7, 2026
7 दिनों में GIS सर्वे की रिपोर्ट देनी होगी
15 दिनों के भीतर आवेदन में कमी (Deficiency) होने पर उसका समाधान ज्ञापन जारी करना होगा
45 दिनों के भीतर Conveyance Deed जारी करना अनिवार्य होगा।… pic.twitter.com/1KLBJag5KD
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नियमितीकरण की मुख्य शर्तें- सभी प्लॉट और मकान को आवासीय माना जाएगा.
- 20 वर्ग मीटर तक की छोटी दुकानों को भी मंजूरी मिलेगी.
- खाली जमीन का सर्वे कर वहां सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
- पुनर्निर्माण के समय सड़क और अन्य सुविधाओं के लिए कुछ जमीन देनी पड़ सकती है.
- अगर निर्माण तय सीमा (FAR) से ज्यादा है तो जुर्माना देना पड़ सकता है.
बता दें कि यह पूरी प्रक्रिया PM-UDAY योजना के तहत की जा रही है, जिसे 2019 में शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक देना है. 1731 कॉलोनियों में से 1511 को इस योजना में शामिल किया गया है, जबकि कुछ कॉलोनियां पर्यावरण और सुरक्षा कारणों से बाहर रखी गई हैं.
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