अपना घर खरीदना हर किसी का सपना होता है. वहीं, अगर आप दिल्ली में घर खरीदना चाहते हैं और इसके लिए DDA की हाउसिंग स्कीम का इंतजार कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद काम की है. गौरतलब है कि DDA समय-समय पर अलग-अलग आय वर्ग के लोगों के लिए फ्लैट लॉन्च करता है. ऐसे में आवेदन करने से पहले यह जानना जरूरी है कि फ्लैट का अलॉटमेंट कैसे होता है, कौन आवेदन कर सकता है और इसके लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है. यहां हम आपको ऐसे ही कुछ जरूरी सवालों के जवाब दे रहे हैं.
क्या है DDA और कैसे मिलते हैं फ्लैट?
DDA यानी दिल्ली विकास प्राधिकरण राजधानी में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं का विकास करता है. इसके तहत नागरिक आवास योजना, टावरिंग हाइट्स स्कीम और जनता आवास योजना जैसी कई हाउसिंग योजनाएं चलाई जाती हैं. फ्लैटों का निर्माण पूरा होने के बाद DDA अलग-अलग आय वर्गों जैसे HIG (हाई इनकम ग्रुप) और MIG (मिडिल इनकम ग्रुप) के लिए उन्हें उपलब्ध कराता है. इसके लिए सार्वजनिक नोटिस जारी कर आवेदन मांगे जाते हैं.
कैसे होता है फ्लैट का अलॉटमेंट?लोगों के आवेदन करने के बाद DDA सभी आवेदनों की जांच करता है. पात्रता की पुष्टि होने के बाद कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ यानी लॉटरी सिस्टम के जरिए फ्लैटों का अलॉटमेंट किया जाता है. यह पूरा प्रोसेस पारदर्शी तरीके से किया जाता है.
हर हाउसिंग स्कीम के साथ एक ब्रोशर जारी किया जाता है, जिसमें स्कीम से जुड़ी सभी शर्तें, कीमत, पात्रता, आवेदन का प्रोसेस और अन्य जरूरी जानकारी दी जाती है.
आवेदन करने के लिए कौन पात्र है?DDA की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार,
- DDA फ्लैट के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए.
- आवेदन की अंतिम तारीख तक उसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी जरूरी है.
- आवेदक के पास वैध पैन कार्ड और किसी बैंक में बचत खाता होना चाहिए. आवेदन फॉर्म में उसी बैंक खाते की जानकारी देनी होती है.
- इसके अलावा आवेदक पर दिल्ली में संपत्ति रखने से जुड़ी कोई कानूनी रोक नहीं होनी चाहिए.
SC/ST, दिव्यांगजन, पूर्व सैनिक, युद्ध विधवा और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए अलग-अलग नियम लागू होते हैं. अगर कोई संयुक्त आवेदन करता है, तो सह-आवेदक परिवार का सदस्य होना चाहिए. परिवार में माता-पिता, पति-पत्नी, रक्त संबंधी और आश्रित अविवाहित बच्चे शामिल माने जाते हैं.
दस्तावेज खो जाएं तो क्या करें?अगर DDA फ्लैट से जुड़े मूल दस्तावेज खो जाते हैं, तो संबंधित हाउसिंग शाखा के उप निदेशक को आवेदन देना होता है. इसके साथ एफआईआर की कॉपी, पहचान पत्र, शपथ पत्र, इंडेम्निटी बॉन्ड और अखबार में प्रकाशित गुमशुदगी सूचना की प्रति जमा करनी होती है.
गौरतलब है कि DDA की हाउसिंग योजनाएं दिल्ली में घर खरीदने का भरोसेमंद ऑप्शन मानी जाती हैं. इसलिए आवेदन करने से पहले पात्रता, दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया को अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है. सही जानकारी होने पर आवेदन प्रक्रिया आसान हो जाती है और किसी तरह की परेशानी या आवेदन रिजेक्ट होने की संभावना भी कम हो जाती है.
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